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विदेश सचिव विक्रम मिस्री का कार्यकाल एक साल बढ़ा, जुलाई 2027 तक संभालेंगे जिम्मेदारी
विक्रम मिस्री जुलाई 2024 से भारत के 35वें विदेश सचिव के रूप में कार्यरत हैं. उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल की हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
केंद्र सरकार ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ाने का फैसला किया है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब वह 14 जुलाई 2027 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, देश के शीर्ष राजनयिक पद पर बने रहेंगे.
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से 1 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार, 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी विक्रम मिस्री को उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति तिथि 14 जुलाई 2026 के बाद भी सेवा विस्तार दिया गया है. यह विस्तार मूलभूत सेवा नियमों (Fundamental Rules) के तहत 14 जुलाई 2027 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा.
जुलाई 2024 से हैं भारत के 35वें विदेश सचिव
विक्रम मिस्री जुलाई 2024 से भारत के 35वें विदेश सचिव के रूप में कार्यरत हैं. उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल की हैं और विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया है.
राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन में राजदूत का अनुभव
विदेश सचिव बनने से पहले मिस्री जनवरी 2022 से जुलाई 2024 तक उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Deputy National Security Advisor) रहे. इससे पहले वह जनवरी 2019 से दिसंबर 2021 तक चीन में भारत के राजदूत रहे. उनके कार्यकाल के दौरान वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत-चीन के बीच तनाव का दौर भी देखने को मिला.
तीन दशक से अधिक का कूटनीतिक अनुभव
तीन दशक से अधिक लंबे कूटनीतिक करियर में विक्रम मिस्री ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. वह स्पेन और म्यांमार में भारत के राजदूत, श्रीलंका में उप उच्चायुक्त, जर्मनी के म्यूनिख में महावाणिज्य दूत और वॉशिंगटन डी.सी. स्थित भारतीय दूतावास में राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने ब्रुसेल्स, ट्यूनिस और इस्लामाबाद में भी विभिन्न राजनयिक पदों पर सेवाएं दी हैं.
तीन प्रधानमंत्रियों के रहे निजी सचिव
विक्रम मिस्री ने विभिन्न सरकारों के साथ काम करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल, डॉ. मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निजी सचिव के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है. विदेश मंत्रालय में वह विदेश मंत्री के कार्यालय में निदेशक और पाकिस्तान डेस्क के उप सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं.
श्रीनगर से शुरू हुआ शैक्षणिक सफर
7 नवंबर 1964 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में जन्मे विक्रम मिस्री ने अपनी शुरुआती शिक्षा श्रीनगर और उधमपुर के विभिन्न स्कूलों में प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से पढ़ाई की. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इतिहास में स्नातक किया और बाद में XLRI, जमशेदपुर से एमबीए की डिग्री हासिल की.
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