होम / यूटिलिटी / 12 तरह के ही ईंधन को मंजूरी, जानिए कहां-कहां कर सकते हैं पेट्रोल-CNG का इस्तेमाल
12 तरह के ही ईंधन को मंजूरी, जानिए कहां-कहां कर सकते हैं पेट्रोल-CNG का इस्तेमाल
पेट्रोल और डीजल का इसका इस्तेमाल 10 पीपीएम सल्फर के साथ बीएस 6 वाहनों में किया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में अब आप मनमाने ढ़ंग से ईंधन का इस्तेमाल नहीं कर सकते. प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए केंद्र सरकार ने जरूरी कदम उठाया है. केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में अब सिर्फ 12 तरह के ईंधन का ही इस्तेमाल किया जा सकता है.
केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन का काम
इस आयोग के पास एयर पॉल्यूशन से संबंधित किसी भी मामले की जांच करने का अधिकार है. इनके पास ही दिल्ली-एनसीआर में स्थापित किसी भी संयंत्र, उपकरण, मशीनरी आदि की जांच करने का अधिकार भी है. इसके अलावा, यह आयोग नियमों का पालन नहीं करने वाले किसी भी उद्योग को बंद कर सकता है. प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए भी दिशा-निर्देश जारी करना भी इसी आयोग का काम है. किसी भी मामले पर स्वत: संज्ञान लेने का अधिकार भी इस आयोग के पास है.
वे ईंधन जिनके इस्तेमाल को दी गई मंजूरी
पेट्रोल : इसका इस्तेमाल 10 पीपीएम सल्फर के साथ बीएस 6 वाहनों में किया जाएगा.
डीजल : 10 पीपीएम सल्फर के साथ बीएस 6 वाहनों में ही ईंधन के तौर पर डीजल का इस्तेमाल हो सकेगा.
हाइड्रोजन और मीथेन: हाइड्रोजन और मीथेन का इस्तेमाल सिर्फ वाहनों और औद्योगिक ईंधन के तौर पर हो सकेगा.
प्राकृतिक गैस : इसके अंतर्गत CNG, PNG, LNG आता है. इनका इस्तेमाल सिर्फ वाहनों, उद्योगों और घरेलू हो सकता है.
पेट्रोलियम गैस : इसके अंतर्गत LPG, प्रोपेन और ब्यूटेन आता है. इनका प्रयोग भी सिर्फ वाहनों, उद्योगों व घरों में हो सकता है.
बिजली : इसे वाहनों, उद्योगों, व्यावसायिक व घरों में इस्तेमाल की छूट दी गई है.
एवीएशन टरबाइन फ्यूल : इसका इस्तेमाल सिर्फ विमानों के परिचालन में किया जा सकता है.
बायोफ्यूल : इसके अंतर्गत बायो-एल्कोहॉल, बायो-डीजल, बायो गैस, सीबीजी, बायो-सीएनजी आता है. बायोफ्यूल का इस्तेमाल उद्योगों, वाहनों और घरों में हो सकता है.
रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल : ऊर्जा संयंत्र, सीमेंट प्लांट, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल का इस्तेमाल हो सकता है.
फायरवुड : बायोमास ब्रिकेट का इस्तेमाल धार्मिक कार्यों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है.
लकड़ी-चारकोल का इस्तेमाल : इसका उपयोग सिर्फ तंदूर और ग्रिल में, खुले में चलने वाली खान-पान की दुकानों और ढाबे में हो सकता है.
लकड़ी का कोयला: कपड़े को प्रेस करने में इसका इस्तेमाल हो सकता है. इसके अलावा शवदाह गृहों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
इन 12 ईंधनों को भी उन्हीं कामों में इस्तेमाल में लाया जाएगा, जिसके लिए इन्हें अप्रूव्ड किया गया है. यदि इनके अलावा बहुत जरूरी होने पर अन्य ईंधनों का इस्तेमाल करते हैं तो उसके लिए अनुमति लेनी होगी.
टैग्स