होम / बिजनेस / चीन ने रोकी Meta की $2 अरब AI डील, Manus अधिग्रहण पर ब्रेक

चीन ने रोकी Meta की $2 अरब AI डील, Manus अधिग्रहण पर ब्रेक

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका चीन की एडवांस चिप्स और AI तकनीक तक पहुंच को सीमित करने के लिए निर्यात प्रतिबंध कड़े कर रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तकनीकी तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. चीन ने अमेरिकी टेक कंपनी मेटा (Meta Platforms) की लगभग 2 अरब डॉलर की AI स्टार्टअप खरीद डील को रोकने का आदेश दिया है. यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को और गहरा करता है.

चीन ने रोकी AI डील

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन की नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन ने मेटा और चीनी AI स्टार्टअप मानुस (Manus) के बीच होने वाली डील को रद्द करने का निर्देश दिया है. यह अब तक के सबसे हाई-प्रोफाइल हस्तक्षेपों में से एक माना जा रहा है, खासकर क्रॉस-बॉर्डर AI डील्स के मामले में.

टेक्नोलॉजी और AI टैलेंट पर सख्त रुख

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका चीन की एडवांस चिप्स और AI तकनीक तक पहुंच को सीमित करने के लिए निर्यात प्रतिबंध कड़े कर रहा है. इसके जवाब में चीन भी अपने देश की उभरती AI तकनीक और टैलेंट को अमेरिकी कंपनियों के हाथों जाने से रोकने की कोशिश कर रहा है.

Meta की बड़ी AI रणनीति को झटका

मेटा जोकि फेसबुक की मूल कंपनी है, ने दिसंबर में Manus को 2 अरब डॉलर से अधिक में खरीदने पर सहमति जताई थी. कंपनी का लक्ष्य AI “एजेंट्स” विकसित करना था, जो बिना ज्यादा मानव हस्तक्षेप के जटिल काम कर सकें और पारंपरिक चैटबॉट्स से कहीं अधिक सक्षम हों.

रेगुलेटरी जांच और यात्रा प्रतिबंध

मार्च में इस डील पर जांच और तेज हो गई थी, जब मानुस के सीईओ शियाओ हॉंग (Xiao Hong) और मुख्य वैज्ञानिक जी यीचाओ (Ji Yichao) को चीन छोड़ने से रोक दिया गया था. अधिकारियों द्वारा डील की समीक्षा के चलते यह कदम उठाया गया था.

Manus और चीन की AI दौड़

मानुस ने पिछले साल तब सुर्खियां बटोरी थीं जब उसने खुद को दुनिया का पहला जनरल AI एजेंट बताया था. इसके बाद इसे चीन के उभरते डीपसीक (DeepSeek) जैसे AI प्रोजेक्ट्स का संभावित प्रतिद्वंदी माना जाने लगा था.

बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए Manus ने हाल ही में अपना मुख्यालय सिंगापुर स्थानांतरित कर दिया है. यह कदम उन चीनी टेक कंपनियों की बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा है जो अमेरिका-चीन तनाव से बचने के लिए ऑफशोर बेस बना रही हैं.

इस फैसले ने अमेरिका और चीन के बीच पहले से जारी टेक और AI प्रतिस्पर्धा को और तेज कर दिया है. साथ ही यह संकेत भी देता है कि भविष्य में AI और हाई-टेक डील्स पर भू-राजनीतिक प्रभाव और बढ़ सकता है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

12 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

12 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

13 hours ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

14 hours ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

16 hours ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

14 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

12 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

12 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

13 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

20 hours ago