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Adani Group का शानदार प्रदर्शन, पिछले 12 महीने का EBITDA 10% बढ़कर ₹86,789 करोड़ पहुंचा
अडानी पोर्टफोलियो (Adani Portfolio) ने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (Q3FY25) में अब तक का सबसे हाई EBITDA हासिल किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अडानी ग्रुप ने Q3FY25 की अपनी फाइनेंशियल रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रुप ने पिछले 12 महीनों (TTM) में रिकॉर्ड 86,789 करोड़ रुपये का EBITDA हासिल किया है, जो पिछले साल की तुलना में 10.1 फीसदी की बढ़ोतरी दिखाता है. अडानी ग्रुप ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि वह एक बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) की तैयारी कर रहा है, जो FY20 से FY22 के बीच हुई उसकी तेज ग्रोथ जैसा होगा. यह कदम ग्रुप के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को और मजबूत करेगा.
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ने दिखाई ताकत
अडानी ग्रुप की आर्थिक सफलता का मुख्य कारण उसके कोर इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस हैं, जिसमें यूटिलिटीज, ट्रांसपोर्ट और अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) के तहत नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. इन सेगमेंट्स ने कुल EBITDA का 84 फीसदी योगदान दिया है. Q3FY25 में पोर्टफोलियो EBITDA 17.2 फीसदी बढ़कर 22,823 करोड़ रुपये हो गया, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ने अकेले 72,795 करोड़ रुपये का EBITDA जनरेट किया, जो पिछले साल की तुलना में 10 फीसदी अधिक है.
आर्थिक रूप से मजबूत है अडानी ग्रुप
अडानी ग्रुप का बैलेंस शीट और लिक्विडिटी पोजिशन काफी मजबूत है. 30 सितंबर 2024 तक, कंपनी के पास 53,024 करोड़ रुपये का कैश बैलेंस था, जो अगले 12 महीनों के लिए उसके डेट सर्विसिंग ऑब्लिगेशन्स को कवर करने के लिए पर्याप्त है. ग्रुप की एसेट बेस 5.53 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो FY24 से 75,277 करोड़ रुपये अधिक है. इसके साथ ही, नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो 2.46x पर हेल्दी बना हुआ है.
अडानी एंटरप्राइजेज (AEL) और अडानी न्यू इंडस्ट्रीज (ANIL) का शानदार प्रदर्शन
AEL, जो ग्रुप की ग्रोथ का बड़ा कारण है, ने Q3FY25 में EBITDA में 15.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की, जो 4,243 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. कंपनी ने अपने आगामी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फंड करने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए 4,200 करोड़ रुपये (500 मिलियन डॉलर) जुटाए हैं.
अडानी की रिन्यूएबल एनर्जी यूनिट, ANIL ने सोलर मॉड्यूल की बिक्री में 74 फीसदी की उछाल देखी, जो 3,273 MW तक पहुंच गई.
एयरपोर्ट्स, डेटा सेंटर्स और अडानी ग्रीन एनर्जी में भी ग्रोथ
ग्रुप का एयरपोर्ट्स बिजनेस 7 फीसदी बढ़कर 69.7 मिलियन हो गया. वहीं, डेटा सेंटर ऑपरेशन्स में हैदराबाद फेज 1 (9.6 MW क्षमता) ऑपरेशनल हो गया है, जबकि नोएडा (50 MW) और हैदराबाद (48 MW) के प्रोजेक्ट्स पूरा होने के करीब हैं.
AGEL ने अपनी ऑपरेशनल क्षमता को 37 फीसदी बढ़ाकर 11.6 GW कर दिया. कंपनी ने हाल ही में महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) के साथ 25 साल के लिए 5 GW सोलर पावर सप्लाई करने का पावर पर्चेज एग्रीमेंट (PPA) साइन किया है.
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (AESL), पावर और टोटल गैस का बड़ा कदम
AESL ने QIP के जरिए 1 बिलियन डॉलर जुटाए और 5 नए ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स हासिल किए. इससे कंपनी का इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन 54,700 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो FY24 के अंत के स्तर से तीन गुना अधिक है.
अडानी पावर ने Q3FY25 में EBITDA में 21.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की, जो 6,078 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. वहीं, अडानी टोटल गैस ने 58 नए CNG स्टेशन जोड़कर कुल संख्या 605 कर दी. CNG वॉल्यूम में 19 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि PNG हाउसहोल्ड कनेक्शन 9.22 लाख तक पहुंच गए.
अडानी पोर्ट्स & SEZ और अडानी सीमेंट का डोमिनेंस
अडानी पोर्ट्स & SEZ (APSEZ) ने भारत के सबसे बड़े कमर्शियल पोर्ट ऑपरेटर का दर्जा बरकरार रखा. 9MFY25 में कंपनी ने 332 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो हैंडल किया, जो पिछले साल की तुलना में 7 फीसदी अधिक है.
अडानी सीमेंट, जिसमें ACC और अंबुजा सीमेंट्स शामिल हैं, ने क्लिंकर और सीमेंट की बिक्री में 9.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की, जो 46.6 MMT तक पहुंच गई. कंपनी अपनी क्षमता को 104 MTPA तक ले जाने की तैयारी में है.
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