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Air India विमान हादसे के बाद DGCA का बड़ा फैसला: बोइंग 787 विमानों की जांच अनिवार्य
DGCA और केंद्र सरकार द्वारा बोइंग 787 विमानों की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं. विमानन सुरक्षा सुधारने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
गुरुवार को अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को गहरे शोक और चिंता में डाल दिया है. इस त्रासदी ने न केवल मानवीय संवेदना को झकझोरा है, बल्कि भारत की विमानन सुरक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं. हादसे के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई, जबकि जांच एजेंसियों ने 28 घंटे के भीतर ब्लैक बॉक्स बरामद कर जांच प्रक्रिया तेज कर दी है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया के सभी बोइंग 787 विमानों की व्यापक तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं.
जांच में तेजी
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने दुर्घटना के 28 घंटे के भीतर कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिया है. नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने इसे “जांच के लिए अहम कदम” बताया.
बोइंग 787 विमानों की तत्काल सुरक्षा जांच
घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया को अपने सभी बोइंग 787-8 और 787-9 विमानों की तत्काल गहन जांच के आदेश दिए हैं. एयर इंडिया के बेड़े में इस प्रकार के 34 विमान हैं, जिन्हें ड्रीमलाइनर कहा जाता है. इनमें जनरल इलेक्ट्रिक के GEnx इंजन लगे हैं. रविवार से शुरू होने वाली इस जांच के अंतर्गत निम्नलिखित प्रणालियों की विशेष जांच की जाएगी:
- फ्यूल पैरामीटर मॉनिटरिंग सिस्टम
- कैबिन एयर कंप्रेसर
- इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल यूनिट (EECU)
- इंजन फ्यूल ड्रिवन एक्चुएटर और ऑयल सिस्टम
इन जांचों का उद्देश्य इंजन में ईंधन प्रवाह, दबाव संतुलन, तापमान नियंत्रण और इंजन की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करना है.
हर उड़ान से पहले अनिवार्य जांच के निर्देश
DGCA ने निर्देश दिया है कि हर अंतरराष्ट्रीय उड़ान से पहले विस्तृत प्री-फ्लाइट चेक किया जाए. इसके अंतर्गत शामिल हैं:
-हाइड्रोलिक सिस्टम की जांच (लैंडिंग गियर, ब्रेकिंग सिस्टम)
- फ्लाइट कंट्रोल सरफेस (फ्लैप, रडर्स) की कार्यशीलता जांच
- इंजन परफॉर्मेंस, वज़न आकलन और पर्यावरणीय प्रभावों की समीक्षा
इसके अलावा, हर ट्रांजिट जांच में फ्लाइट कंट्रोल चेक शामिल करना अनिवार्य किया गया है.
दो सप्ताह में पावर एश्योरेंस चेक जरूरी
DGCA ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी इंजन अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं. इसके लिए पावर एश्योरेंस चेक दो सप्ताह के भीतर पूरे किए जाने चाहिए. साथ ही, एयर इंडिया को पिछले 15 दिनों में रिपोर्ट की गई बार-बार की तकनीकी खामियों को प्राथमिकता से ठीक करने का आदेश दिया गया है. सभी जांच रिपोर्टें समीक्षा के लिए DGCA को भेजनी होंगी और इसके लिए क्षेत्रीय कार्यालयों को अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रधानमंत्री मोदी का भावुक संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने दुर्घटना स्थल पर कहा, “हम सभी अहमदाबाद में हुए विमान हादसे से दुखी हैं. इस तरह अचानक इतनी जानों के जाने का दुख शब्दों से परे है.” उन्होंने घायल यात्रियों, विशेष रूप से इकलौते बचे विमान सवार से भी मुलाकात की और उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया. पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा “विजय भाई एक विनम्र और मेहनती व्यक्ति थे. यह कल्पना करना भी मुश्किल है कि वह हमारे बीच नहीं हैं.”
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ी निगरानी
हादसे के बाद जापान ने भी अपने बोइंग 787 विमानों की विशेष निगरानी शुरू कर दी है. जापान के परिवहन मंत्रालय ने Nippon Airways, Japan Airlines और ZipAir Tokyo को विशेष जांच करने के निर्देश दिए हैं. हालांकि फिलहाल उड़ानों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. अमेरिकी परिवहन मंत्री सीन डफी ने कहा कि अभी बोइंग 787 के उड़ान संचालन पर प्रतिबंध लगाना “अपरिपक्व कदम” होगा.
हादसे का शिकार विमान: एयर इंडिया के बेड़े का हिस्सा
एविएशन फर्म Cirium के अनुसार, हादसे का शिकार बोइंग 787-8 विमान दिसंबर 2013 में पहली बार उड़ान पर गया था और जनवरी 2014 में एयर इंडिया को सौंपा गया. यह विमान 2024 में 700 उड़ानों पर गया था, जो इस श्रेणी के विमान के लिए सामान्य है. एयर इंडिया के बेड़े में कुल 190 विमान हैं, जिनकी औसत आयु 8.4 वर्ष है, जबकि वैश्विक औसत 7.5 वर्ष है.
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