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बजाज चेतक बनानी वाली ऑटो कंपनी पर लगा करोड़ों रुपये का जुर्माना, जानिए क्या है पूरा मामला?
देश में दोपहिया और तिपहिया वाहनों की सबसे बड़ी एक्सपोर्टर Bajaj Auto पर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगा है. इस पर कंपनी का बयान भी सामने आया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
चेतक स्कूटर बनाने वाली कंपनी बजाज ऑटो (Bajaj Auto) पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगा है. कंपनी के ऊपर ये जुर्माना केंद्रीय माल एवं सेवा कर (GST) विभाग ने लगाया है. बता दें, कभी इस कंपनी का स्कूटर चेतक काफी लोकप्रिय हुआ करता था. तो आइए जानते हैं आखिर इस ऑटो कंपनी के ऊपर क्यों और कितना जुर्माना लगाया गया है?
बजाज ऑटो पर क्यों लगा जुर्माना?
देश में दोपहिया और तिपहिया वाहनों की सबसे बड़ी एक्सपोर्टर कंपनी बजाज ऑटो पर इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के क्लासिफिकेशन पर अलग-अलग जीएसटी से संबंधित मामले में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना और ब्याज लगाया गया है. बजाज ऑटो ने रेगुलेटरी फाइलिंग में इस बात की जानकारी दी है कि जीएसटी के ज्वाइंट कमिश्नर,पुणे-II आयुक्तालय ने जुलाई 2017 से मार्च 2022 के लिए HSN कोड 8708/8714 के तहत इंस्ट्रूमेंट्स क्लस्टर के क्लासिफिकेशन की पुष्टि करते हुए एक आदेश को पारित किया है. वहीं, दूसरी ओर कंपनी द्वारा 9029 क्लासिफिकेशन को अपनाया था.
जुर्माने की कुल राशि कितनी?
कंपनी ने अपनी बात को आगे स्पष्ट करते हुए बताया कि आदेश में 10,03,91,402 रुपये के जीएसटी अंतर की मांग की पुष्टि की गई है. ज्वाइंट कमिश्नर ने कंपनी द्वारा जमा किए गए कर के विरुद्ध उक्त मांग को विनियोजित किया है. बजाज ऑटो ने कहा कि 10,03,91,402 रुपये का ब्याज और जुर्माना तथा 25 हजार रुपये का सामान्य जुर्माना भी लगाया गया है, जिसके बाद जुर्माने की कुल राशि 10,04,16,402 रुपये हो गई है.बजाज ऑटो का कहना है कि हमें विश्वास है कि ज्वाइंट कमिश्नर द्वारा पारित इस आदेश में कोई भी दम नहीं है और यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है. इसके अलावा, ज्वाइंट कमिश्नर द्वारा पारित किए गए आदेश में कंपनी द्वारा उठाए गए कारण बताओ नोटिस के खिलाफ दायर रिट याचिका की अनदेखी हुई है, जो बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित है.
नहीं पड़ेगा कोई बड़ा वित्तीय प्रभाव
बजाज ऑटो पर जुर्माना लगने के बाद इस मामले में अब कंपनी का कहना है कि हमारा मामला बहुत मजबूत है और पारित किए गए आदेश के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी. ज्वाइंट कमिश्वर दारा जारी इस आदेश का कंपनी पर कोई भी बड़ा वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा.
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