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हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर फिर बोले अडानी, कही ये अहम बात
कारोबारी गौतम अदाणी ने कहा कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर अभी सेबी को अपनी रिपोर्ट जमा करनी है, लेकिन उनकी कंपनी गवर्नेंस से लेकर सभी मानकों पर पूरी तरह से आश्वस्त है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
जनवरी में हिंडनबर्ग रिपोर्ट के सामने आने के बाद उस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो रही है. इस बीच अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका स्थित शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग द्वारा जनवरी में रिपोर्ट के जरिए लगाए गए आरोप जानबूझकर दी गई गलत जानकारी और समूह को बदनाम करने की साजिशों के तहत लगाए गए हैं.
अडानी ने कहां कही ये बात
अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी ने समूह की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में बोलते हुए, कहा कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट का मकसद स्टॉक की कीमतों में अल्पकालिक गिरावट से मुनाफा कमाना है. उन्होंने कहा कि हिंडनबर्ग ने जो आरोप लगाए थे उनमें अधिकांश 2004 से 2015 के बीच के हैं. उन सभी का निपटारा उस समय उपयुक्त अधिकारियों द्वारा कर दिया गया था. उन्होंने ये भी कहा कि हालांकि हमने तुरंत एक व्यापक खंडन जारी किया, विभिन्न निहित स्वार्थों ने शॉर्ट सेलर द्वारा किए गए दावों का फायदा उठाने की कोशिश की थी. इन संस्थाओं ने विभिन्न समाचारों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर झूठी कहानियों को प्रोत्साहित किया और बढ़ावा दिया.
सुप्रीम कोर्ट की जांच में नहीं मिली कोई विफलता
गौमत अडानी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति को कोई रेग्यूलेटरी विफलता नहीं मिली. अडानी ने कहा, समिति की रिपोर्ट में न केवल यह देखा गया कि कंपनी द्वारा किए गए राहत उपायों से विश्वास को फिर से बनाने में मदद मिली, बल्कि यह भी बताया गया कि भारतीय बाजारों को टारगेटेड रूप से अस्थिर करने का प्रयास किया गया था. उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को अभी भी अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, लेकिन हम अपने प्रशासन और प्रकटीकरण मानकों को लेकर आश्वस्त हैं.
उन्होंने कहा, यह मेरा ये संकल्प है कि कि हम हर दिन इसमें सुधार लाने का प्रयास करते रहेंगे. अडानी ने यह भी कहा कि संकट के दौरान समूह ने विदेशी और घरेलू निवेशकों से अरबों डॉलर जुटाए और किसी भी क्रेडिट एजेंसी ने समूह की रेटिंग में कोई कटौती नहीं की. यह कंपनी के प्रशासन और कैपिटल आवंटन अभ्यास में निवेशकों के विश्वास की सबसे मजबूत पुष्टि है.
भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा
भारत में विश्वास दोहराते हुए, अडानी ने कहा, आप आर्थिक चक्रों का पूर्वानुमान नहीं लगा सकते हैं ये लगातार कठिन होता जा रहा है. लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत 2030 से पहले ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और 2050 तक दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. अदाणी ने यह भी घोषणा की कि अदाणी ग्रीन अब खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बना रहा है.
उन्होंने कहा, यह हमारी अब तक की सबसे जटिल और महत्वाकांक्षी परियोजना होगी. 72,000 एकड़ में फैली यह परियोजना 20 गीगावॉट हरित ऊर्जा पैदा करने में सक्षम होगी और हम इसे अपने इसे अपने किसी भी दूसरे प्रोजेक्ट से पहले बनाने का इरादा रखते हैं. अदाणी ने फिर से पुष्टि की कि समूह 2030 तक 45 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल कर लेगा.
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