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गुजरात में खुला बुलियन एक्सचेंज, भारत में जल्द हो सकता है सोने का एक रेट
कश्मीर से लेकर के कन्याकुमारी तक बाजार में बिकने वाले रेट में काफी अंतर होता है. देश में सोने की कीमतों को तय करने में काफी पारदर्शिता आएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः हाल में गुजरात के गांधीनगर में देश के पहले बुलियन एक्सचेंज की शुरुआत हो गई है. इससे देश भर में सोना-चांदी खरीदने वाले ग्राहकों को बड़ा फायदा पहुंचने वाला है. ऐसा इसलिए क्योंकि देश में अभी सोने की कीमत हर शहर में अलग होती है, इसमें लोकल टैक्स, जीएसटी, उपकर और मालभाड़ा की दर अलग से जोड़ी जाती है, जिसके चलते कश्मीर से लेकर के कन्याकुमारी तक बाजार में बिकने वाले रेट में काफी अंतर होता है.
बुलियन एक्सचेंज से होंगे ये फायदे
बुलियन एक्सचेंज खुलने से देश में सोने की कीमतों को तय करने में काफी पारदर्शिता आएगी. सोने के भाव पहले की तुलना में कम होंगे, जिससे ग्राहकों को फायदा होगा और कारोबारियों का मार्जिन भी सही दिशा में रहेगा. सोने की क्वालिटी सेट करने में मदद मिलेगी क्योंकि एक ही प्लेटफॉर्म पर शुद्धता की स्टैंडर्ड सेटिंग होगी. चूंकि पूरे देश में अब एक ही जगह से सोना निकलेगा, इसलिए दाम तय करने और शुद्धता का पैमाना सेट करने में आसानी होगी.
कारोबारियों को होंगे ये फायदे
ग्राहकों की बात करने के बाद अब हम बताते हैं कि इससे कारोबारियों का क्या फायदा होगा. पहली बात कोई फ्रेट चार्ज कारोबारियों को नहीं देना होगा. एक्सचेंज की मदद से सोने के कारोबारी इंटरनेशनल रेट्स पर सोना खरीद सकेंगे. ऐसे में कीमतें ज्यादा बढ़ेंगी नहीं. बुलियन एक्सचेंज खुलने से अंतरराष्ट्रीय कंपनियां एक ही प्लेटफॉर्म पर सोने और चांदी के भाव जाहिर करेंगी. इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कंपनियों को फायदा होगा.
वन नेशन वन गोल्ड रेट की अवधारणा होगी पूरी
कारोबारियों को इससे पूरे देश में वन नेशन वन गोल्ड रेट लागू करने में मदद मिलेगी. बुलियन एक्सचेंज की कैटेगरी में जो ज्वेलर्स आएंगे, वे अंतरराष्ट्रीय दामों पर सोने का आयात कर सकेंगे. इससे फ्रेट चार्ज यानी कि ढुलाई का खर्च बचेगा और सोने के भाव कम रखने में मदद मिलेगी. ढुलाई के चलते ही दाम में अंतर देखा जाता है. सोने-चांदी की कीमतें फिर इंटरनेशनल हिसाब से तय होंगी और इनमें ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा. इससे सोने की शुद्धता की गारंटी भी मिलेगी.
क्यों बदल जाता है भाव
सोने का आयात शुल्क देश के लिए होता है, लेकिन पोर्ट से अलग-अलग राज्यों में भेजे जाने के बाद ट्रांसपोर्ट का खर्च आदि जुड़ने के बाद सोने का भाव बदल जाता है. माना जा रहा है कि जो ज्वैलर्स बुलियन एक्सचेंज की कैटेगरी में आएंगे वो सीधे गोल्ड का आयात कर सकेंगे. ऐसा करने से उन्हें फ्रेट चार्ज अलग से भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी. इससे मदद से सोने की कीमत को एकसमान रखने में मदद मिलेगी.
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