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UER-2 और द्वारका एक्सप्रेसवे से बदलेगी NCR की तस्वीर: रियल एस्टेट निवेश को मिलेगी रफ्तार
UER-2 और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं केवल सड़कें नहीं हैं, ये दिल्ली-NCR के आर्थिक और शहरी विकास को गति देने वाले इंजन हैं.
रितु राणा 8 months ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में दिल्ली-NCR को 11,000 करोड़ रुपये की इंफ्रास्ट्रक्चर सौगात दी है. द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) के उद्घाटन के साथ न सिर्फ ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं में राहत मिलेगी, बल्कि यह दिल्ली, गुरुग्राम, सोनीपत, बहादुरगढ़ और द्वारका जैसे क्षेत्रों में रियल एस्टेट के लिए नए युग की शुरुआत मानी जा रही है. इन क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का भी तेजी से विकास हो रहा है. बेहतर सड़क नेटवर्क, मेट्रो और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी ने यहां के रियल एस्टेट बाजार को मजबूती दी है. तो आइए जानते हैं यहां निवेश को लेकर रियल एस्टेट विशेषज्ञों की क्या कहना है?
तीसरी रिंग रोड क्रांति की शुरुआत
UER-2 और द्वारका एक्सप्रेसवे को लेकर इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि यह NCR में "तीसरी रिंग रोड क्रांति" है, जो न केवल सफर को आसान बनाएगी, बल्कि रियल एस्टेट निवेश के लिए अब तक का सबसे बड़ा अवसर बनकर उभरेगी. Roots Developers के COO सुमित रंजन कहते हैं "UER-II और द्वारका एक्सप्रेसवे का उद्घाटन दिल्ली-NCR की रियल एस्टेट के लिए एक बड़ा बदलाव है. इससे IGI एयरपोर्ट और गुरुग्राम तक का सफर तेज़ होगा, जिससे द्वारका एक्सप्रेसवे एक प्रमुख रियल्टी हब के रूप में उभरेगा. आने वाले 18 महीनों में द्वारका, नजफगढ़ और सोनीपत जैसे क्षेत्रों में प्रॉपर्टी कीमतों में 20-40% की बढ़त का अनुमान है."
द्वारका: दिल्ली का नया रियल एस्टेट हॉटस्पॉट
द्वारका, जो पहले ही मेट्रो और सड़क नेटवर्क से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, अब एक्सप्रेसवे और UER-2 के बाद और भी मजबूत कनेक्टिविटी के साथ उभर रहा है. एयरपोर्ट और गुरुग्राम के बीच की दूरी घटने से द्वारका अब लग्जरी और मिड-सेगमेंट रियल एस्टेट के लिए बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. Smartworld Developers के प्रेसिडेंट (सेल्स एंड मार्केटिंग) आशीष जेरथ कहते हैं "द्वारका एक्सप्रेसवे और UER-2 का शुभारंभ NCR के बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाता है. ये हाई-स्पीड कॉरिडोर यात्रा का समय घटाते हैं और दिल्ली-गुरुग्राम को जोड़ते हुए रियल एस्टेट की नई संभावनाओं के द्वार खोलते हैं. यह क्षेत्र अब भविष्य के लिए तैयार, सतत विकास वाला शहरी पारिस्थितिकी तंत्र बनने की ओर अग्रसर है."
सोनीपत: नया लॉजिस्टिक और रियल एस्टेट गंतव्य
UER-2 और KMP एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद सोनीपत न सिर्फ दिल्ली से और करीब आ गया है, बल्कि रियल एस्टेट निवेश के लिहाज से भी अहम बन गया है. यहां इंडस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और टाउनशिप तेजी से विकसित हो रहे हैं. Neoliv के फाउंडर और CEO मोहित मल्होत्रा कहते हैं "UER-2 के उद्घाटन से कुंडली-सोनीपत क्षेत्र एक रियल एस्टेट हॉटस्पॉट के रूप में उभरेगा. बेहतर कनेक्टिविटी से नए निवेशक और घर खरीदार इस क्षेत्र की ओर आकर्षित होंगे. यहाँ पहले से मौजूद विश्व स्तरीय शैक्षिक और औद्योगिक आधार इस विकास को मजबूती देंगे."
बहादुरगढ़: दिल्ली से सटा और किफायती विकल्प
हरियाणा का सीमावर्ती शहर बहादुरगढ़ अब दिल्ली का सबसे नजदीकी और किफायती रियल एस्टेट विकल्प बनकर उभर रहा है. मेट्रो की ग्रीन लाइन के बाद अब UER-2 से यह IGI एयरपोर्ट से और करीब आ गया है. Royal Green Realty के मैनेजिंग डायरेक्टर यशांक वासन कहते हैं "UER-2 का उद्घाटन न केवल कनेक्टिविटी को पुनर्परिभाषित करेगा, बल्कि सोनीपत से IGI एयरपोर्ट के बीच का समय भी घटाएगा. यह इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना बहादुरगढ़ जैसे इलाकों को तेजी से शहरी विस्तार का हिस्सा बना देगी, जिससे वहां प्रॉपर्टी की मांग और कीमतें दोनों में तेजी आएगी."
निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर
इन परियोजनाओं से दिल्ली-NCR के उन क्षेत्रों में तेज विकास की उम्मीद है, जिन्हें अब तक नजरअंदाज किया गया था. बेहतर कनेक्टिविटी, नियोजित टाउनशिप, इंडस्ट्रियल हब और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते सोनीपत, बहादुरगढ़ और द्वारका जैसे क्षेत्र भविष्य के रियल एस्टेट निवेश केंद्र बनते जा रहे हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह समय उन खरीदारों और निवेशकों के लिए निर्णायक है, जो बढ़ती कीमतों से पहले इन क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करना चाहते हैं.
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