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सीमेंट से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी के बाद अब Adani इस सेक्टर में लेंगे एंट्री, खर्च करेंगे 42 हजार करोड़
सीमेंट, मीडिया और फिर रिन्युएबल एनर्जी के बाद गौतम अडानी एक और सेक्टर में कदम एंट्री करने जा रहे हैं. उन्होंने अगले 5 साल में 42 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की पूरी प्लानिंग भी कर ली है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
एशिया के दूसरे सबसे अमीर बिजनेसमैन व अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी एक नए सेक्टर में एंट्री करने जा रहे हैं. बता दें, बीते कुछ सालों में गौतम अडानी ने अपने कारोबार को काफी आगे बढ़ा लिया है. गौतम अडानी सीमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी से लेकर मीडिया जगत तक अलग-अलग सेक्टर में अपना लोहा मनवा चुके हैं. उन्हें हर जगह काफी सफलता हासिल हुई है, ऐसे में अब इस नए सेक्टर में उनकी आने से कई दिग्गज खिलाड़ियों की परेशानी भी बढ़ सकती है. तो आइए जानते हैं आखिर अडानी अब किस सेक्टर में एंट्री करने जा रहे हैं?
यहां निवेश करेंगे अडानी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गौतम अडानी आने वाले तीन से पांच सालों में 5 अरब डॉलर यानी 42 हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ भारतीय मेटल इंडस्ट्री में प्रवेश करने जा रहे हैं. ग्रुप का प्राकृतिक संसाधन प्रभाग तांबे, लोहा और इस्पात और एल्यूमीनियम की माइनिंग, रिफाइंड और प्रोडक्शन में निवेश करेगा. समूह द्वारा तांबे के उत्पादन में 2 बिलियन डॉलर और दूसरे मेटल्स में 3 मेटल इंडस्ट्री में अडानी के प्रवेश से नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन, बंदरगाह और बुनियादी ढांचे सहित समूह के अन्य व्यवसायों को भी लाभ होगा. ग्रुप के ग्रीन एनर्जी बिजनेस के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि उसके पास स्वयं की एल्यूमीनियम है, जो ग्रुप के एनर्जी प्रोडक्शन कॉस्ट और दूसरों की तुलना में बेहतर बिक्री मार्जिन प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
इन दिग्गज खिलाड़ियों को देंगे टक्कर
अडानी को अब बाजार में मेटल इंडस्ट्री के मौजूदा खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा, जिसमें अनिल अग्रवाल प्रमोटिड वेदांता, आदित्य बिड़ला ग्रुप की हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और टाटा ग्रुप शामिल हैं. टाटा स्टील दुनिया के सबसे बड़ी स्टील मेकर्स में से एक है.एक रिपोर्ट के अनुसार टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील 2,04,292 करोड़ रुपये और 2,11,648 करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ इस सेक्टर के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं. जबकि मौजूदा कंपनियों के पास एक मजबूत मार्केट बेस है, संसाधनों की कोई कमी ना होने के कारण अदानी ग्रुप इस इंडस्ट्री के पुराने खिलाड़ियों को चुनौती दे सकता है.
इसलिए मेटल में एंड्री कर रहे अडानी
भारत की आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण देश में सामाजिक और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे की आवश्यकता बढ़ रही है. इसके अतिरिक्त, भारत की जनसंख्या वृद्धि ने रियल एस्टेट, विशेषकर आवासीय की मांग में वृद्धि की है. रियल एस्टेट सलाहकार क्रेडाई और कोलियर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रियल एस्टेट सेक्टर के 2021 में 0.2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ने का अनुमान है. बता दें, सीमेंट, बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए आवश्यक एक प्रमुख सामग्री, एक अन्य प्रमुख सेक्टर है जहां अडानी ने दो साल पहले एंट्री की थी. 2022 में, समूह ने 6.6 बिलियन डॉलर में अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी का अधिग्रहण करके सीमेंट इंडस्ट्री में एंट्री की.
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