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पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार होंगे HDFC बैंक के नए चेयरमैन, बोर्ड से मिली मंजूरी
राजीव कुमार 2017 से 2020 तक वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव रहे. उस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बढ़ते एनपीए, पूंजी की कमी और कमजोर बैलेंस शीट जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे थे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक HDFC बैंक ने नेतृत्व स्तर पर बड़ा फैसला लिया है. बैंक के बोर्ड ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को नया चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. हालांकि उनकी नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी के बाद प्रभावी होगी. बैंकिंग सुधारों और वित्तीय क्षेत्र में लंबे अनुभव के चलते राजीव कुमार को बैंक के लिए एक अहम रणनीतिक नियुक्ति माना जा रहा है.
RBI की मंजूरी के बाद संभालेंगे जिम्मेदारी
HDFC बैंक के बोर्ड ने राजीव कुमार को चार साल के लिए स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी है. यह नियुक्ति 30 जून 2026 से प्रभावी होगी. बैंक की ओर से जारी नियामकीय सूचना के मुताबिक, RBI की मंजूरी मिलने के बाद उन्हें तीन साल के लिए बैंक का अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया जाएगा. राजीव कुमार भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त रह चुके हैं और इससे पहले उन्होंने वित्त मंत्रालय में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं.
अतनु चक्रवर्ती की जगह लेंगे
राजीव कुमार पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती की जगह लेंगे, जिन्होंने मार्च 2026 में नैतिक कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे के बाद बैंक नए चेयरमैन की तलाश कर रहा था.
बैंकिंग सुधारों में निभाई अहम भूमिका
राजीव कुमार 2017 से 2020 तक वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव रहे. उस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बढ़ते एनपीए, पूंजी की कमी और कमजोर बैलेंस शीट जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे थे.
उनके कार्यकाल में बैंकों में एनपीए की स्पष्ट पहचान, पर्याप्त प्रावधान और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया गया. इससे बैंकिंग क्षेत्र की वित्तीय स्थिति मजबूत करने में मदद मिली.
शेल कंपनियों और पोंजी स्कीमों पर कार्रवाई
DFS में कार्यभार संभालने के कुछ ही समय बाद करीब 3.38 लाख शेल कंपनियों के बैंक खाते फ्रीज किए गए. इसके अलावा 'बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट, 2019' लागू कर पोंजी स्कीमों पर भी कार्रवाई की गई.
राजीव कुमार ने बड़े कर्ज मामलों की निगरानी, धोखाधड़ी रोकने और बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई अहम कदम उठाए.
PSB मर्जर और रिकैपिटलाइजेशन के सूत्रधार
उनके कार्यकाल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डाली गई. इसके साथ ही 27 सरकारी बैंकों का विलय कर 12 बड़े और मजबूत बैंक बनाए गए. रीजनल रूरल बैंकों के पुनर्गठन और बैंकिंग क्षेत्र के कंसोलिडेशन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही.
कई अहम संस्थानों में निभाई जिम्मेदारी
राजीव कुमार रिजर्व बैंक के सेंट्रल बोर्ड, फाइनेंशियल स्टेबिलिटी एंड डेवलपमेंट काउंसिल, बैंक बोर्ड ब्यूरो, SBI और NABARD के बोर्ड समेत कई महत्वपूर्ण संस्थानों से जुड़े रहे हैं. वे आर्थिक पूंजी ढांचे और नीति आयोग के पुनर्गठन से जुड़ी समितियों का भी हिस्सा रह चुके हैं.
CEO शशिधर जगदीशन के कार्यकाल पर भी नजर
इस बीच HDFC बैंक के एमडी एवं CEO शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला है. माना जा रहा है कि बैंक बोर्ड उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने की सिफारिश कर सकता है. इस संबंध में RBI की मंजूरी का इंतजार रहेगा.
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