होम / बिजनेस / भारत के रिटेल बाजार में D2C ब्रांड्स की बढ़ी पकड़, H1 2026 में लीजिंग गतिविधियों में 28% हिस्सेदारी: CBRE
भारत के रिटेल बाजार में D2C ब्रांड्स की बढ़ी पकड़, H1 2026 में लीजिंग गतिविधियों में 28% हिस्सेदारी: CBRE
देश में कुल रिटेल लीजिंग गतिविधि जनवरी से जून 2026 के बीच सालाना आधार पर 20 फीसदी बढ़कर करीब 39 लाख वर्ग फुट पहुंच गई. इसमें अप्रैल-जून तिमाही का योगदान करीब 20 लाख वर्ग फुट रहा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 38 minutes ago
भारत के रिटेल सेक्टर में डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स तेजी से अपनी ऑफलाइन मौजूदगी मजबूत कर रहे हैं. प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म CBRE की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी-जून 2026 के दौरान देश में कुल रिटेल लीजिंग गतिविधियों में D2C ब्रांड्स की हिस्सेदारी बढ़कर 28 फीसदी पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 23 फीसदी थी.
भारत के रिटेल बाजार में बढ़ा D2C ब्रांड्स का विस्तार
CBRE की ‘India Retail Figures H1 2026’ रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल माध्यम से कारोबार शुरू करने वाले D2C ब्रांड्स अब फिजिकल स्टोर्स के जरिए ग्राहकों तक अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं. ब्रांड विजिबिलिटी, ग्राहकों के साथ बेहतर जुड़ाव और व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव देने के लिए कंपनियां ऑफलाइन स्टोर नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं.
देश में कुल रिटेल लीजिंग गतिविधि जनवरी से जून 2026 के बीच सालाना आधार पर 20 फीसदी बढ़कर करीब 39 लाख वर्ग फुट पहुंच गई. इसमें अप्रैल-जून तिमाही का योगदान करीब 20 लाख वर्ग फुट रहा.
दिल्ली-NCR में सबसे ज्यादा रिटेल स्पेस की मांग
रिपोर्ट के मुताबिक, रिटेल स्पेस की मांग में दिल्ली-NCR सबसे आगे रहा. जनवरी-जून 2026 के दौरान कुल रिटेल स्पेस टेक-अप में दिल्ली-NCR की हिस्सेदारी 35 फीसदी रही. इसके बाद चेन्नई 17 फीसदी हिस्सेदारी के साथ दूसरे और मुंबई 15 फीसदी हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर रहा.
घरेलू रिटेलर्स का दबदबा कायम
CBRE के अनुसार, इस अवधि में घरेलू रिटेलर्स ने लीजिंग गतिविधियों में अपना दबदबा बनाए रखा और कुल मांग में उनकी हिस्सेदारी 70 फीसदी से अधिक रही. फैशन और अपैरल, फूड एंड बेवरेज, एंटरटेनमेंट और ज्वेलरी जैसे सेगमेंट में ब्रांड्स की ओर से मजबूत मांग देखने को मिली.
D2C ब्रांड्स अब विस्तार से ज्यादा मुनाफे पर दे रहे ध्यान
CBRE ने कहा कि D2C ब्रांड्स अब केवल स्टोर की संख्या बढ़ाने के बजाय स्टोर की लाभप्रदता, पूंजी दक्षता और ओमनीचैनल रणनीति पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. प्रीमियम रिटेल स्पेस के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ब्रांड्स अपनी फिजिकल मौजूदगी को लेकर ज्यादा सोच-समझकर फैसले ले रहे हैं.
CBRE के चेयरमैन और CEO (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका) अंशुमान मैगजीन ने कहा कि 2026 की पहली छमाही में भारत का रिटेल बाजार केवल विस्तार नहीं बल्कि परिपक्वता की ओर बढ़ता हुआ नजर आया है. कंपनियां अब यह तय कर रही हैं कि कहां और किस तरीके से विस्तार करना उनके लिए बेहतर होगा.
फैशन सेगमेंट में D2C ब्रांड्स की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी
रिपोर्ट के अनुसार, D2C ब्रांड्स की रिटेल लीजिंग में फैशन और अपैरल सेगमेंट सबसे आगे रहा. H1 2026 में इस कैटेगरी की हिस्सेदारी करीब 69 फीसदी रही. इसके अलावा होमवेयर और फर्निशिंग सेगमेंट की हिस्सेदारी 12 फीसदी, जबकि ज्वेलरी सेगमेंट की हिस्सेदारी 7 फीसदी रही.
CBRE के मैनेजिंग डायरेक्टर (कंसल्टिंग एंड वैल्यूएशंस, भारत, मध्य पूर्व और अफ्रीका) रामी कौशल ने कहा कि रिटेलर्स अब नए बाजारों में अवसरों और लंबी अवधि की स्थिरता के बीच संतुलन बनाते हुए अपनी विस्तार रणनीतियों में बदलाव कर रहे हैं.
नए रिटेल फॉर्मेट आजमा रहे D2C ब्रांड्स
D2C कंपनियां अब पारंपरिक स्टोर्स के अलावा नए रिटेल मॉडल भी अपना रही हैं. कई ब्रांड्स माइक्रो-स्टोर्स और एक्सपीरियंस सेंटर जैसे फॉर्मेट के जरिए ग्राहकों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
इसके अलावा शॉप-इन-शॉप मॉडल भी लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें डिजिटल ब्रांड्स बड़े रिटेलर्स के फुटफॉल और भरोसे का फायदा उठाते हुए कम जोखिम के साथ ऑफलाइन विस्तार कर सकते हैं. वहीं, कई कंपनियां लाइफस्टाइल आधारित रिटेल प्लेटफॉर्म भी विकसित कर रही हैं, जहां एक ही जगह पर कई D2C ब्रांड्स को प्रदर्शित किया जा रहा है. यह मॉडल नए ब्रांड्स को फिजिकल रिटेल में प्रवेश के लिए कम जोखिम वाला विकल्प उपलब्ध करा रहा है.
टैग्स