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सस्ती हुई शाकाहारी थाली, लेकिन नॉन वेज ने ढीली कर दी जेब, जानें कितना पड़ा असर?
देश में अब वेजेटेरियन खाने और नॉनवेज खाना सस्ता होता जा रहा है. ये हम नहीं कह रहे, बल्कि क्रिसिल जैसी एक रेटिंग एजेंसी के मार्केट एनालिसिस में सामने आया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
फरवरी में घर पर पकाए गए शाकाहारी थाली (Veg Thali) की लागत में साल-दर-साल 1% की गिरावट आई, जबकि मांसाहारी थाली की लागत में सालाना 6% बढ़ी है. ये जानकारी क्रिसिल 'रोटी राइस रिपोर्ट' में सामने आयी है. क्रिसिल 'रोटी राइस रिपोर्ट' के मुताबिक, फरवरी में घर पर पकाए गए शाकाहारी थाली की लागत में साल-दर-साल 1% की गिरावट आई, जबकि मांसाहारी थाली की लागत में सालाना 6% बढ़ी है. हालांकि, फरवरी के दौरान शाकाहारी और मांसाहारी दोनों थालियों की लागत में 5% की कमी आई है.
क्यों सस्ती हुई वेज थाली?
टमाटर और रसोई गैस की कीमतों में गिरावट के कारण शाकाहारी थाली की कीमतों में कमी आई है. क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि टमाटर की कीमतें पिछले साल की तुलना में 28% घटकर 23 रुपये/Kg रह गई हैं, जबकि पिछले साल ये 32 रुपये/Kg थी. इसकी वजह इस साल टमाटर की आवक में 20% की ग्रोथ हुई है. LPG सिलेंडर की कीमतों में इस साल 11% की गिरावट आई है, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है. इस बीच, प्याज, आलू और वनस्पति तेलों की कीमतों में उछाल ने शाकाहारी थाली की कीमतों में गिरावट को रोक दिया है. प्याज में 11%, आलू में 16% और वनस्पति तेल की कीमतें 18% की बढ़त हुई है.
नॉन-वेज थाली के दाम में हुई बढ़ोतरी
क्रिसिल ने कहा कि ब्रॉयलर चिकन की कीमतों में तेज बढ़त के कारण नॉन वेज थाली महंगी हुई है. चिकन नॉन वेज थाली की कुल लागत का लगभग 50% है. इसने फरवरी में मांसाहारी थाली की लागत को बढ़ा दिया है. पिछले साल के लो बेस इफेक्ट के कारण ब्रॉयलर या चिकन की कीमतों में इस साल 15% बढ़ी पिछले साल इस समय के दौरान, एक्सेस सप्लाई के कारण ब्रॉयलर की कीमतों में गिरावट आई थी.
मंथली बेस पर, प्याज, टमाटर, आलू और ब्रॉयलर की कीमतों में गिरावट के कारण शाकाहारी और मांसाहारी दोनों थालियों की लागत में गिरावट आई है. दक्षिण भारत में बर्ड फ्लू के डर के बीच मांग में कमी के कारण ब्रॉयलर की कीमतों में इस महीने 5% की गिरावट आई है. जनवरी में CPI साल दर साल 4.31% तक गिर गया था, जो सब्जियों की कीमतों में गिरावट को दर्शाता है.
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