होम / शुभ लाभ / क्या वास्तव में केदारनाथ धाम में हुआ सोना घोटाला, आखिर क्यों मचा है बवाल?
क्या वास्तव में केदारनाथ धाम में हुआ सोना घोटाला, आखिर क्यों मचा है बवाल?
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केदारनाथ में सोना घोटाले का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि 228 किलो सोना धाम से गायब हुआ है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आस्था के केंद्र केदारनाथ धाम को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आरोपों पर चर्चा शुरू हो गई है. लोग यह जानना चाह रहे हैं कि क्या वास्तव में केदारनाथ धाम से 228 किलो सोना गायब हो गया है? शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इसे 'सोना घोटाला' नाम दिया है. अविमुक्तेश्वरानंद ने हाल ही में कहा था कि केदारनाथ में सोना घोटाला हुआ है. उन्होंने दिल्ली में केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर बन रहे मंदिर पर भी सवाल उठाए. शंकराचार्य ने कहा कि वहां घोटाला हो गया तो अब दिल्ली में केदारनाथ बना रहे हो. केदारनाथ से 228 किलो सोना गायब कर दिया गया, लेकिन कोई जांच तक नहीं बैठाई गई.
मुख्य पुजारी का आरोप
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जिस सोना घोटाले का जिक्र कर रहे हैं, वो मामला पिछले साल जून में सामने आया था. उस समय केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी संतोष त्रिवेदी ने यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि मंदिर की दीवारों पर लगा 125 करोड़ का सोना पीतल में बदल दिया गया है. उन्होंने कहा था कि 2005 में किसी दानदाता ने 125 करोड़ रुपए का सोना दिया था, जिसे मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर मड़वाया गया था. लेकिन यह सोना अब पीतल में बदल गया है. संतोष त्रिवेदी ने बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था. हालांकि, मंदिर समिति ने आरोप खारिज करते हुए इसे प्रबंधन को बदनाम करने की साजिश करार दिया था.
शिवपुराण का किया जिक्र
अब इसी मामले को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उठाया है. उनका कहना है कि सरकार ने इसकी कभी जांच नहीं की. इसके साथ ही शंकराचार्य ने दिल्ली में केदारनाथ की तर्ज पर बन रहे मंदिर पर ही सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि प्रतीकात्मक केदारनाथ मंदिर नहीं बनाया जा सकता. शिवपुराण में 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम और पता भी बताया गया है. जैसे कि सौराष्ट्रे सोमनाथम. पहले सौराष्ट्र यानी पता और फिर सोमनाथ यानी ज्योतिर्लिंग. ठीक इसी तरह से केदारम हिमवत पृष्ठे, यानी जो केदार है वो हिमालय के पृष्ठ भाग में है. उनका कहना है कि हिमालय में केदार है तो आप दिल्ली में उसे कहां से लाकर रख देंगे? शंकराचार्य ने कहा कि जनता को भ्रम में डालने की कोशिश नहीं होनी चाहिए.
उत्तराखंड में हो रहा विरोध
देश की राजधानी दिल्ली के बुराड़ी में केदारनाथ मंदिर बनाया जा रहा है. इस मंदिर को ठीक वैसा ही तैयार किया जा रहा है जैसा कि रुद्रप्रयाग में स्थित केदारनाथ मंदिर है. हाल ही में इसका भूमि पूजन भी हुआ है. दिल्ली में बन रहे इस मंदिर का उत्तराखंड में भी विरोध हो रहा है. संत-पुजारियों ने इसके खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि दिल्ली में केदारनाथ धाम मंदिर बनाना सीधे तौर पर हिमालय की गोद में बसे केदारनाथ धाम का अपमान है. वहीं, इस पूरे विवाद के बीच श्री केदारनाथ धाम दिल्ली ट्रस्ट के प्रमुख सुरेंद्र रौतेला का कहना है कि दिल्ली में मंदिर बनाया जा रहा है, धाम नहीं. रौतेला ने कहा कि कुछ लोगों को आपत्ति है कि ये केदारनाथ धाम नहीं, केदारनाथ मंदिर नहीं होना चाहिए. अगर किसी को इस नाम से आपत्ति है तो जरूर हम नाम बदलेंगे.
टैग्स