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चाइनीज स्मार्टफोन पर नहीं लगेगा बैन, सरकार ने खबरों को बताया गलत, लेकिन...

सरकार ने कहा कि भारत के इलेक्ट्रॉनिक इकोसिस्टम में भारतीय कंपनियों की भी भागीदारी होनी चाहिए, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि विदेशी कंपनियों का हटा दिया जाए.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्ली: बीते कुछ समय से चाइनीज चीजों पर बैन की खबरों का फैशन चल पड़ा है, बीते कुछ दिनों से खबर है कि भारत सरकार 12,000 रुपये से कम कीमत वाले चाइनीज मोबाइल पर बैन लगाने की तैयारी कर रही है, इस पर सरकार की तरफ से सफाई आई है, सरकार ने कहा है कि ऐसा कोई इरादा नहीं है.  

चीन के स्मार्टफोन बैन नहीं होंगे
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर 12,000 रुपये से कम कीमत वाले चाइनीज फोन पर प्रतिबंध की बात से इनकार किया है, उन्होंने कहा कि सरकार ने चाइनीज कंपनियों के स्मार्टफोन को बैन करने की कोई योजना नहीं बनाई है, मुझे नहीं पता ये खबर कहां से आई है. दरअसल, बीते कुछ दिनों से मीडिया में खबरें चल रहीं थीं कि सरकार भारत में 12,000 रुपये से कम कीमत वाले चाइनीज फोन पर बैन लगाने की तैयारी कर रही है, इसके पीछे तर्क ये दिया जा रहा था कि सरकार घरेलू ब्रांड्स जैसे लावा, माइक्रोमैक्स को बढ़ावा देना चाहती है, लेकिन सरकार की तरफ से अब इन खबरों को लेकर खंडन आया है.

अगर कोई गलत तरीके से काम करेगा तो...
केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार का कर्तव्य भारतीय ब्रांड को बढ़ावा देना है. भारत के इलेक्ट्रॉनिक इकोसिस्टम में भारतीय कंपनियों की भी भागीदारी होनी चाहिए, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि विदेशी कंपनियों को हटा दिया जाए. केवल एक मुद्दा जो हमने उठाया है वो है एक्सपोर्ट का, हमने कहा है कि हमारी आशा है कि चाइनीज कंपनियां ज्यादा से ज्यादा एक्सपोर्ट करें. किसी समय अगर हमें लगता है कि कोई अनुचित व्यापार प्रथाओं की वजह से भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड को बाहर करने की कोशिश की जा रही है, तो हम दखल देंगे और इसका हल निकालेंगे. 

चीनी कंपनियों का कब्जा
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन मार्केट है, इस पर चीन की स्मार्टफोन कंपनियों का अच्छा खासा दबदबा है. एक समय में Lava,Micromax जैसी कंपनियों ने स्मार्टफोन बाजार में अपने पैर जमाने शुरू किए थे, लेकिन चीनी कंपनियों के आने के बाद उनका मार्केट शेयर करीब करीब नहीं के बराबर है. मार्केट रिसर्च फर्म काउंटरप्वाइंट की एक रिसर्च बताती है कि भारत में 12,000 रुपये से कम दाम वाले 80 परसेंट स्मार्टफोन मार्केट पर चीन की कंपनियों का कब्जा है.

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