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अब बेफिक्र होकर खरीदिए इलेक्ट्रिक गाड़ी, सरकार ने कर दिया है बढ़िया इंतजाम
नए संशोधनों में बैटरी सेल, ऑन-बोर्ड चार्जर, बैटरी पैक का डिज़ाइन और आंतरिक सेल शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण थर्मल प्रसार से जुड़ी अतिरिक्त सुरक्षा जरूरतें शामिल हैं
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: किसी भी इलेक्ट्रिक व्हीकल में उसकी बैटरी की लागत 50 परसेंट के करीब होती है, अगर बैटरी ही खराब क्वालिटी की लगी हो तो सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो जाता है. इस साल कई इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए बैटरी सुरक्षा मानकों में अतिरिक्त प्रावधान किए हैं. ये नए प्रावधान अगले महीने 1 अक्टूबर से लागू हो जाएंगे. सरकार इन संशोधनों के जरिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सुरक्षा को और पुख्ता करना है.
बैटरी सुरक्षा के लिए नए संशोधन क्या हैं
नए संशोधनों में बैटरी सेल, ऑन-बोर्ड चार्जर, बैटरी पैक का डिज़ाइन और आंतरिक सेल शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण थर्मल प्रसार से जुड़ी अतिरिक्त सुरक्षा जरूरतें शामिल हैं. नए नियम इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, थ्री-व्हीलर्स, क्वाड्रिसाइकिल और कारों के लिए मान्य होंगे. इन संशोधनों में इलेक्ट्रिक पावर ट्रेन यानी के साथ L कैटेगरी के मोटर वाहनों के लिये विशिष्ट आवश्यकताएं और M कैटेगरी और N कैटेगरी के मोटर वाहनों की इलेक्ट्रिक पावर ट्रेन के लिये जरूरतें शामिल हैं.
बैटरी की रैंडम सैम्पलिंग
L कैटेगरी के वाहन वो होते हैं जिसमें 4 से कम पहिए होते हैं. जबकि M कैटेगरी वाले वाहन जिनमें कम से कम 4 पहिए होते हैं, N कैटेगरी के वाहन मतलब जिनमें कम-से-कम चार पहिये होते हैं और जिनका इस्तेमाल माल ढुलाई के अलावा यात्रियों के लिए भी किया जा सकता है. सड़क और परिवहन मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली ट्रैक्शन बैटरी के लिए उत्पादन की अनुरूपता को अनिवार्य करने पर स्टेकहोल्डर्स से से टिप्पणियां भी मंगाई हैं. इसमें टेस्टिंग के लिए कारखानों से तैयार बैटरियों की रैंडम सैम्पलिंग शामिल होगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कंपनियां ईवी मॉडल के बड़े पैमाने पर उत्पादन करते समय मानकों का पालन कर रही हैं या नहीं, हालांकि अभी तक इसका कोई प्रावधान नहीं है.
इसलिए करना पड़ा संशोधन
दरअसल, इस साल अप्रैल में ओला इलेक्ट्रिक, ओकिनावा ऑटोटेक और प्योर जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में आग लगने की कई घटनाएं सामने आईं, जिसमें बैटरी की गुणवत्ता पर सवाल उठे. इन घटनाओं के सामने आने के बाद सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी के अध्यक्ष ARCI, हैदराबाद के डायरेक्टर टाटा नरसिंह राव को बनाया गया. इस कमेटी को बैटरी सुरक्षा मानकों को लेकर अतिरिक्त सुझाव देने के लिए कहा गया. इस कमेटी जब अपने सुझाव मंत्रालय को सौंपे इसके बाद सरकार ने 29 अगस्त, 2022 को AIS (वाहन उद्योग मानक) 156 में संशोधन जारी किए हैं.
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