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ISKCON के संस्थापक आचार्य प्रभुपाद के बारे में जानिए सबकुछ, जीवनी का हुआ विमोचन
70 वर्ष की आयु में उन्होंने ईश्वर के प्रति चेतना जागृत करते हुए खुशहाल जीवन, मन की शांति और सद्गुणों को विकसित करने का मानव समाज को अवसर प्रदान करने के लिये इस्कॉन की स्थापना की.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति निवास में 24 जुलाई को इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद की जीवनी ‘सिंग, डांस एंड प्रे’ का विमोचन किया जिसे जाने माने इतिहासकार हिंडोल सेनगुप्ता ने लिखा है.
प्राचीन भारतीय सभ्यता लोगों के जीवन संबंधी लक्ष्यों से जुड़ी उपलब्धियों से भरा हुआ है. माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू ने ‘सिंग, डांस एंड प्रे’ के रूप में इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद की प्रेरक जीवनी की सराहना की. समारोह में जीवनी के लेखक डा.हिडोल सेनगुप्ता और इस्कॉन बेंगलूरू के अध्यक्ष एवं अक्षय पात्रा फाउंडेशन के संस्थापक श्री मधु पंडिता दासा, इस्कॉन बेंगलूरू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं अक्षय पात्रा फाउंडेशन के उपाध्यक्ष श्री चंचलापति दासा सहित अन्य गणमान्य लोग एवं शुभचिंतक मौजूद थे.
स्वामी प्रभुपाद की जीवनगाथा
सिंग, डांस एंड प्रे- इंटरनेशनल सोसाइटी फार कृष्ण कंससनेस (इस्कॉन) के संस्थापक आचार्य आध्यात्मिक ए सी भक्तिवेदांता स्वामी प्रभुपाद की जीवनगाथा है जो पश्चिमी दुनिया में भारत की आध्यात्मिक संस्कृति एवं धरोहर के सबसे बड़े ध्वजवाहक रहे. उन्होंने पहली बार अपने एकल प्रयास से ईश्वर के प्रति प्रेम एवं निष्ठा के वैदिक दर्शन को पश्चिम तक पहुंचाने का काम किया तथा सफलतापूर्वक हजारों की संख्या में पश्चिम के युवाओं को भगवान कृष्ण की भक्ति से जोड़ा.
12 वर्ष की अल्प अवधि में दुनियाभर में 100 मंदिरों की स्थापना
1966 में 70 वर्ष की आयु में उन्होंने ईश्वर के प्रति चेतना जागृत करते हुए खुशहाल जीवन, मन की शांति और सद्गुणों को विकसित करने का मानव समाज को अवसर प्रदान करने के लिये इस्कॉन की स्थापना की. इसके बाद 12 वर्ष की अल्प अवधि में उन्होंने दुनियाभर में 100 मंदिरों की स्थापना की. भगवतगीता एवं श्रीमद् भगवतम पर आधारित 60 खंड भक्ति साहित की रचना की तथा वसुधैव कुटुम्बकम के आदर्शो पर उपदेश देने के लिये 10 बार विश्व भ्रमण किया.
भारत के उपराष्ट्रपति माननीय श्री एम वेंकैया नायडू के प्रति आभार प्रकट करते हुए इस्कॉन बेंगलूरू के अध्यक्ष एवं अक्षय पात्रा फाउंडेशन के संस्थापक श्री मधु पंडिता दासा ने कहा, ‘मैं इस महत्वपूर्ण पुस्तक का विमोचन करने के लिये श्री वेंकैया नायडू जी का आभारी हूं. उनके समर्थन से हमें श्रील प्रभुपाद की आध्यात्मिक दृष्टि एवं विचारों को भारत और विदेशों में प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी. हमारे समाज सेवा के कार्यो को प्रोत्साहित करने के लिये उनके द्वारा कहे गए शब्दों को लेकर मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं. हम अपने विभिन्न आध्यात्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जीवन से जुड़े सभी वर्गो के लोगों में उम्मीद एवं खुशियों के रंग भरने का प्रयास जारी रखेंगे.’
श्रील प्रभुपाद वैश्विक हिन्दुत्व की एक महान हस्ती थे
समारोह को संबोधित करते हुए 'सिंग, डांस एंड प्रे' के लेखक डा. हिंडोल सेनगुप्ता ने कहा, "श्रील प्रभुपाद वैश्विक हिन्दुत्व की एक महान हस्ती थे. श्री कृष्ण के माध्यम से हिन्दुत्व का संदेश ले जाने और हिन्दु आत्ध्यात्मिकता को सही अर्थो में वैश्विक आंदोलन बनाने को लेकर उनकी उपलब्धियां अद्वितीय है. मैं श्रील प्रभुपाद की सुस्पष्ट जीवनी लिखकर काफी हर्षित महसूस कर रहा हूं. मुझे इस बात का भी हर्ष है कि माननीय उपराष्ट्रपति इस पुस्तक का विमोचन कर रहे हैं."
पाठकों को पुस्तक पढ़ने को मजबूर करती है जीवनी
डा. सेनगुप्ता ने बचपन से लेकर श्रील प्रभुपाद के जीवनवृत को पुस्तकाकार रूप से देने में महत्वपूर्ण प्रयास किये हैं जो पाठकों को पुस्तक पढ़ने को मजबूर करती है. इसमें भारती आजादी के आंदोलन से जुड़ी उनकी स्मृतियां भी है और इसमें पाठकों को अंग्रेजी हुकूमत के दौरान देश की विषम परिस्थितियों और फिर उनके स्वतंत्रता आंदोलन की ओर झुकाव को दर्शाया गया है.
कहां मिलेगी यह जीवनी
‘सिंग, डांस एंड प्रे’ भारत में सभी महत्वपूर्ण बुकस्टोर पर उपलब्ध है. यह एमेजन पर भी ऑनलाइन उपलब्ध है और इसका किंडल प्रारूप भी उपलब्ध है. ‘सिंग, डांस एंड प्रे’ को पेंग्वीन रैडम हाउस ने प्रकाशित किया है और इसे डा.जॉन स्ट्रेटॉन हावले ( कोलंबिया विश्वविद्यालय में धर्म पर क्लेयर टॉव प्रोफेसर) और फ्रांसिस एक्स क्लूनी ( हार्वर्ड विश्वविद्यालय में डिविनिटी पर पार्कमैन प्रोफेसर)सहित शशि थरूर (सांसद एवं लेखक), स्वपन दासगुप्ता (पत्रकार एवं चिंतक), करण सिंह ( राजनेता एवं दार्शनिक) ने सराहना की है.
इस पुस्तक की प्रति भारत के माननीय राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जैसे गणमान्य हस्तियों को प्राप्त हुई है और उन्होंने स्वामी श्रील प्रभुपाद के प्रेरक जीवन का वृत तैयार करने के लिये पूरे टीम को बधाई दी.
कौन हैं लेखक
डा. हिंडोल सेनगुप्ता एक इतिहासकार, पत्रकार एवं नौ पुस्तकों के पुरस्कार प्राप्त लेखक हैं. वे अब फर्चून इंडिया के एडिटर-एट-लार्ज हैं और उन्होंने कई प्रकाशन एवं प्रसरकों के साथ काम किया है. डा.सेनगुप्ता ने आक्सफोर्ड के वोरसेस्टर कालेज में दक्षिण एशियााई इतिहास एवं राजनीति का अध्ययन चेवनिंग अध्येता के रूप में तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय में फिनांश की पढ़ाई नाइट-बेगेहॉट फेलो के रूप में की. उन्होंने जिनेवा स्कूल आफ डिप्लोमेसी एंड इंटरनेशनल रिलेशन से अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय पर डाक्ट्रेट हासिल की.
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