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अंबानी का आम से क्या है कनेक्शन? यहां जानें पूरी कहानी
मुकेश अंबानी की रिलायंस और आम का रिश्ता काफी पुराना और बेजोड़ है. यूं कहें कि अंबानी की कमाई में आम का काफी बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
रिलायंस का नाम सुनते ही आंखों के सामने बड़ी-बड़ी फैक्ट्री, स्टोर्स आदि घूमने लगते हैं, ऐसे में अगर रिलायंस के साथ आम का जिक्र किया जाए तो सवाल लाजमी है कि दोनों में क्या कनेक्शन है? मुकेश अंबानी की रिलायंस और आम का रिश्ता काफी पुराना और बेजोड़ है. यूं कहें कि अंबानी की कमाई में आम का काफी बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान है.
हर साल मोटी कमाई
रिलायंस इंडस्ट्री आजकल नए-नए सेक्टर में एंट्री कर रही है. आम एक्सपोर्टर के तौर पर भी उसने खुद को स्थापित किया है. भारत आम का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, ऐसे में आम को देश से बाहर भेजकर मुकेश अंबानी हर साल मोटा मुनाफा कमाते हैं. कंपनी ना सिर्फ किसानों से आम खरीदकर निर्यात करती है बल्कि उसके अपने भी फार्म हैं.
600 एकड़ का मैंगो फार्म
गुजरात के जामनगर में रिलायंस का 600 एकड़ का मैंगो फार्म है. रिलायंस के आम एक्सपोर्ट करने की कहानी कुछ साल पहले शुरू हुई थी, जब कंपनी की जामनगर रिफाइनरी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निशाने पर आई. बोर्ड ने रिलायंस को कई नोटिस भी भेजे. प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कंपनी ने अनोखा तरीका निकाला और जामनगर रिफाइनरी की खाली जमीन पर आम के पौधे लगाए गए.
आम का सबसे बड़ा बाग
हालांकि, ये काम आसान नहीं था, क्योंकि जमीन, हवा और पानी आम के लिए उपयुक्त नहीं थे. लेकिन टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को सफल बना दिया. इस बाग का नाम कंपनी के फाउंडर धीरूभाई अंबानी के नाम पर धीरूभाई अंबानी लखीबाग आमराई रखा गया है. 600 एकड़ से अधिक में फैले इस बाग को दुनिया में आम का सबसे बड़ा बाग माना जाता है.
केसर से लेकर आम्रपाली तक
अंबानी के इस बाग में आम की 200 से अधिक देसी-विदेशी किस्मों के पेड़ मौजूद हैं. बाग में केसर, अल्फोंसो, रत्ना, सिंधु, नीलम और आम्रपाली जैसी देसी किस्मों के अलावा विदेशी किस्म के आम भी हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, आम के बाग के लिए पानी कंपनी के डिसैलिनेशन प्लांट से आता है. इस प्लांट में समुद्र के पानी को साफ किया जाता है. ययहां वॉटर हार्वेस्टिंग और ड्रिप इरिगेशन जैसी तकनीक भी इस्तेमाल की जाती हैं.
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