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भारत निर्वाचन आयोग ने चंचल कुमार शर्मा को IIIDEM में डीन नियुक्त किया
चंचल कुमार शर्मा की IIIDEM में डीन के रूप में नियुक्ति न केवल संस्थान की शैक्षणिक और प्रशिक्षण क्षमता को नई मजबूती देगी, बल्कि भारत के चुनावी प्रबंधन और लोकतांत्रिक संस्थानों को वैश्विक मंच पर और अधिक प्रभावशाली बनाने में भी सहायक होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने चंचल कुमार शर्मा को भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) के अंतर्गत स्कूल ऑफ इलेक्शन मैनेजमेंट का प्रथम डीन नियुक्त किया है. यह नियुक्ति पांच वर्षों के लिए प्रतिनियुक्ति आधार पर की गई है. शर्मा 29 जनवरी 2026 से अपने पद का कार्यभार संभाल चुके हैं.
29 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गई जिम्मेदारी
नियुक्ति के साथ ही चंचल कुमार शर्मा स्कूल ऑफ इलेक्शन मैनेजमेंट की शैक्षणिक गतिविधियों और क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) से जुड़े दायित्वों का नेतृत्व करेंगे. उनका मुख्य फोकस चुनाव प्रबंधन, लोकतंत्र अध्ययन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सशक्त बनाने पर रहेगा.
अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव से समृद्ध प्रोफाइल
चंचल कुमार शर्मा एक जाने-माने राजनीतिक वैज्ञानिक हैं. उनके पास व्यापक अंतरराष्ट्रीय अकादमिक अनुभव और शोध नेटवर्क है. उन्होंने जर्मनी के फ्राइबर्ग विश्वविद्यालय, हैम्बर्ग स्थित GIGA संस्थान, यूनाइटेड किंगडम के एडिनबर्ग विश्वविद्यालय, ब्रिस्टल विश्वविद्यालय, ब्राइटन विश्वविद्यालय और इटली के बोल्ज़ानो स्थित EURAC इंस्टीट्यूट फॉर कम्पेरेटिव फेडरलिज़्म जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शोध कार्य किया है.
प्रशिक्षण और शोध कार्यक्रमों पर विशेष जोर
डीन के रूप में शर्मा लोकतंत्र, चुनाव प्रबंधन, मतदाता शिक्षा और चुनावी संचार से जुड़े उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण, शैक्षणिक और शोध कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने और उनके क्रियान्वयन का नेतृत्व करेंगे.
इंटरनेशनल IDEA में भारत की भूमिका को मिलेगा समर्थन
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब IIIDEM से इंटरनेशनल IDEA (International Institute for Democracy and Electoral Assistance) के काउंसिल ऑफ मेंबर स्टेट्स की 2026 में भारत की अध्यक्षता को मजबूत समर्थन देने की अपेक्षा है. इस ढांचे के तहत IIIDEM, इंटरनेशनल IDEA के साथ मिलकर वैश्विक ज्ञान उत्पादों, साझेदारियों और क्षमता निर्माण पहलों पर काम करेगा.
विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना
नई डीनशिप के तहत एक प्रमुख प्राथमिकता देश-विदेश के विश्वविद्यालयों और साझेदार संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ाना होगा. इसके अंतर्गत शोध केंद्रों की स्थापना, कार्यशालाओं और सेमिनारों के माध्यम से सर्वोत्तम प्रथाओं का साझा करना और संयुक्त ज्ञान पहलों का विकास शामिल है.
यह नियुक्ति भारत में चुनाव प्रबंधन और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के अध्ययन को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है.
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