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अब हर गैजेट के लिए इस्तेमाल होगा एक ही चार्जर, सरकार जल्द लागू करेगी ये नियम
भारत सरकार जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में चार्जिंग के लिए USB Type C पोर्ट अनिवार्य कर सकती है. इसके जरिए बढ़ते ई-कचरे को कंट्रोल किया जा सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
यूरोपियन यूनियन की तरह भारत भी जल्द टेक गैजेट्स जैसे स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप में को चार्जिंग के लिए टाइप-सी (USB Type C) चार्जिंग केबल को अनिवार्य करने जा रही है. दरअसल, सरकार देश में इलेक्ट्रॉनिक कचरे को कम करने के साथ ही यूजर्स पर चार्जर लेने का अतिरिक्त दबाव नहीं डालना चाहती है. ऐसे में सरकार मोबाइल चार्जिंग के नियम में बदलाव करने जा रही है. तो चलिए जानते है इससे आपको कितना फायदा होगा?
एक देश एक चार्जर
मोबाइल चार्जिंग के इस नियम बदलाव का सीधा असर मोबाइल यूजर्स पर पड़ेगा. साथ ही स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों पर सरकार के नए नियम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्र सरकार कॉमन चार्जिंग नियम को लागू करने जा रही है. इससे एक देश में केवल एक तरह के चार्जर की बिक्री होगी. ऐसे में लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल फोन के लिए अलग-अलग चार्जर की जरूरत नहीं होगी.
टाइप सी चार्जिंग का नियम हो सकता है अनिवार्य
जानकारी के अनुसार सरकार टाइप-सी चार्जर को स्टैंडर्ड चार्जर मान सकती है. ऐसे में देश में बिकने वाले सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे स्मार्टफोन, टैबलेट और स्मार्ट वॉच में टाइप सी चार्जिंग पोर्ट दिया जा सकता है. बता दें कि भारत से पहले यूरोपियन यूनियन की ओर से टाइप सी चार्जिंग को अनिवार्य बना दिया गया है. इस नियम को यूरोपियन यूनियन ने साल 2022 में लागू किया था. वहीं अब भारत में भी इस साल के आखिर तक कॉमन टाइप सी चार्जिंग के नियम को अनिवार्य किया जा सकता है.
ये होगा फायदा
इसका फायदा सभी मोबाइल फोन यूजर को होगा, क्योंकि उन्हें अलग-अलग डिवाइस के लिए अलग चार्जर नहीं ढूढ़ना पड़ेगा. अगर कभी फोन चार्जर खो जाए या खराब हो जाए, तो नया चार्जर लाने के बजाय उसमें लैबटॉप या स्मार्टवॉच का चार्जर इस्तेमाल कर सकते हैं. साथ ही पर्यावरण के लिहाज से भी ये नया नियम फायदेमंद होगा. टाइप सी चार्जिंग को अनिवार्य करने पर ई-वेस्ट को बढ़ने से रोका जाएगा. मोबाइल यूजर को कम चार्जर की जरूरत होगी, ऐसे में मोबाइल यूजर का पैसा बचेगा. आपको बता दें, इससे पहले भी कॉमन मोबाइल चार्जर को लेकर आवाज उठ चुकी है. ऐसे में सरकार साल 2025 में कॉमन मोबाइल चार्जिंग को अनिवार्य बना सकती है.
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