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आप भी अपने घर पर लगवाना चाहते हैं मोबाइल टावर? सरकार ने बहुत आसान कर दिए नियम
इन बदलावों के बाद अब किसी भी जगह पर मोबाइल टावर लगाने को लेकर टेलीकॉम लाइसेंसी को किसी भी सरकारी अथॉरिटी से कोई परमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली : देश में 5G सेवाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार के टेलीकॉम मंत्रालय ने मोबाइल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. इनमें सबसे बड़ा बदलाव मोबाइल टावर लगाने को लेकर ली जाने वाली परमिशन को लेकर है. केन्द्र सरकार ने ROW 2016 में बड़े बदलाव किए हैं.
किसी भी सरकारी अथॉरिटी से नहीं लेनी होगी परमिशन
इन बदलावों के बाद अब किसी भी जगह पर मोबाइल टावर लगाने को लेकर टेलीकॉम लाइसेंसी को किसी भी सरकारी अथॉरिटी से कोई परमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी. ऐसे मामलों में अब टेलीकॉम लाइसेंसी को उस अथॉरिटी को स्ट्रक्चरल सर्टिफिकेट के साथ प्रायर इंटीमेशन देना होगा, जिसके बाद वो टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्टर को लगा सकेगा.
केंद्रीय मंत्री ने नए नियम बताए
नए नियमों के बारे में जानकारी देते हुए केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "5जी को रोलआउट करने के लिए नए पोल, नए टावर लगाने की इंडस्ट्री को बहुत जरूरत होती है, जिसके लिए इंडस्ट्री को बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर को रोलआउट करना पड़ेगा. उसमें तेजी लाने के लिए तीन चार महीने पहले हमने एक ROW पोर्टल बनाया था, जिसमें आज सभी राज्य जुड़ चुके हैं."
सबकुछ शॉटआउट
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस इंफ्रास्ट्रक्चर को जल्द से जल्द लगाने के लिए परमिशन मिले, इसे लेकर स्टेट में कई तरह के सवाल थे, लेकिन सभी के साथ विचार-विमर्श के बाद अब सबकुछ शॉटआउट कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि पहले किसी टावर को लगाने के लिए 343 दिन लगते थे, लेकिन अब वो 22 दिन में ही लग जाया करेगा. पिछली जुलाई में इसका औसत 16 दिन था.
पहले टावर लगाने के लिए चाहिए होती थी अनुमति
पहले अगर किसी भी कंपनी को किसी भी इलाके में अपना टावर लगाना होता था तो उसे उसके लिए लोकल प्रशासन जैसे वहां के नगर निगम या दूसरी एजेंसी की अनुमति की जरूरत होती थी. जब तक वो अनुमति नहीं मिलती थी, तब तक वो टावर नहीं लग पाता था. यही नहीं, जब मोबाइल से रेडिएशन निकलने का मामला सामने आया तो इसे और अनिवार्य कर दिया गया. रेडिएशन के डर के कारण लोगों में डर ऐसा फैला कि उन्होंने खुद इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया, लेकिन अब केन्द्र सरकार ने इसकी बाध्यता को खत्म कर दिया है.
किन किन नियमों में दी गई है छूट
दूरसंचार मंत्रालय ने 5जी को देश में तेजी से रोलआउट कराने के लिए स्मॉल सेल के लिए जिन नियमों में सुधार किया है, उसके अनुसार अब टेलीकॉम लाइसेंसी नॉमिनल रेट पर स्ट्रीट इंफ्रास्ट्रक्चर को इंस्टाल करने के लिए गांवों में 150 रूपये सालाना और शहरों में 300 रूपये सालाना का इस्तेमाल कर सकता है.
- ओवरग्राउंड फाइबर लाइन बिछाने के लिए 100 रुपये प्रतिवर्ष का चार्ज तय कर दिया गया है.
- जिस किसी स्ट्रक्चर की ऊंचाई 8 मीटर से ज्यादा होगी, उसे इन सुधारों में पोल कहा गया है और उसे इंस्टाल करने के लिए मिनिमम रेग्यूलेटरी परमिशन की आवश्यकता होगी.
- अब किसी भी तरह की अनुमति के लिए उसे अलग-अलग जगहों पर आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि उसे गतिशक्ति प्लेटफार्म पर ही सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए अनुमति मिल जाएगी.
- टेलीकॉम लाइसेंसी को पोल्स लगाने के लिए किसी भी तरह से कंपेनशेसन देने की आवश्यकता नहीं होगी.
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