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ChatGPT की बादशाहत को चुनौती देने आ गया है हमारा Hanooman, दूसरों से कितना है अलग?
हमारे पहले जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस चैटबॉट हनुमान को बनाने वालों में रिलायंस भी शामिल है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
ChatGPT की बादशाहत को खत्म करने के लिए भारत ने अपना पहला जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस चैटबॉट लॉन्च कर दिया है. Hanooman AI 12 भारतीय भाषाओं सहित 98 वैश्विक भाषाओं में उपलब्ध है. इसे खासतौर पर उन लोगों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जिनका हाथ अंग्रेजी में तंग है. हनुमान AI हिंदी, मराठी, गुजराती, बंगाली, कन्नड़, ओडिया, पंजाबी, असमिया, तमिल, तेलुगु, मलयालम और सिंधी में आपके सवालों का जवाब देगा. इस स्वदेशी AI चैटबॉट को रिलायंस, 7 आईआईटी, SML इंडिया और अबू धाबी की 3AI होल्डिंग ने मिलकर तैयार किया है.
हनुमान पर मिलेगी ये सर्विस
हनुमान AI चैटबॉट अंग्रेजी नहीं जानने वाले यूजर्स के हिसाब से विकसित किया गया है. एंड्रॉयड यूजर्स इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. जबकि आईओएस यूजर्स के लिए यह जल्द ही प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा. Hanooman AI स्पीच टू टेक्स्ट जैसी यूजर फ्रेंडली सर्विस ऑफर करेगा. यानी आप बोलकर या फिर टाइप करके भी अपने सवाल इससे पूछ सकेंगे. इसे LLM मेथड कहा जाता है, इसके तहत चैट बड़ी मात्रा में डेटा से सीखता है और नेचुरल साउंड रिस्पांस जनरेट करता है. हनुमान AI एक नए तरह की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बेस्ड है और आने वाले दिनों में OpenAI के ChatGPT और Google Gemini AI को टक्कर देगा.
इन सेक्टर्स को मिलेगा फायदा
हनुमान चैटबॉट और BharatGPT के अलावा कई दूसरे AI मॉडल भी डेवलप किए जा रहे हैं. Sarvam और Krutrim जैसी कंपनियां भी AI मॉडल विकसित करने में लगी हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि ये सभी AI मॉडल जल्द लॉन्च हो जाते हैं, तो भारतीय यूजर्स की Open AI और Gemini AI पर निर्भरता काफी हद तक कम हो सकेगी. इसके जरिये गवर्नेंस, मॉडल हेल्थ, एजुकेशन और फाइनेंस सेक्टर को काफी मदद मिलेगी. एसएमएल इंडिया के को-फाउंडर विष्णु वर्धन ने कहा कि ‘हनुमान’ भारत में AI इनोवेशन के एक नए युग का प्रतिनिधित्व करता है. हमारा लक्ष्य एक साल में 20 लाख उपयोगकर्ताओं को इससे फायदा पहुंचाना है. 80 प्रतिशत भारतीयों को अंग्रेजी ठीक से समझ नहीं आती. इसी को ध्यान में रखते हुए ‘हनुमान’ भारतीय भाषाओं का भी समर्थन करता है.
ChatGPT से ऐसे अलग है हनुमान
चलिए अब यह भी जान लेते हैं कि हमारा हनुमान AI, ChatGPT जैसी दूसरे AI चैटबॉट से कितना अलग है. हनुमान और चैटजीपीटी का उद्देश्य भले ही समान हो, लेकिन उनमें बहुत अंतर है. हनुमान भाषाई विविधता और मल्टीमॉडल क्षमता पर जोर देता है, जो इसे दूसरों से अलग बनाता है. वैसे, ChatGPT 50 भाषाओं का समर्थन करता है, जिसमें अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच, जर्मन, चीनी, जापानी, अरबी आदि शामिल हैं. लेकिन हनुमान भारत की 12 भाषाओं में जवाब देने की क्षमता रखता है. इसलिए भारत के लोगों के लिए यह बेस्ट चॉइस हो सकता है. इसके अलावा, दोनों में बड़ा अंतर है फीस का. ChatGPT अब प्रीमियम सर्विस है, यानी इसके लिए आपको पैसे देने होते हैं. जबकि हनुमान पूरी तरह फ्री. यदि आने वाले दिनों में इसे प्रीमियम सर्विस बनाया भी जाता है, तो भी फीस ChatGPT से कम हो रहेगी. ChatGPT प्रीमियम सर्विस के लिए हर महीने 20 डॉलर (करीब 1,671 रुपए) देने होते हैं.
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