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भारत-SACU व्यापार वार्ता का खाका तैयार, एक साल में समझौता पूरा करने का लक्ष्य
भारत और दक्षिण अफ्रीका के नेतृत्व वाले पांच देशों के समूह साउदर्न अफ्रीकन कस्टम्स यूनियन यानी SACU ने प्रस्तावित ट्रेड डील के लिए बातचीत का औपचारिक खाका तय कर लिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत और पांच सदस्यीय दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (SACU) के बीच प्रस्तावित प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बुधवार को टर्म ऑफ रेफरेंस (ToR) पर हस्ताक्षर किए गए. इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच होने वाली बातचीत का दायरा, उद्देश्य और बुनियादी नियम औपचारिक रूप से तय हो गए हैं. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बातचीत में तेजी जरूरी है, लेकिन जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वार्ता को वर्षों तक खींचने के बजाय एक तय और सीमित समयसीमा में पूरा किया जाना चाहिए. दोनों पक्षों ने एक महीने के भीतर बातचीत शुरू करने और एक साल में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
किन मुद्दों पर होगी बातचीत?
प्रस्तावित समझौते के शुरुआती चरण में वस्तुओं के व्यापार से जुड़े आठ प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है. इनमें बाजार तक पहुंच, मूल स्थान के नियम (Rules of Origin), सीमा शुल्क प्रक्रिया और व्यापार सुगमता, व्यापार उपचार, सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी उपाय, तकनीकी व्यापार बाधाएं, विवाद निपटान तथा कानूनी और अन्य सामान्य प्रावधान शामिल हैं. वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि बातचीत आगे बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में कुछ नए मुद्दे जोड़े या कुछ प्रावधान हटाए भी जा सकते हैं. ToR पर वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव यशवीर सिंह और SACU की मुख्य वार्ताकार न्दीताह न्घीपोंडोका-रोबियाती ने हस्ताक्षर किए. यह दस्तावेज दोनों पक्षों के बीच आगे होने वाली बातचीत का औपचारिक रोडमैप उपलब्ध कराता है.
2025-26 में भारत-SACU व्यापार $16.81 अरब
भारत और SACU के बीच व्यापार तेजी से बढ़ रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 16.81 अरब डॉलर रहा. इसमें भारत का निर्यात 7.55 अरब डॉलर रहा. SACU में दक्षिण अफ्रीका के अलावा बोत्सवाना, नामीबिया, लेसोथो और इस्वातिनी शामिल हैं. पीयूष गोयल ने कहा कि भारत SACU के संवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्रों का सम्मान करेगा. इसके साथ ही भारत को भी अपने संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर SACU से समान सहयोग और विचार की उम्मीद है.
हेल्थकेयर और IT में सहयोग बढ़ाने पर जोर
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित समझौता दोनों पक्षों को मौजूदा बाजारों से आगे बढ़ने और वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भागीदारी मजबूत करने में मदद कर सकता है. उन्होंने हेल्थकेयर और सूचना प्रौद्योगिकी यानी IT को सहयोग बढ़ाने वाले अहम क्षेत्रों के तौर पर रेखांकित किया. भारत SACU देशों को किफायती दवाइयों, तकनीकी क्षमताओं और प्रतिभा विकास के क्षेत्र में सहयोग दे सकता है. गोयल ने कहा कि शुरुआत उन क्षेत्रों से की जानी चाहिए जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे की क्षमताओं के पूरक हैं और आगे चलकर सहयोग का दायरा बढ़ाया जा सकता है.
ग्लोबल ट्रेड अनिश्चितता के बीच अहम कदम
SACU की मुख्य वार्ताकार न्दीताह न्घीपोंडोका-रोबियाती ने कहा कि समूह एक संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और विकास-केंद्रित समझौता चाहता है. वहीं, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि तय समयसीमा में समझौते को पूरा करना वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच सकारात्मक संकेत देगा. उनके मुताबिक, समय पर होने वाली ऐसी साझेदारियां वैश्विक व्यापार को गति देने में मदद कर सकती हैं.
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