होम / ऑटोमोबाइल / EV के चाहने वालों के लिए बुरी खबर, अगले साल होने वाला बदलाव डालेगा जेब पर असर

EV के चाहने वालों के लिए बुरी खबर, अगले साल होने वाला बदलाव डालेगा जेब पर असर

यदि आप इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बेहतर है इस साल ही अपनी योजना पर अमल करे लें, क्योंकि अगले साल से दाम बढ़ने वाले हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड पिछले कुछ समय से बढ़ रही है. 2-व्हीलर के साथ-साथ 4-व्हीलर सेगमेंट में भी EV की मांग में तेजी देखी गई है. इसे ध्यान में रखते हुए कंपनियां EV प्रोडक्शन पर ज्यादा फोकस करने लगी हैं. चीनी EV कंपनी BYD ने भी भारतीय बाजार में दस्तक दे दी है. आने वाले समय में इस बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है. हालांकि, अभी खबर ये है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत बढ़ सकती है. माना जा रहा है कि अगले फाइनेंशियल ईयर में इलेक्ट्रिक वाहन 10 से 15 फीसदी महंगे हो सकते हैं.  

इन कारणों से होगा इजाफा 
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बैटरी की बढ़ती लागत का बोझ कंपनियां ग्राहकों पर डालने की योजना बना रही हैं. इसका सीधा मतलब है कि इलेक्ट्रिक वाहन महंगे हो सकते हैं. इनकी कीमतों में कम से कम 15 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है. हाल ही में टाटा मोटर्स की तरफ से भी संकेत मिले थे कि EV की बैटरी की बढ़ती लागत के चलते कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक कारों की प्राइज बढ़ा सकती है. रिपोर्ट में बताया गया है कि बैटरी की बढ़ती लागत के साथ-साथ EV के लिए सुरक्षा मानदंडों सहित अन्य नियमों में किए गए हालिया बदलाव भी कीमतें बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे.

सुरक्षित बैटरी पर जोर 
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए न्यूनतम सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए बैटरी से जुड़े नए मानकों को पेश किया है. जिन पर अमल के लिए कंपनी की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ेगी और इसका सीधा असर आपकी जेब पर होगा. लिहाजा, अगर आप नए साल में EV खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जेब कुछ ज्यादा ढीली करने के लिए भी तैयार हो जाएं. EV के अलावा, बाकी गाड़ियों के दाम भी नए साल में बढ़ सकते हैं. Tata Motors अपनी गाड़ियों को महंगा करने पर विचार कर रही है.

3-5% लागत पहले ही बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बैटरी के लिए संशोधित परीक्षण मानक तैयार किए हैं, जो 2 चरणों में लागू होंगे. इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी सबसे महत्वपूर्ण कॉम्पोनेन्ट है, क्योंकि इसी पर कार की परफॉरमेंस सबसे ज्यादा मायने रखती है. बैटरी परीक्षण मानकों के पहले चरण के परीक्षण के दौरान ही बैटरी की कीमतों को 3-5 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है. लिहाजा, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले साल लागू होने वाले दूसरे चरण में यह लागत बढ़कर 15 फीसदी तक हो सकती है. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

6 एयरबैग और 360 डिग्री कैमरे के साथ लॉन्च हुई नई Tata Tiago, पेट्रोल-CNG-EV तीनों विकल्प उपलब्ध

कंपनी ने इसे पेट्रोल, CNG और EV तीनों पावरट्रेन विकल्पों में पेश किया है. नई कार में 6 एयरबैग, 360 डिग्री कैमरा, वायरलेस चार्जिंग और क्रूज कंट्रोल जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं.

28-May-2026

टोयोटा का भारत में बड़ा दांव: महाराष्ट्र में लगाएगी नई फैक्ट्री, हर साल बनेंगी 1 लाख SUVs

कंपनी औरंगाबाद के बिडकीन में नया प्लांट बनाएगी, जिसके बाद यहां हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा.

11-May-2026

MG की इलेक्ट्रिक कारों पर धमाकेदार ऑफर, 1 साल फ्री चार्जिंग और ₹2.15 लाख तक का फायदा

MG ZS EV पर कंपनी ने ₹2.15 लाख तक के फायदे देने की घोषणा की है. इस इलेक्ट्रिक SUV की कीमत ₹17.99 लाख से शुरू होकर ₹20.50 लाख तक जाती है.

11-May-2026

VinFast ने भारत में लॉन्च की 7-सीटर इलेक्ट्रिक MPV, 570KM रेंज के साथ 3 साल फ्री चार्जिंग और बंपर बेनेफिट्स

प्रीमियम डिजाइन, लंबी रेंज, एडवांस फीचर्स और मजबूत नेटवर्क के साथ VinFast भारतीय EV बाजार में नई प्रतिस्पर्धा और संभावनाएं लेकर आई है.

16-April-2026

स्मार्ट मोबिलिटी पर Kinetic का बड़ा दांव: AI इंटीग्रेशन से राष्ट्रीय विस्तार तक की रणनीति

बिजनेस वर्ल्ड की Kinetic के वाइस चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर अजींक्य फिरोदिया से AI से लेकर EV सेगमेंट में Kinetic की रणनीतिक विस्तार योजनाओं पर विशेष बातचीत

21-February-2026


बड़ी खबरें

मई में 49 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा भारत का क्रूड आयात, रूस बना सबसे बड़ा सप्लायर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.

30-May-2026

रिलायंस फैसले की खामोश विरासत: क्या सेबी के लिए अब धोखाधड़ी साबित करना होगा और मुश्किल?

रिलायंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सही कहा कि किसी नियम का उल्लंघन करना और धोखाधड़ी करना एक ही बात नहीं है. लेकिन सबसे गंभीर मामलों में सबूत के स्तर को ऊंचा उठाते हुए अदालत एक ऐसे सवाल को अनुत्तरित छोड़ गई, जिसका जवाब उसने नहीं दिया: ऐसे बाजार में, जहां गलत काम गुमनाम, इलेक्ट्रॉनिक और बिना किसी स्पष्ट पीड़ित के होता है, एक नागरिक नियामक धोखाधड़ी को साबित कैसे करे?

30-May-2026

भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, 99% बातचीत पूरी; जल्द हो सकता है अंतरिम समझौता: अमेरिकी राजदूत

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है.

30-May-2026

सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ा दांव, 2035 तक 150 अरब डॉलर की वैल्यू चेन खड़ी करेगा भारत

रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक दशक में 135-180 अरब डॉलर के निवेश और मजबूत सरकारी समर्थन के दम पर देश न केवल अपनी चिप जरूरतों को पूरा कर सकता है, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भी अहम भूमिका निभा सकता है.

30-May-2026

स्पाइसजेट पर GST विभाग का शिकंजा, रद्द हो सकता है पंजीकरण; 124 करोड़ रुपये की टैक्स मांग

जीएसटी विभाग ने CGST/SGST अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत कंपनी का प्रोविजनल असेसमेंट किया है. इस आकलन के आधार पर विभिन्न अवधियों के लिए कुल 124 करोड़ 65 लाख 87 हजार 156 रुपये की कर मांग निर्धारित की गई है.

30-May-2026