होम / अप्वाइंटमेंट / SEBI के नए चीफ होंगे तुहिन कांत पांडे, माधबी पुरी बुच की लेंगे जगह, जानिए पूरी डिटेल
SEBI के नए चीफ होंगे तुहिन कांत पांडे, माधबी पुरी बुच की लेंगे जगह, जानिए पूरी डिटेल
केंद्र सरकार ने 27 फरवरी को फाइनेंस सक्रेटरी तुहिन कांत पांडे को SEBI का नया चीफ नियुक्त किया है, वे माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
वित्त सचिव तुहिन कांत पांडे (Tuhin Kanta Pandey) अगले सेबी (Securities and Exchange Board of India) प्रमुख होंगे. केंद्र सरकार ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नए अध्यक्ष के रूप में मौजूदा वित्त सचिव तुहिन कांत पांडे की नियुक्ति को मंजूरी दी है. वह तीन सालों तक इस पद का कार्यभार संभालेंगे. तुहिन कांत माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) की जगह लेंगे जिनका कार्यकाल 1 मार्च 2025 यानी कल समाप्त हो रहा है.
कौन हैं तुहिन कांत पांडे?
तुहिन पांडे ओडिशा कैडर के 1987 बैच के IAS अधिकारी हैं. उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री और ब्रिटेन के बर्मिंघम विश्वविद्यालय से एमबीए किया है. वर्तमान में वह वित्त सचिव के रूप में कार्यरत हैं. साल 2024 में उन्हें वित्त सचिव बनाया गया था. इसके बाद से वह वित्त मंत्रालय के चार प्रमुख विभागों को संभाल रहे थे. वह भारत सरकार के सबसे महत्वपूर्ण सचिवों में से एक माने जाते हैं. उन्हें वित्तीय मामलों की गहरी समझ है.
इन अहम पदों पर किया काम
तुहिन पांडे योजना आयोग (अब नीति आयोग है), कैबिनेट सचिवालय में उच्च पदों पर रहे. ओडिशा सरकार में उन्होंने स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन, वाणिज्यिक कर, परिवहन और वित्त विभागों में प्रशासनिक प्रमुख के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं. साथ ही उन्होंने निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM), लोक उद्यम विभाग (DPI) और कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग में सचिव के रूप में सेवाएं दी हैं. तुहिन पांडे ने संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) के क्षेत्रीय कार्यलय में भी अहम भूमिका निभाई है.
कितनी मिलेगी सैलरी?
सेबी प्रमुख का पद बेहद महत्वपूर्ण है, कारण यह है कि वह शेयर बाजार की देखरेख करते हैं. निवेशकों के हितों की रक्षा करना भी उनकी जिम्मेदारी होती है. सेबी प्रमुख को भारत सरकार के सचिव के बराबर वेतन मिलता है. यह वेतन मकान और कार के बिना 5,62,500 रुपये प्रति माह है. पांडे को वित्तीय मामलों में गहरी समझ है, उनका लंबा प्रशासनिक अनुभव भी है. ऐसे में उनकी नियुक्ति से बाजार को स्थिरता मिलने की उम्मीद है.
टैग्स