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नए साल में नई जेब गणित: 1 जनवरी 2026 से लागू हुए ये 10 बड़े बदलाव, जानिए आप पर क्या पड़ेगा असर
1 जनवरी 2026 से लागू हुए ये बदलाव आम आदमी की जिंदगी के कई पहलुओं को प्रभावित करेंगे. कहीं राहत है तो कहीं अतिरिक्त बोझ भी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
साल 2026 की शुरुआत आम लोगों के लिए कई अहम बदलावों के साथ हुई है. 1 जनवरी से ऐसे कई नियम और फैसले लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर पड़ेगा. कहीं राहत मिली है तो कहीं खर्च बढ़ने वाला है. पीएनजी सस्ती हुई है, लेकिन एलपीजी सिलेंडर और कारें महंगी हो गई हैं. इसके अलावा टैक्स, रेलवे टिकट, निवेश, सैलरी और डिजिटल लेन-देन से जुड़े नियमों में भी बदलाव हुए हैं. आइए जानते हैं आज से लागू हुए 10 बड़े बदलावों के बारे में.
पीएनजी सस्ती, कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा
नए साल पर घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की कीमत में 70 पैसे प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर की कटौती की है. इसके बाद दिल्ली में PNG की कीमत घटकर 47.89 रुपये प्रति SCM हो गई है. वहीं दूसरी ओर 19 किलो वाला कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा हो गया है. दिल्ली में इसकी कीमत 111 रुपये बढ़कर 1,691.50 रुपये हो गई है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट में खाने-पीने का खर्च बढ़ सकता है.
आज से महंगी हो गईं कारें
नए साल के साथ ही कई कार कंपनियों ने गाड़ियों की कीमतें बढ़ा दी हैं. हुंडई की कारें औसतन 0.6 फीसदी महंगी हो गई हैं. रेनॉ इंडिया ने अपनी कारों की कीमतों में 2 फीसदी तक बढ़ोतरी की है. वहीं मर्सिडीज-बेंज इंडिया भी 2 फीसदी तक कीमत बढ़ाने की तैयारी में है. JSW MG Motor India और निसान इंडिया ने भी बढ़ती इनपुट और लॉजिस्टिक्स लागत का हवाला देते हुए 2 से 3 फीसदी तक दाम बढ़ाने के संकेत दिए हैं.
छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें यथावत
सरकार ने PPF, सुकन्या समृद्धि योजना और NSC जैसी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. हालांकि हाल ही में आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की थी, जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि ब्याज दरें घट सकती हैं. लेकिन 1 जनवरी से शुरू हो रही तिमाही के लिए सरकार ने दरों को स्थिर रखा है.
PAN और आधार लिंक न कराने वालों पर असर
पैन और आधार लिंक करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो चुकी है. जिन लोगों ने आधार एनरोलमेंट आईडी के जरिए पैन बनवाया था और अब तक लिंक नहीं कराया है, उनका पैन निष्क्रिय हो सकता है. इससे टैक्स रिटर्न फाइल करना मुश्किल होगा, अधिक TDS कट सकता है और निवेश, KYC या FD से जुड़े आवेदन भी खारिज हो सकते हैं.
ITR से जुड़े नियम हुए सख्त
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए रिवाइज्ड और बिलेटेड ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर थी. जिन लोगों ने समय पर रिटर्न फाइल नहीं किया है, उन्हें अब अपडेटेड रिटर्न भरना होगा. इस पर अतिरिक्त टैक्स और जुर्माना देना पड़ सकता है. साथ ही पुराने घाटे का क्लेम भी नहीं किया जा सकेगा.
रेलवे रिजर्वेशन के नए नियम
रेलवे ने टिकट बुकिंग को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए आधार-ऑथेंटिकेटेड बुकिंग सिस्टम लागू किया है. आधार से वेरिफाइड यूजर्स 5 जनवरी 2026 से एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले दिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक टिकट बुक कर सकेंगे. 12 जनवरी 2026 से यह समय सीमा बढ़ाकर रात 12 बजे तक कर दी जाएगी. इसका मकसद फर्जी आईडी और कालाबाजारी पर लगाम लगाना है.
REITs को लेकर निवेश नियम बदले
1 जनवरी 2026 से म्यूचुअल फंड्स और स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स द्वारा REITs में किया गया निवेश इक्विटी निवेश माना जाएगा. सेबी ने REITs को इक्विटी कैटेगरी में शामिल कर लिया है ताकि इन फंड्स का निवेश बढ़ाया जा सके. हालांकि InvITs पहले की तरह हाइब्रिड कैटेगरी में ही बने रहेंगे.
आठवां वेतन आयोग लागू
सरकार ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी है. इसकी सिफारिशें भले ही बाद में आएं, लेकिन यह 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा. इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर के रूप में मोटी रकम मिलने की उम्मीद है.
डिजिटल लेन-देन के नियम हुए सख्त
डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए सरकार और आरबीआई ने UPI प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त नियम लागू किए हैं. गूगल पे, फोन पे और व्हाट्सएप पे जैसे ऐप्स पर अब ज्यादा कड़ी KYC प्रक्रिया अपनानी होगी. मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन और अकाउंट लिंकिंग में अतिरिक्त सुरक्षा लेयर जोड़ी जा रही है.
फूड प्रोडक्ट्स के लिए नए सख्त नियम
नए साल से खाद्य उत्पादों की मंजूरी के नियम भी सख्त हो गए हैं. अब सिर्फ दावों के आधार पर किसी फूड प्रोडक्ट को सुरक्षित नहीं माना जाएगा. FSSAI ने तय किया है कि खाद्य सुरक्षा या मानकों में बदलाव से जुड़े सभी आवेदन अब एक तय और मानकीकृत प्रारूप में ही स्वीकार किए जाएंगे. कंपनियों को अपने दावों के पीछे ठोस वैज्ञानिक सबूत देने होंगे.
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