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1 Phone में 2 सिम चलाने वालों की खैर नहीं, होश उड़ा देगा TRAI का ये प्लान
अधिकांश लोगों के मोबाइल में दो सिम होते हैं फिर भले ही वो दोनों इस्तेमाल करें या न करें.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
यदि आप भी एक मोबाइल में 2 सिम कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो फिर आपके लिए बुरी खबर है. भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ऐसा करने वालों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने की तैयारी में है. यह शुल्क एकमुश्क या फिर सालाना आधार पर लिया जा सकता है. TRAI की ये व्यवस्था ऐसे यूजर्स के लिए होगी जिनके मोबाइल में दो सिम कार्ड हैं, लेकिन उनमें से एक का इस्तेमाल न के बराबर करते हैं. दरअसल, ट्राई ने टेलीकॉम ऑपरेटर से मोबाइल फोन या लैंडलाइन के नंबर के लिए चार्ज लेने का प्लान बनाया है. ऐसे में मोबाइल ऑपरेटर इस शुल्क की वसूली यूजर्स से कर सकते हैं.
इसलिए पड़ी है ज़रूरत
ट्राई का कहना है कि मोबाइल नंबर एक सार्वजनिक संसाधन है, न की निजी. लिहाजा इनका इस्तेमाल भी सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए. देश मोबाइल नंबरों की काफी कमी है, इसके बावजूद लोग बिना ज़रूरत के एक मोबाइल में दो सिम रखते हैं. TRAI का मानना है कि अतिरिक्त शुल्क की व्यवस्था लागू होने से नंबरों की उपलब्धता बनी रहेगी. नियमों के अनुसार, अगर किसी सिम कार्ड को ज्यादा वक्त तक रिचार्ज नहीं कराया जाता, तो उसे ब्लैकलिस्ट करने का प्रावधान है. लेकिन, टेलीकॉम कंपनियां अपना यूजर बेस खोने के डर से ऐसा नहीं करतीं. इसी को ध्यान में रखते हुए ट्राई अब इनएक्टिव मोबाइल नंबर को ब्लैकलिस्ट न करने पर मोबाइल ऑपरेटर पर जुर्माना लगाने जा रहा है. जाहिर है इसका बोझ कंपनियां यूजर्स पर डालेंगी.
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21.9 करोड़ नहीं हैं एक्टिव
ट्राई के आंकड़े बताते हैं कि जारी किए गए कुल मोबाइल नंबरों में से करीब 21.9 करोड़ लंबे समय से एक्टिव नहीं हैं. यह आंकड़ा कुल मोबाइल नंबर का लगभग 19% है. आपको बता दें कि सरकार के पास मोबाइल नंबर स्पेसिंग का अधिकार है. सरकार द्वारा ही मोबाइल ऑपरेटर को मोबाइल नंबर सीरीज जारी की जाती है. ट्राई का कहना है कि मोबाइल नंबर सीमित मात्रा में मौजूद हैं, ऐसे में उसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाना बेहद ज़रूरी है. ऐसे कई देश हैं जहां मोबाइल नंबर के लिए टेलीकॉम कंपनियां यूजर्स से शुल्क वसूलती हैं. इसमें UK, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, बेल्जियम, फिनलैंड, लिथुआनिया, ग्रीस, हांगकांग, बुल्गारिया, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, पोलैंड, कुवैत, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका और डेनमार्क आदि शामिल हैं.
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