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AI और डेटा सेंटर उपकरण बनाएगा अडानी ग्रुप, अमेरिकी कंपनी के साथ 50:50 JV की तैयारी
AI रैक, सर्वर, स्टोरेज और कूलिंग सिस्टम का होगा निर्माण, भारत के साथ विदेशी बाजारों में भी सप्लाई की योजना
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
अडानी ग्रुप अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर से जुड़े उपकरणों के निर्माण कारोबार में उतरने की तैयारी कर रहा है. ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज ने अमेरिकी कंपनी Jabil Inc. के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर (JV) बनाने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस साझेदारी के तहत भारत में AI और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े उपकरणों का निर्माण किया जाएगा. कंपनियों की योजना इन उपकरणों की आपूर्ति घरेलू बाजार के साथ दूसरे देशों में भी करने की है.
प्रस्तावित जॉइंट वेंचर के तहत AI रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग उपकरण बनाए जाएंगे. इसके अलावा, पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट, लिक्विड कूलिंग सिस्टम और ट्रांसफॉर्मर का भी निर्माण किया जाएगा. ये उपकरण बड़े डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम के संचालन के लिए जरूरी होते हैं. हालांकि, इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए दोनों कंपनियों को अंतिम समझौता करना होगा और आवश्यक मंजूरियां हासिल करनी होंगी.
कई गीगावॉट क्षमता वाले AI रैक बनाने की योजना
प्रस्तावित JV के तहत कई गीगावॉट क्षमता वाले AI रैक बनाने की योजना है. AI रैक में हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम को एकीकृत किया जाता है, जिनका इस्तेमाल बड़े AI मॉडल को प्रशिक्षित करने, डेटा प्रोसेसिंग और अन्य कंप्यूटिंग कार्यों में होता है. कंपनियां उपकरणों के निर्माण के साथ उनकी इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग से जुड़ी सेवाएं भी उपलब्ध कराएंगी.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साझेदारी से अडानी ग्रुप को AI और डेटा सेंटर के लिए जरूरी हार्डवेयर निर्माण के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का अवसर मिलेगा. वहीं, Jabil की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का इस्तेमाल भारत में उपकरणों के उत्पादन और उनकी आपूर्ति के लिए किया जा सकेगा.
2030 तक 8 गीगावॉट तक पहुंच सकती है डेटा सेंटर क्षमता
भारत में डेटा सेंटर की क्षमता 2030 तक 5 से 8 गीगावॉट तक पहुंचने का अनुमान है. AI का बढ़ता इस्तेमाल, क्लाउड सेवाओं का विस्तार और देश के भीतर डेटा स्टोर करने की जरूरत इस क्षेत्र की मांग बढ़ा रही है.
कंपनियों के मुताबिक, डेटा सेंटर, क्लाउड और AI से जुड़े क्षेत्रों में हाइपरस्केलर्स का प्रस्तावित निवेश 50 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है. वहीं, अगले सात वर्षों में वैश्विक AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार में 3 लाख करोड़ डॉलर से अधिक के अवसर पैदा होने का अनुमान है. ऐसे में AI और डेटा सेंटर उपकरणों का निर्माण भारत में उभरते इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार का अहम हिस्सा बन सकता है.
AI कारोबार में अडानी ग्रुप की बढ़ेगी मौजूदगी
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि AI के विकास के लिए केवल बेहतर एल्गोरिदम पर्याप्त नहीं हैं. इसके लिए ऊर्जा, डेटा सेंटर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग से जुड़ा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी जरूरी है. उनके मुताबिक, प्रस्तावित जॉइंट वेंचर से ग्रुप को AI के लिए आवश्यक उपकरणों के निर्माण के क्षेत्र में अवसर मिलेगा. Jabil के CEO माइक डस्टूर ने कहा कि इस साझेदारी से भारत और दुनिया के अन्य बाजारों में डेटा सेंटर उपकरणों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी.
छह महीने में अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर ने दिया 26.59% रिटर्न
इस घोषणा के बीच अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर भी निवेशकों के रडार पर है. मंगलवार को BSE पर कंपनी का शेयर 2.39% की बढ़त के साथ 2,694 रुपये पर बंद हुआ. शेयर ने पिछले छह महीनों में 26.59% रिटर्न दिया है. हालांकि, जॉइंट वेंचर का वास्तविक कारोबारी असर उत्पादन क्षमता, अंतिम समझौते, जरूरी मंजूरियों और उपकरणों की मांग जैसे कारकों पर निर्भर करेगा. केवल साझेदारी की घोषणा के आधार पर कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन का अनुमान नहीं लगाया जा सकता.
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