होम / यूटिलिटी / VB-G RAM-G अधिनियम 2025: ग्रामीण रोजगार को ‘पीएम गति शक्ति’ से जोड़ने की नई पहल
VB-G RAM-G अधिनियम 2025: ग्रामीण रोजगार को ‘पीएम गति शक्ति’ से जोड़ने की नई पहल
इस कानून के क्रियान्वयन के लिए ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ तैयार की जाएगी. इन योजनाओं का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाना, संतृप्ति आधारित विकास सुनिश्चित करना और सेवाओं की समन्वित डिलीवरी करना है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
ग्रामीण आजीविका को मजबूती देने और स्थानीय विकास को राष्ट्रीय योजना से जोड़ने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने VB-G RAM-G अधिनियम, 2025 लागू किया है. यह कानून ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के अनुरूप गांवों में आय सुरक्षा और समन्वित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. ग्रामीण विकास राज्य मंत्री Kamlesh Paswan ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से इस अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी है. सरकार का मानना है कि यह कानून ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों को राष्ट्रीय अवसंरचना और विकास रणनीति के साथ जोड़कर गांवों में आय वृद्धि, पारदर्शिता और समग्र विकास को नई गति देगा.
125 दिन का गारंटीकृत रोजगार
नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों के उन वयस्क सदस्यों को हर वर्ष 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जो स्वेच्छा से काम करने के लिए पंजीकरण कराते हैं. इससे ग्रामीण परिवारों को आय सुरक्षा मिलने और पलायन में कमी आने की उम्मीद है.
‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ के जरिए समन्वित विकास
इस कानून के क्रियान्वयन के लिए ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ तैयार की जाएगी. इन योजनाओं का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाना, संतृप्ति आधारित विकास सुनिश्चित करना और सेवाओं की समन्वित डिलीवरी करना है.
ये योजनाएं PM Gati Shakti से जोड़ी गई हैं और इन्हें भू-स्थानिक मैपिंग तथा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का समर्थन प्राप्त है. स्वीकृत योजनाओं को ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर समेकित किया जाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार पहलें व्यापक विकास लक्ष्यों के अनुरूप संचालित हों.
पंचायत राज संस्थाओं की स्पष्ट भूमिका
अधिनियम की धारा 16 में Panchayati Raj Institutions की भूमिका स्पष्ट की गई है. जिला, मध्यवर्ती और ग्राम स्तर की पंचायतों को योजना निर्माण, क्रियान्वयन और निगरानी की मुख्य जिम्मेदारी दी गई है.
जिला स्तर पर, पंचायतें योजनाओं का समन्वय, स्वीकृति और निगरानी करेंगी तथा अन्य कार्यक्रमों से अभिसरण सुनिश्चित करेंगी.
मध्यवर्ती स्तर पर, पंचायतें ब्लॉक स्तर की योजनाएं तैयार करेंगी और ग्राम पंचायतों को क्रियान्वयन में सहयोग देंगी.
ग्राम पंचायत स्तर पर, पंजीकरण, कार्य आवंटन, रिकॉर्ड संधारण और तकनीकी मानकों के पालन की जिम्मेदारी होगी.
50 प्रतिशत कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से अनिवार्य
अधिनियम में प्रावधान है कि कुल लागत के आधार पर कम से कम 50 प्रतिशत कार्य ग्राम पंचायतों के जरिए ही कराए जाएंगे. मस्टर रोल, बिल, वाउचर, माप पुस्तिका और जियो-टैग डिजिटल रिकॉर्ड जैसे सभी दस्तावेज ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे, ताकि सामाजिक अंकेक्षण और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके.
मनरेगा के अनुभव से तैयार ढांचा
इस ढांचे को तैयार करने में Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act के क्रियान्वयन के अनुभवों का भी उपयोग किया गया है. इससे जवाबदेही और संस्थागत जिम्मेदारियों को मजबूत बनाने का प्रयास किया गया है.
टैग्स