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India Energy Storage Alliance के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्त हुए देबमल्य सेन
देबमल्य सेन ऊर्जा स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन, और ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखते हैं और उनकी नेतृत्व क्षमता भारत के ऊर्जा स्टोरेज इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
ऊर्जा स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और ई-मोबिलिटी पर केंद्रित प्रमुख उद्योग संगठन इंडिया एनर्जी स्टोरेज एलायंस (IESA) ने देबमल्य सेन को अपना नया अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की है. उन्होंने मंगलवार यानी 1 अप्रैल से इस पद का कार्यभार संभाले लिया है. बता दें, IESA की स्थापना 2012 में कस्टमाइज्ड एनर्जी सॉल्यूशन्स (CES) द्वारा की गई थी और इसका दृष्टिकोण भारत को ऊर्जा स्टोरेज, ई-मोबिलिटी और ग्रीन हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान और विकास, निर्माण और अपनाने का वैश्विक हब बनाना है. आज IESA 180+ सदस्य कंपनियों का गर्वित नेटवर्क है, जिसमें ऊर्जा स्टोरेज, EV निर्माण, EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन हाइड्रोजन, माइक्रोग्रिड्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, शोध संस्थान, विश्वविद्यालय और क्लीनटेक स्टार्टअप्स जैसे उद्योग क्षेत्रों का समावेश है.
ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक अनुभव
ऊर्जा क्षेत्र में पारंपरिक ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन में व्यापक अनुभव के साथ, देबमल्य सेन IESA में अपनी विशेषज्ञता लेकर आए हैं. उभरती प्रौद्योगिकियों, नीति समर्थन और व्यवसाय विकास में उनकी नेतृत्व क्षमता भारत के ऊर्जा स्टोरेज इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. IESA से जुड़ने से पहले, देबमलय सेन ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में इंडिया लीड, एडवांस्ड एनर्जी सॉल्यूशन्स के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने ऊर्जा स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन सहित ऊर्जा संक्रमण, नीति ढांचे और उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा का नेतृत्व किया. उन्होंने नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) और सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के साथ मिलकर भारत की ऊर्जा स्टोरेज नीतियों को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
प्रतिक्रिया
IESA के प्रबंध निदेशक विनायक वालिम्बे ने कहा, “अध्यक्ष के रूप में, देबमल्य IESA की रणनीतिक पहलों, उद्योग साझेदारियों और नीति समर्थन प्रयासों का नेतृत्व करेंगे, ताकि भारत में ऊर्जा स्टोरेज समाधानों की तैनाती को बढ़ावा दिया जा सके. बैटरी स्टोरेज, ग्रिड आधुनिकीकरण और ग्रीन हाइड्रोजन विकास में उनके अनुभव से IESA के मिशन को मजबूती मिलेगी, जो एक स्थिर और लचीली ऊर्जा भविष्य की ओर मार्गदर्शन करेगा.”
देबमल्य सेन ने अपनी नियुक्ति पर कहा, “भारत के ऊर्जा संक्रमण के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर IESA का नेतृत्व करना मेरे लिए सम्मान की बात है. ऊर्जा स्टोरेज और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों की बढ़ती भूमिका के साथ, जो भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों को हासिल करने में सहायक होंगी, मैं क्षेत्र की वृद्धि को तेज करने के लिए नवाचार, नीति समर्थन और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देने के लिए तत्पर हूं.”
IESA की प्रमुख पहलें
IESA भारत के नेट-जीरो लक्ष्य को समर्थन देने के लिए कई पहलें चला रहा है. इंडिया बैटरी मैन्युफैक्चरिंग एंड सप्लाई चेन काउंसिल (IBMSCC) एक ऐसी पहल है जो भारत में आने वाली गीगा फैक्ट्रियों के लिए बैटरी सप्लाई चेन के पूरे विकास पर काम करेगी. इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी काउंसिल (IEMC) का गठन ई-मोबिलिटी प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान एवं विकास, निर्माण और स्वच्छ परिवहन के अपनाने के अवसरों का पता लगाने के लिए किया गया है. इंडिया ग्रीन हाइड्रोजन काउंसिल (IGHC) भारत के लिए ग्रीन हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान, निर्माण और स्वच्छ परिवहन के अवसरों को अधिकतम उपयोग करने का उद्देश्य रखता है.
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