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SpaceX को भूल जाइए! अंतरिक्ष की सैर कराएगी ये भारतीय कंपनी, बस इतने पैसे इकट्ठा कर लीजिए
कंपनी ने यहां एक विज्ञान प्रदर्शनी 'आकाश तत्व' में SKAP 1 नामक अंतरिक्ष कैप्सूल का एक प्रोटोटाइप पेश किया, जिसे वैज्ञानिकों और आम लोगों से काफी सराहना मिली है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है कि घूमने के लिए अब स्पेस भी दूर नहीं है. अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो स्पेस जाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको एस्ट्रोनॉट बनने की जरूरत नहीं है, और न ही बोरियां भरकर पैसे खर्च करने की जरूरत है.
ये है देसी SpaceX, कराएगी स्पेस के दर्शन
जिस तरह ईलॉन मस्क मंगल पर बस्तियां बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं, उनकी कंपनी SpaceX इस दिशा में काम कर रही है, उसी तरह ईलॉन मस्क से प्रभावित होकर एक भारतीय कंपनी लोगों को स्पेस घुमाने का प्लान कर रही है. मुंबई स्थित एक कंपनी Space Aura Aerospace Technology Pvt Ltd ईलोन मस्क के SpaceX से बहुत ज्यादा प्रेरित है. कंपनी ने 10 फीट x 8 फीट के स्पेस कैप्सूल का निर्माण शुरू कर दिया है, जो एक बार में पायलट के अलावा छह पर्यटकों को अंतरिक्ष में ले जा सकता है. हालांकि, अंतरिक्ष कैप्सूल पृथ्वी के ऊपर 35 किमी के दायरे में रहेगा.
प्रोटोटाइप पेश किया
कंपनी ने यहां एक विज्ञान प्रदर्शनी 'आकाश तत्व' में SKAP 1 नामक अंतरिक्ष कैप्सूल का एक प्रोटोटाइप पेश किया, जिसे वैज्ञानिकों और आम लोगों से काफी सराहना मिली है. Space Aura के संस्थापक और CEO आकाश पोरवाल का कहना है कि कंपनी ने अंतरिक्ष में अपनी उड़ान शुरू करने के लिए 2025 का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि कर्नाटक और मध्य प्रदेश में दो जगहों की पहचान की गई है, जहां से अंतरिक्ष में उड़ान शुरू की जा सकती है और इस बारे में जल्द फैसला लिया जाएगा. पोरवाल ने कहा कि कंपनी ISRO और TIFR के वैज्ञानिकों की मदद से अपने लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश में लगी है.
गुब्बारे के जरिए अंतरिक्ष की सैर
उन्होंने बताया कि सभी आधुनिक सुविधाओं, लाइफ सेविंग और इंफॉर्मेशन सिस्टम से लैस, अंतरिक्ष कैप्सूल समुद्र तल से 30 से 35 किलोमीटर तक हीलियम या हाइड्रोजन गैस से भरे गुब्बारे से चलेगा. जहां अंतरिक्ष पर्यटक पृथ्वी की वक्रता और स्पेस के कालेपन को करीब 1 घंटे तक देख सकते हैं.
स्पेस बैलून से धीरे धीरे गैस को निकाला जाएगा और स्पेसशिप को नीचे लाने के लिए एक पैराशूट को खोल दिया जाएगा. एक तय बिंदु पर अंतरिक्ष के गुब्बारे को अंतरिक्ष कैप्सूल से अलग कर दिया जाएगा और पर्यटकों को सुरक्षित नीचे लाया जाएगा.
पैसा कितना लगेगा?
पोरवाल ने कहा, "हमारा उद्देश्य अंतरिक्ष पर्यटकों को अंतरिक्ष पर्यटन और भारतीय संस्कृति का मिश्रण पेश करके भारत में आकर्षित करना है." पोरवाल ने कहा कि "Space X और Blue Origin की तुलना में, हमारी कंपनी अंतरिक्ष पर्यटकों को बहुत कम कीमत पर अंतरिक्ष में जाने में मदद करेगी." हालांकि अंतरिक्ष यान में एक उड़ान का किराया तय नहीं हुआ है, लेकिन यह लगभग 50 लाख रुपये तक हो सकता है.
तो अगर आप भी अंतरिक्ष की सैर करने का मन बना रहे हैं तो पैसा जोड़ना शुरू कर दीजिए.
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