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अगर डेटा से हुई छेड़छाड़ तो, सिर्फ एक मेल से कंपनी को भरना पड़ सकता है करोड़ों का मुआवजा
जो डेटा का गलत इस्तेमाल करते हैं उनके बीच में सरकार इस बिल के जरिए एक संदेश देना चाह रही है कि अगर किसी ने डेटा प्राइवेसी के नियमों को तोड़ा तो इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन बिल को लेकर इस वक्त देश में चर्चा चल रही है. मंत्रालय के बनाए हुए ड्राफ्ट पर इस वक्त सरकार आम लोगों की राय ले रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस बिल में ऐसा प्रावधान किया गया है कि अगर किसी भी कंपनी ने आपके डेटा को ब्रीच किया या उसका गलत इस्तेमाल किया तो आपको उसकी शिकायत के लिए ना तो किसी सरकारी ऑफिस में जाना है और न ही आपको कहीं और भटकना है. आपको एक ईमेल आईडी पर अपनी शिकायत करनी है उसके बाद आपकी शिकायत पर डेटा रेग्यूलेटरी बोर्ड कार्रवाई करेगा. डेटा प्रोटेक्शन बिल में ये सभी प्रावधान किए गए हैं.
क्या क्या और है इस बिल में
सूत्रों के अनुसार इस बिल का पूरा मकसद आपकी निजता या प्राइवेसी की सुरक्षा करना है. साथ ही सरकार इस बात का भी ध्यान रख रही है कि कहीं ऐसा न हो कि इसके कारण किसी तरह के इनोवेशन प्रभावित हो. ऐसे में उसका भी ध्यान रखा जाएगा. साथ ही सरकार इस बिल के जरिए ऐसे प्रावधान कर रही है, जिससे देश में ये मैसेज जाए कि आम आदमी के डेटा के साथ अगर किसी ने भी छेड़छाड़ की तो उससे सराकर सख्ती से निपटेगी.
स्टार्टअप को मिलेगी इस बिल से राहत
सरकार की मंशा है कि इस बिल से किसी भी तरह से इनोवेशन प्रभावित न हो. ऐसे में सरकार ने ये भी प्रावधान किया है कि इस बिल से स्टार्टअप को बाहर रखा गया है. लेकिन सूत्रों ने उसके पीछे की भी वजहों को साफ तौर बताते हुए कहा कि ये केवल उनपर लागू होगा जो शुरूवाती दौर में अपने कारोबार को स्थापित करेगी. ये छूट केवल ट्रायल पीरीयड के लिए ही दी जाएगी. उन्होंने कहा कि ये छूट लेने के लिए पहले परमिशन लेनी जरूरी होगी तभी जाकर ये किया जा सकेगा.
भारत सरकार पर भी लागू होगा ये कानून
डेटा प्रोटेक्शन बिल सभी पर लागू होगा. सूत्रों की मानें तो सरकार भी इसके दायरे से बाहर नहीं रहेगी. अगर सरकार से भी किसी तरह का डेटा ब्रीच होता है तो उसके लिए उसे भी डेटा रेग्यूलेटरी बोर्ड का सामना करना पड़ेगा।
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