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रेलवे की कलाकारी: गुपचुप कर दिया ये काम, अब कटेगी आपकी जेब
रेल का सफर किसी न किसी तरह से महंगा होता जा रहा है. अब यात्रियों को एक और झटका लगा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
महंगाई के दौर में भारतीय रेलवे (Indian Railway) की एक कलाकारी आपकी जेब पर भारी पड़ने वाली है. दरअसल, रेलवे ने देशभर की 130 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को सुपरफास्ट का दर्जा देकर सभी श्रणियों का किराया बढ़ा दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन ट्रेनों के AC-1 और एक्जीक्यूटिव क्लास में 75 रुपए, AC-2,3, चेयरकार में 45 रुपए और स्लीपर क्लास में 30 रुपए किराया बढ़ाया गया है. नई व्यवस्था एक अक्टूबर से लागू कर दी गई है.
सुविधाओं में इजाफा नहीं
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जिन 130 ट्रेनों को सुपरफास्ट बनाया गया है, उनमें खानपान, यात्री सुरक्षा या सुविधाओं में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की गई है. यानी इन सब पर कोई पैसा खर्चा किए बगैर रेलवे ने सभी श्रेणियों का किराया बढ़ा दिया है. बता दें कि 56 किलोमीटर प्रतिघंटा की औसत रफ्तार से दौड़ने वाली ट्रेनों को टाइम टेबल में सुपरफास्ट का दर्जा दे दिया जाता है.
छूट भी छीन ली
कोरोना महामारी के दौर में रेलवे ने बड़े पैमाने पर बदलाव किए हैं. जिसमें सबसे प्रमुख है सीनियर सिटीजन को किराए में मिलने वाली राहत खत्म करना. दरअसल, उस दौर में सभी ट्रेनों का संचालन नही हो रहा था. रेलवे ने कुछ ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चलाया था और स्पेशल ट्रेनों में इस तरह की छूट नहीं दी जाती. लोगों को उम्मीद थी कि स्थिति ठीक होने के बाद पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. अब ये पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि सीनियर सिटीजन को किराए में कोई छूट नहीं मिलेगी.
लेटलतीफी जारी है
रेलवे नई सुपरफास्ट ट्रेन चलाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. लेकिन ट्रेनों की लेटलतीफी और यात्री सुविधाओं के कमी एक बड़ी समस्या है. एक रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स के हवाले से बताया गया है कि 15-20 फीसदी ट्रेनें कभी भी निर्धारित समय पर नहीं पहुचतीं. जबकि 60 फीसदी ट्रेनें 15-20 मिनट देरी से पहुचती हैं. इसके अलावा, सर्दियों के मौसम में कोहरे की काट भी रेलवे नहीं निकाल पाया है. अधिकांश ट्रेनें कोहरे के चलते लेट हो जाती हैं. जानकार मानते हैं कि यदि किराया बढ़ाना ही है, तो पहले यात्री सुविधाओं में भी इजाफा किया जाना चाहिए. रेल सफर को सुरक्षित करने पर भी सरकार का ध्यान होना चाहिए.
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