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ऐसा क्या हुआ कि Adani Group के मार्केट कैप में अचानक आ गया बड़ा उछाल?
अडानी समूह की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को उछाल देखने को मिला, जिससे ग्रुप का मार्केट कैप भी बढ़ गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
गौतम अडानी (Gautam Adani) इस साल जनवरी से पहले वाली पोजीशन में पहुंचने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं. जनवरी में ही हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आई थी और उसके बाद अडानी के शेयरों में कत्लेआम शुरू हो गया था. हालांकि, अब हालात काफी हद तक अडानी के अनुकूल हो गए हैं. यही वजह है कि एक ही झटके में अडानी ग्रुप (Adani Group) का मार्केट कैप करीब 50,501 करोड़ रुपए बढ़ गया है. दरअसल, मंगलवार को समूह की सभी 10 लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में तेजी आई. इस तेजी ने ग्रुप के मार्केट कैप को पंख लगा दिए.
वापस लौट आया भरोसा
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के चलते अडानी की कंपनियों पर निवेशकों का भरोसा कुछ कम हुआ था, लेकिन अब वो भरोसा वापस लौट आया है. विदेशी और घरेलू निवेशक अडानी समूह की कंपनियों में पैसा लगा रहे हैं. मंगलवार को समूह की सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई और इसके चलते उसके मार्केट कैप में अच्छा-खासा उछाल आया. एक रिपोर्ट बताती है कि मंगलवार की उछाल के साथ ग्रुप का मार्केट कैप 10.6 लाख करोड़ पहुंच गया है. हालांकि हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट से पहले यह 19.20 लाख करोड़ रुपए था.
इस तरह आया उछाल
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि धीरे-धीरे ही सही लेकिन अडानी समूह पहले वाली पोजीशन की तरफ बढ़ रहा है. हालांकि, उसे पहले वाले मुकाम पर पहुंचने में वक्त लगेगा, लेकिन निवेशकों का भरोसा उसकी राह आसान कर सकता है. Adani Green Energy के शेयरों में मंगलवार को 10% की तेजी आई. जबकि समूह की फ्लैगशिप कंपनी Adani Enterprises के शेयर 2% उछाल के साथ बंद हुए. इससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2.81 लाख करोड़ रुपए हो गया. वहीं, Adani Transmission का शेयर 8.13% चढ़कर 836.10 रुपए पर पहुंच गया. इससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण अब 93,121 करोड़ रुपए हो गया है. इसी तरह, बाकी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी रिकॉर्ड हुई है.
दुनिया के 19वें सबसे अमीर
वहीं, दुनिया के अमीरों की लिस्ट यानी Bloomberg Billionaires Index में गौतम अडानी 19वें पायदान पर हैं. इसकी नेटवर्थ 63.8 अरब डॉलर है. कुछ वक्त पहले वह टॉप 20 से भी बाहर हो गए थे, लेकिन अब इस लिस्ट में धीरे-धीरे ऊपर की तरफ चढ़ रहे हैं. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से पहले तक अडानी अरबपतियों की लिस्ट में काफी ऊपर थे. बता दें कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी समूह को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है. पहले समूह आक्रामक ढंग से विस्तार योजना पर काम कर रहा था, लेकिन अब उसका ज्यादा फोकस कर्ज चुकाने पर है.
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