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कैसे बदल रहा है होम्योपैथी का सिस्टम, सॉफ्टवेयर दे रहा है सलाह
मरीज होम्योपैथी के इलाज के लिए डॉक्टर के पास आता है तो वो उसकी बीमारी जानकर, डिटेल्स सॉफ्टवेयर में डाल देते है. जिससे सॉफ्टवेयर उन्हें उस बीमारी के इलाज के लिए 5 या 6 दवाओं की सलाह दे देता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
होमियोपैथी को लेकर सामान्य तौर पर ये धारणा होती है कि इसका असर काफी देरी से होता है, लोग मेडिसिन की इस विधा का इस्तेमाल कुछ कम ही बीमारियों के लिए करते है. लेकिन BW healthcare के कार्यक्रम में पहुंचे नेमनाथ होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर के चेयरमैन डॉक्टर प्रदीप गुप्ता की माने तो अब होमियोपैथी काफी हद तक बदल गयी है. सामान्य रोगों के इलाज के लिये ही नहीं बल्कि बड़ी बीमारियों का भी इसमें प्रभावी इलाज मौजूद है.
सफ्टवेयर से हो रहा है इलाज
डॉ प्रदीप गुप्ता बताते है कि आज होमियोपैथी के डॉक्टर मरीजो के इलाज के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहें है. इसके बारे में विस्तार से बताते हुए वो कहते है कि आज जब कभी भी मरीज उनके पास आता है तो वो उसकी बीमारी जानकर डिटेल्स सॉफ्टवेयर में डाल देते है. जिससे सॉफ्टवेयर उन्हें उस बीमारी के इलाज के लिए 5 या 6 दवाओं की सलाह दे देता है, उसके बाद ये डॉक्टर के अनुभव और उसकी जानकारी पर निर्भर करता है कि वो उनमें से कौन सी दवा मरीज को देता है. ये पूरी तरह से उसके क्लीनिकल अनुभव और ज्ञान पर निर्भर करता है कि वो कौन सी दवा देता है.
कोरोना में भी होमियोपैथी ने निभाया बड़ा रोल
डॉ प्रदीप बताते है कि सिर्फ रोजमर्रा की बीमारियों में ही नहीं बल्कि बड़ी बीमारियों में भी होमियोपैथी बड़ी भूमिका निभा रही है. डॉक्टर प्रदीप गुप्ता बताते हैं कि उन्होंने कोरोना की पहली और दूसरी वेव के दौरान होम्योपैथी की चार से पांच दवाएं प्रिवेंटिव मेडिसिन दी थी. वो बताते हैं कि पहली वेव में ये दवाएं उन्होंने साढ़े 6 लाख लोगों को जिनमें से सिर्फ 45 को कोरोना हुआ. दूसरी वेव में उन्होने अस्पताल में होम्योपैथी से 12565 का ईलाज किया जिसमें 6 की मौत हुई. वो बताते हैं इसके नतीजे बड़े उत्साहजनक रहे. डॉक्टर साहब ने ये भी बताया कि सेकेंड वेव में भी आगरा, फिरोजाबाद और दिल्ली एनसीआर के कई मरीजों को वो दवा दी गई थी.
हार्ट अटैक और कैंसर जैसी बीमारियों में भी कारगर है होम्योपैथी
आज होम्योपैथी का विकास इस स्तर तक हो गया है कि वो हार्ट अटैक और कैंसर जैसी बड़ी बीमारियों में भी ईलाज करने की ताकत रखती है. हार्ट अटैक में जहां होम्योपैथी में आर्सिका, स्पाईजिलिया, एफोनाइट जैसी दवाएं दी जाती जिन्हें आप अपने डॉक्टर से परामर्श के बाद ले सकते हैं. जबकि कैंसर के प्रथम स्टेज का उपचार भी इसमें मौजूद है. जो 5 मिनट से लेकर 20 मिनट तक असर दिखाने में कामयाब रहती हैं.
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