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धारावी के बाद, Adani Group को मिला मोतीलाल नगर प्रोजेक्ट, ₹36,000 करोड़ आएगी लागत
अडानी समूह इस परियोजना के लिए सबसे अधिक बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है. इसने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एलएंडटी के मुकाबले अधिक निर्मित क्षेत्र की पेशकश की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
एशिया के दूसरे सबसे अमीर कारोबारी गौतम अडानी अब रियल एस्टेट में भी बादशाहत हासिल करने की ओर बढ़ चले हैं. इसके लिए उन्होंने रियल एस्टेट के बड़े-बड़े प्रोजेक्ट हासिल करने भी शुरू कर दिए हैं. अभी उनका पूरा फोकस पूरी तरह से मुंबई में दिखाई दे रहा है. पहले उन्होंने एशिया के सबसे बड़े स्लम धारावी के प्रोजेक्ट को हासिल किया जो कि लाखों करोड़ रुपए का है. अब उनके हाथ में मुंबई का एक और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट हाथ में आ गया है. ये प्रोजेक्ट 36 हजार करोड़ रुपए का है. ये प्रोजेक्ट मुंबई के गोरेगांव वेस्ट में मौजूद है.
143 एकड़ में फैला है यह इलाका
मुंबई में धारावी झुग्गी पुनर्विकास परियोजना से जुड़े अडानी समूह ने अब मोतीलाल नगर के पुनर्विकास के लिए 36,000 करोड़ रुपये की सर्वाधिक बोली लगाई है. मोतीलाल नगर-1, 2 और 3 मुंबई की सबसे बड़ी आवास पुनर्विकास परियोजनाओं में से एक है. यह उपनगरीय इलाके गोरेगांव (पश्चिम) में 143 एकड़ में फैली हुई है. अडानी समूह की कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड (एपीपीएल) इस परियोजना के लिए सबसे अधिक बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है. इसने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एलएंडटी के मुकाबले अधिक निर्मित क्षेत्र की पेशकश की है.
7 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
सूत्रों के मुताबिक, अडानी ग्रुप मोतीलाल नगर को आधुनिक फ्लैट वाले इलाके में बदलने की कोशिश करेगा. मोतीलाल नगर के पुनर्विकास की कुल अनुमानित लागत लगभग 36,000 करोड़ रुपए है, और पुनर्वास अवधि परियोजना की शुरुआत/आरंभ तिथि से सात साल है. मोतीलाल नगर पुनर्विकास के लिए निविदा शर्तों के तहत सीएंडडीए को 3.83 लाख वर्ग मीटर का आवासीय क्षेत्र सौंपने का प्रावधान है. हालांकि अदाणी समूह की कंपनी ने म्हाडा को 3.97 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र सौंपने पर सहमति जताते हुए बोली जीती है.
सरकार ने इसे एक ‘विशेष परियोजना’ घोषित किया
मुंबई उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह ही महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) को किसी निर्माण एवं विकास एजेंसी (सीएंडडीए) के जरिये मोतीलाल नगर का पुनर्विकास करने की अनुमति दी थी. राज्य सरकार ने इसे एक ‘विशेष परियोजना’ घोषित किया है. म्हाडा का इस पर नियंत्रण बना हुआ है लेकिन उसने काम पूरा करने के लिए आवश्यक क्षमता न होने पर सीएंडडीए के जरिये काम कराने का फैसला किया है. अडानी समूह मोतीलाल नगर को आधुनिक फ्लैट वाले इलाके में बदलने की कोशिश करेगा. मोतीलाल नगर के पुनर्विकास की कुल अनुमानित लागत लगभग 36,000 करोड़ रुपये है, और पुनर्वास अवधि परियोजना की शुरुआत/आरंभ तिथि से सात साल है.
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