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भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट, 7.8 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज
लगातार दो हफ्तों की गिरावट के बाद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ गया है. वैश्विक तनाव और मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच RBI की सक्रिय भूमिका जारी है, जिससे रुपये की स्थिरता बनाए रखी जा सके.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 1 मई को समाप्त सप्ताह में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 7.794 अरब डॉलर घटकर 690.693 अरब डॉलर रह गया. यह गिरावट लगातार दूसरे सप्ताह देखने को मिली है, जिससे आर्थिक दबाव और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर साफ दिखाई देता है.
लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट
इससे पहले वाले सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार में 4.82 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद यह 698.487 अरब डॉलर पर आ गया था. लगातार दो हफ्तों में गिरावट ने बाजार की चिंताओं को बढ़ा दिया है.
रिकॉर्ड स्तर से नीचे आया भंडार
विदेशी मुद्रा भंडार ने फरवरी 27 को समाप्त सप्ताह में 728.494 अरब डॉलर का रिकॉर्ड स्तर छुआ था. हालांकि इसके बाद से इसमें लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता का असर उभरते बाजारों की मुद्राओं पर पड़ा है, जिसमें भारत भी शामिल है.
RBI की बाजार में सक्रिय भूमिका
रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की बिक्री के जरिए हस्तक्षेप किया है. इसका उद्देश्य मुद्रा बाजार को स्थिर बनाए रखना और अचानक गिरावट से बचाना है.
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में गिरावट
ताजा आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, जो कुल भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा हैं, 2.797 अरब डॉलर घटकर 551.825 अरब डॉलर रह गईं. इनमें यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में बदलाव का प्रभाव शामिल होता है.
सोने के भंडार में तेज गिरावट
इस अवधि में सोने के भंडार में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई. यह 5.021 अरब डॉलर घटकर 115.216 अरब डॉलर रह गया.
अन्य घटकों में मामूली बढ़ोतरी
स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में हल्की बढ़ोतरी देखी गई और यह 15 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.789 अरब डॉलर हो गया. वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत की आरक्षित स्थिति भी 8 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.863 अरब डॉलर पर पहुंच गई.
लगातार दो हफ्तों की गिरावट के बाद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ गया है. वैश्विक तनाव और मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच RBI की सक्रिय भूमिका जारी है, जिससे रुपये की स्थिरता बनाए रखी जा सके.
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