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चेक काटने से पहले ये खबर ज़रूर पढ़ लें, बाउंस हुआ, तो पड़ेगा बहुत पछताना
चेक बाउंस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मंत्रालय ने हाल में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी, जिसमें इस तरह के कई सुझाव प्राप्त हुए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
चेक बाउंस के मामलों से निपटने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने जा रही ही. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त मंत्रालय इससे जुड़े कुछ सुझावों पर विचार कर रहा है, जिसमें चेक बाउंस होने पर उसे जारी करने वाले के दूसरे खाते से पैसा काटने और उसके नया खाता खोलने पर रोक लगाने जैसे कदमों का जिक्र है. दरअसल, चेक बाउंस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मंत्रालय ने हाल में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी, जिसमें इस तरह के कई सुझाव प्राप्त हुए हैं. माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही कुछ सख्त कदम उठा सकती है.
क्रेडिट स्कोर भी होगा कम
चेक बाउंस के बढ़ते मामलों से कानूनी प्रणाली पर भार बढ़ता है. इसलिए कुछ ऐसे सुझाव दिए गए हैं, जिन पर कानूनी प्रक्रिया से पहले अमल किया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर चेक जारी करने वाले के खाते में पर्याप्त पैसा नहीं है तो उसके अन्य खातों से राशि काट लेना. रिपोर्ट्स के अनुसार, अन्य सुझावों में चेक बाउंस की स्थिति में इसकी जानकारी ऋण सूचना कंपनियों को देना शामिल है, जिससे कि संबंधित व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर कम किया जा सके. हालांकि इन सुझावों को स्वीकार करने से पहले कानूनी राय ली जाएगी.
इस चलन पर लगेगी रोक
जानकारों का मानना है कि अगर ये सुझाव अमल में आते हैं, तो भुगतानकर्ता को चेक का भुगतान करने पर मजबूर होना पड़ेगा और मामले को अदालत तक ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे कारोबारी सुगमता बढ़ेगी और खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने के बावजूद जानते-बूझते चेक जारी करने के चलन पर भी रोक लगेगी. कई बार लोग यह जानते हुए भी कि उनके अकाउंट में पर्याप्त पैसा नहीं है, चेक जारी कर देते हैं. ऐसे में प्राप्तकर्ता को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ता है. यदि सरकार कुछ सख्त नियम बनाती है, तो यह सभी के लिए फायदेमंद रहेगा.
क्या हैं प्रावधान?
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि चेक बाउंस होने का मामला अदालत में दायर किया जा सकता है और यह एक दंडनीय अपराध है. ऐसे मामलों में चेक की राशि से दोगुना जुर्माना या दो वर्ष तक का कारावास या दोनों सजा हो सकते हैं. उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने हाल में वित्त मंत्रालय से अनुरोध किया था कि चेक बाउंस के मामले में बैंक से पैसा निकलने पर कुछ दिन तक अनिवार्य रोक जैसे कदम उठाए जाने चाहिए, जिससे कि चेक जारी करने वालों को जवाबदेह बनाया जा सके.
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