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2022 में पुणे में एक यूजर ने खरीदी इतने लाख रुपये की प्री ओन्ड मर्सिडीज सी क्लास कार
Cars24 ने एक रिपोर्ट जारी की है जो बताती है कि आखिर 2022 कार बाजार के लिए कैसा रहा, लोगों ने कौन सी कार ज्यादा खरीदी और कार को किस फीचर को देख कर खरीदा
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
Cars24 ने एक अखिल भारतीय माइलेज रिपोर्ट 2022 जारी की है, जिसमें कारों की खरीद के बदलते मानदंडों और प्रमुख ट्रेंड के बारे में बताया गया है. इस रिपोर्ट में 2023 में भी देश के कार खरीदने के ट्रेंड के बारे में बताया गया है. वर्ष 2022 ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए एक दिलचस्प वर्ष साबित हुआ, क्योंकि भारतीयों में प्री-ओन्ड कारों की सेल और परचेज लेकर दिलच्सपी बढ़ी है. वर्ष 2022 की अंतिम तिमाही में, विशेष रूप से पुरानी कारों की मांग में तेजी देखी गई. प्री-ओन्ड वाहनों के लिए भारत की ई-कॉमर्स कंपनी Cars24 ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (Q4) में प्री-ओन्ड कारों की बिक्री में जनवरी-मार्च तिमाही (Q1) से 75 प्रतिशत की तेजी दर्ज की.
क्या कहते हैं Cars24 के प्रमुख
Cars24 के सह-संस्थापक, गजेंद्र जांगिड़ ने हाल के रुझानों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि ‘2022 रुझानों के साथ एक शानदार वर्ष था जो भविष्य में इस इंडस्ट्री को नया आकार देगा. हम अपने ग्राहकों के साथ इस कारोबार को आगे बढ़ाने और भारत में कारों के बाजार को बदलने के लिए तत्पर हैं. लोग अपनी पसंद, सुरक्षा या गुणवत्ता से समझौता किए बिना कारों पर अधिक राशि खर्च करने को तैयार हैं, ई-कॉमर्स सेक्टर ने भी इस वर्ष के दौरान औसत खरीद बजट में 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है’. Cars24 ने एक पैन इंडिया माइलेज रिपोर्ट 2022 साझा की है, जिसमें प्रमुख रुझानों और कारों की खरीद के बदलते ट्रेंड के बारे में बताया गया है जो 2023 में भी देश के कार परचेज करने के ट्रेंड को बताएगा.
भारतीयों ने पिछले साल हजारों करोड़ रुपये की कारें बेचीं
ये रिपोर्ट बताती है कि 2022 में अधिक मिलेनियरों ने कारों की खरीदारी की, जिन्होंने खरीदारी की उनमें से अधिकांश खरीददारों की उम्र 35 वर्ष से कम रही. मारुति साल की सबसे लोकप्रिय कार ब्रांड रही, 3 में से हर 1 खरीदार ने मारुति की कार खरीदी. कार खरीदने के औसत बजट में 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है. टीयर II और उससे आगे के बाजारों में प्री-ओन्ड वाहनों की बिक्री में तेजी रिकॉर्ड की गई है. माइलेज भारतीय कार खरीदार के लिए शीर्ष मानदंड बना हुआ है. जबकि कारों के प्रीमियमीकरण की ओर एक बदलाव आया है, वाहन खरीदते समय किसी व्यक्ति के लिए माइलेज सबसे महत्वपूर्ण पसंद बना हुआ है. वास्तव में, पिछले साल, हर 2 मिनट में, कंज्यूमर ने विभिन्न अलग-अलग फ्यूल वाली कारों के माइलेज और एवरेज के बारे में पूछताछ की.
हालांकि, दिलचस्प बात ये है कि ये एकमात्र महत्वपूर्ण कारण नहीं रहा है. खरीददार जब कभी भी कार खरीदने का निर्णय करता है वो उस समय कार के एयरबैग, ड्राइवर असिस्ट सिस्टम, ऑटोप्ले म्यूजिक सिस्टम, बड़ी स्क्रीन, कैमरा नियंत्रण, सनरूफ आदि जैसी प्रीमियम सुविधाओं पर ज्यादा फोकस करता है. खरीददार उनके लिए अधिक खर्च करने को तैयार भी हैं. 2023 में कार खरीदते समय और बिक्री बढ़ाते समय इन सुविधाओं को भी महत्वपूर्ण माना जाएगा. पारंपरिक सफेद/ग्रे से परे लाल, काले और नीले जैसे विभिन्न रंगों में कार खरीदने वाले लोगों में बढ़ोत्तरी हुई है.
कौन सी कार सबसे ज्यादा पसंदीदा रही
मारुति लाइट यूटिलिटी वेहकिल एलयूवी थी लेकिन अन्य ब्रैंड भी पीछे नहीं थे. 2022 में भी, मारुति ने भारत में सबसे लोकप्रिय कार ब्रैंड की दौड़ में सबसे आगे रही है, 2022 में हर 3 खरीदारों में से 1 ने मारुति कार खरीदी. सबसे अधिक मारुति कारों को नई दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर और हैदराबाद में खरीदा गया और उसके बाद लखनऊ, पुणे और अहमदाबाद, और कोलकाता ऐसा शहर रहा जहां ये कार सबसे ज्यादा खरीदी गई. स्विफ्ट, बलेनो, ऑल्टो, वैगनआर और सेलेरियो जैसी हैचबैक 2022 में सबसे ज्यादा बिकने वाली मारुति कारें थीं, जबकि विटारा ब्रिज़ा जैसी मिनी एसयूवी की बिक्री बढ़ी. मारुति के बाद जो कारें सबसे ज्यादा बिकी उनमें हुंडई, होंडा और रेनॉल्ट और फोर्ड का स्थान रहा, हालांकि किआ जैसे नए ब्रैंड की बिक्री साल की आखिरी तिमाही में बढ़ी. भले ही फोर्ड ने कारों का उत्पादन बंद कर दिया है, फिर भी प्री-ओन्ड कार खरीदते समय यह भारतीयों के बीच एक शीर्ष पसंद बना हुआ है.
फाइनेंस बना रहा पहली पसंद
वहीं 2022 में देश की मांग ज्यादा फाइनेंस कारों की तरह रही. ज्यादातर मिलेनियनरों ने अपनी पहली कार खरीदी। Cars24 द्वारा साझा किए गए डेटा के अनुसार, अधिक भारतीयों ने 2022 में अपनी कारों को फाइनेंस करवाना पसंद किया. हैदराबाद, लखनऊ और कोलकाता जैसे शहरों में उपयोगकर्ताओं के लिए अधिकतम कारों को फाइनेंस किया गया. दिल्ली के एक यूजर ने कार लेने के लिए 25 लाख रु. लोन लिया। जबकि ज्यादातर भारतीयों ने 6 वर्ष की समय सीमा को चुनना पसंद किया, क्योंकि ये भुगतान करने के लिए सही समय है और भुगतान के बोझ को कम करता है. 2022 में औसत ईएमआई राशि रु 11500 रही जिसे ज्यादातर लोगों ने अपनी कारों के लिए चुना, और अधिकांश ऋण सैलरीक्लास द्वारा लिया गया. इस वर्ष अधिक मिलेनियरों ने कार खरीदी, जिसमें अधिकांश खरीदार 35 वर्ष से कम उम्र के थे.
किन शहरों में कार की सबसे ज्यादा बिक्री
रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा कारों की डिलीवरी 2022 में पुणे और अहमदाबाद जैसे टियर 2 शहरों में देखने को मिली. इन शहरों में सबसे अधिक कार डिलीवरी देखने को मिली. अगर प्री-ओन्ड कारों की बिक्री की बात करें तो टियर II बाजारों में पुणे और अहमदाबाद के साथ अधिकतम कार डिलीवरी देखने को मिली. इन दोनों शहरों में बलेनो सबसे लोकप्रिय कार रही. दरअसल, पुणे में एक यूजर ने 33 लाख रुपये की एक मर्सिडीज सी क्लास कार खरीदी. जयपुर, कोच्चि, लखनऊ, पटना, लुधियाना, चंडीगढ़ और कोयंबटूर जैसे शहर भी इस दौड़ में शामिल हो गए हैं कि कौन सा शहर इस साल सबसे ज्यादा कार खरीदेगा. 2023 के पहले हफ्ते में ही कार्ट में कारें शामिल हो चुकी हैं. मेट्रो शहरों में, बेंगलुरु ने 2022 में सबसे अधिक कारें खरीदीं, इसके बाद मुंबई, नई दिल्ली, हैदराबाद और चेन्नई का स्थान रहा जिनके लोागों ने सबसे ज्यादा कारें खरीदी. अपने छोटे आकार और शानदार गति के साथ हैवी ट्रैफिक के बीच स्विफ्ट, बेंगलुरु, दिल्ली और चेन्नई में सबसे लोकप्रिय कार रही, जबकि मुंबई ने वैगनआर के लिए खरीदारी की और हैदराबाद को हुंडई ग्रैंडी 10 ज्यादा परचेज की.
अधिक कारों को खरीदने और बेचने का वर्ष
Cars24 की माइलेज रिपोर्ट में सामने आया एक और दिलचस्प ट्रेंड बताता है कि एक साल में 1 से ज्यादा कार खरीदने वाले लोगों की संख्या में 81 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. लोगों ने न केवल अधिक कारों की खरीदारी की, बल्कि नई दिल्ली के विक्रेताओं की अधिकतम संख्या के साथ इस वर्ष 1 से अधिक कार बेचने वाले लोगों में भी अब तक का उच्चतम स्तर देखा गया. भारतीयों ने वास्तव में अकेले 2022 में हजारों करोड़ रुपये की कारें बेचीं.
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