होम / बिजनेस / देश के इस राज्य में पानी की बर्बादी पर 112 केस दर्ज, वसूला गया 6 लाख रुपये का जुर्माना!
देश के इस राज्य में पानी की बर्बादी पर 112 केस दर्ज, वसूला गया 6 लाख रुपये का जुर्माना!
बेंगलुरु में पानी की बर्बादी को रोकना, अब एक बड़ा मुद्दा बन चुका है. प्रशासन के अनुसार अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया, तो आने वाले समय में स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
गर्मियों के मौसम की शुरुआत होते ही बेंगलुरु में पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ता है. बेंगलुरु, जो देश-विदेश की कई प्रमुख कंपनियों का घर है, वहां पानी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है. बेंगलुरु वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (BWSSB) ने पानी की बर्बादी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं और महज एक हफ्ते में 112 मामलों में करीब 6 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है.
पानी की बर्बादी के मामलों में वृद्धि
बेंगलुरु वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (BWSSB) ने हाल ही में उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, जो पानी की बर्बादी कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर्फ एक हफ्ते में 112 मामले सामने आए हैं, जिनसे 5.6 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है. शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी की बर्बादी के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, जिससे इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
साउथ जोन में पानी की बर्बादी के सबसे ज्यादा मामले
बेंगलुरु के साउथ जोन में पानी की बर्बादी के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, जहां 33 मामले दर्ज किए गए हैं. इसके बाद वेस्ट और ईस्ट जोन में 28-28 मामले सामने आए. नॉर्थ जोन में भी 23 मामले देखे गए. BWSSB ने जुर्माना लगाने के साथ-साथ समय पर वसूली भी की है, ताकि पानी बचाने के नियमों का सख्ती से पालन हो सके.
शहरवासियों से पानी की बर्बादी रोकने के लिए की अपील
बता दें, बेंगलुरु में पीने का पानी लगभग 100 किलोमीटर दूर से लाया जाता है. BWSSB के चेयरमैन डॉ. राम प्रसाद मनोहर ने इस स्थिति की गंभीरता को समझाते हुए शहरवासियों से अपील की है कि वे पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और नियमों का पालन करें ताकि पूरे शहर में पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रह सके.
पानी की बर्बादी रोकने के लिए उठाए गए ये कदम
पानी की बर्बादी को रोकने के लिए BWSSB ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं. गाड़ी धोने, बगीचे में पानी देने, स्विमिंग पूल भरने और निर्माण कार्यों के लिए पीने के पानी का इस्तेमाल अब सख्त रूप से मना किया गया है. इन नियमों का उल्लंघन करने पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और अगर कोई व्यक्ति बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे हर दिन अतिरिक्त 500 रुपये का जुर्माना देना होगा.
बता दें, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) द्वारा किए गए एक अध्ययन में बेंगलुरु के 80 वार्ड, जिनमें 110 गांव शामिल हैं, जोकि पानी की कमी के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील बताए गए हैं. इन इलाकों की मुख्य निर्भरता भूजल पर है, जो समय के साथ कम हो रहा है. पिछले साल जैसी स्थिति फिर से उत्पन्न न हो, इसके लिए BWSSB पानी के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहा है, ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके.
टैग्स