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दिल्ली-NCR में घरों के दामों में 19% की उछाल, प्रीमियम सेगमेंट की मांग और निर्माण लागत बनी वजह: रिपोर्ट

यह वृद्धि दिल्ली-एनसीआर की स्थिति को एक अत्यधिक आकर्षक रियल एस्टेट निवेश और अंतिम-उपयोगकर्ता बाजार के रूप में मजबूत करती है. गुरुग्राम बेहतरीन वास्तुकला, कनेक्टिविटी और निवेश क्षमता वाले आवास बाजार का प्रमुख उदाहरण बना हुआ है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago

जुलाई-सितंबर तिमाही 2025 में भारत के शीर्ष आठ आवासीय बाजारों में संपत्ति की कीमतों में पिछले साल की तुलना में 7% से 19% तक का उल्लेखनीय उछाल देखा गया. प्रॉप टाइगर की ताजा रिपोर्ट अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे प्रीमियम सेगमेंट में मजबूत अंतिम-उपयोगकर्ता मांग, निर्माण लागत में निरंतर वृद्धि और गुणवत्ता वाले घरों की सीमित उपलब्धता मुख्य कारण हैं. दिल्ली-एनसीआर इस वृद्धि में सबसे आगे रहा, जबकि बेंगलुरु और हैदराबाद में भी दोहरे अंकों में कीमतों का उछाल दर्ज किया गया. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR), पुणे, चेन्नई और कोलकाता जैसे अन्य बड़े शहरों में एकल अंकों की वृद्धि ने डेवलपर्स के आत्मविश्वास और खरीदारों की स्थिर रुचि को दर्शाया.

प्रीमियम जीवनशैली की ओर बदलती प्राथमिकता

रिपोर्ट बताती है कि अब लोग साधारण घरों के बजाय प्रीमियम जीवनशैली वाले घरों को तरजीह दे रहे हैं. जबकि आठ प्रमुख शहरों में आवास बिक्री की मात्रा में साल-दर-साल 1% की मामूली गिरावट आई, बेची गई संपत्तियों का कुल मूल्य सालाना 14% बढ़कर ₹1.52 लाख करोड़ हो गया. यह बताता है कि खरीदार उच्च मूल्य वाली संपत्तियों का चयन कर रहे हैं. अब खरीदार ऐसे घर चाहते हैं जिनमें जिम के अलावा वेलनेस सेंटर, एयर और वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम, उच्च सुरक्षा, और वर्क फ्रॉम होम की सुविधाएँ हों. इसके साथ ही लोग अब लो-डेन्सिटी प्रोजेक्ट्स, बड़ी बालकनी, और कस्टम इंटीरियर डिज़ाइन वाले घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

दिल्ली-एनसीआर: 19% उछाल के साथ मूल्य में अग्रणी

दिल्ली-एनसीआर मूल्य वृद्धि के ग्राफ में अग्रणी साबित हुआ, जहाँ भारित औसत संपत्ति मूल्य में 19% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई. यह Q3 2024 में ₹7,479 प्रति वर्ग फुट से बढ़कर Q3 2025 में ₹8,900 प्रति वर्ग फुट हो गया. यह तेज बढ़ोतरी क्षेत्र में लक्जरी घरों की लगातार बढ़ती मांग और तेज़ी से हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का नतीजा है. गुरुग्राम, विशेष रूप से द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे कॉरिडोर, इस उछाल के केंद्र में रहे हैं. यहाँ चल रही बड़ी परियोजनाओं के शीघ्र पूरा होने और नए प्रीमियम हाउसिंग लॉन्च ने न केवल खरीदारों का भरोसा बढ़ाया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में संपत्ति मूल्यों को भी ऊँचाई दी है. करीब 29 किलोमीटर लंबा और 16 लेन वाला यह हाईवे दिल्ली और गुरुग्राम को सीधे जोड़ता है और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक आसान पहुँच प्रदान करता है. इसकी वजह से इस क्षेत्र में लक्जरी प्रोजेक्ट्स और निवेशकों की रुचि दोनों में तेज़ी आई है.

नए विकास केंद्र: सोहना और एसपीआर

इसी तरह, सोहना और सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) जैसे इलाके भी अब विकास के नए केंद्र बन रहे हैं. इन क्षेत्रों को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे और आईएमटी सोहना इंडस्ट्रियल हब जैसी परियोजनाओं से बड़ा लाभ मिल रहा है. एसपीआर, जो गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे प्रमुख कॉरिडोर से जुड़ता है, अपनी कॉर्पोरेट हब और बिजनेस पार्कों के करीब स्थित होने के कारण एक प्रमुख विकास इंजन के रूप में उभर रहा है.

इंडस्ट्री के विशेषज्ञों के विचार
नियोलिव के संस्थापक और सीईओ मोहित मल्होत्रा का कहना है कि नवीनतम प्रॉपटाइगर रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर इस समय आवासीय संपत्तियों की कीमतों में सबसे आगे है. इस क्षेत्रीय उछाल के बीच, गुरुग्राम और नोएडा के बाद अब फरीदाबाद सबसे तेजी से उभरता हुआ बाजार बनकर सामने आया है. यहाँ तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और पूरे एनसीआर में बेहतर कनेक्टिविटी के चलते यह इलाका एक उच्च संभावनाओं वाला माइक्रो-मार्केट बन गया है. आगामी जेवर एयरपोर्ट, नए एक्सप्रेसवे और मेट्रो लिंक परियोजनाएँ इस क्षेत्र की आकर्षण क्षमता को और बढ़ाने जा रही हैं, जिससे यह निवेशकों और घर खरीदने वालों दोनों के लिए प्रमुख गंतव्य बनता जा रहा है. नियोलिव में हमारा फरीदाबाद स्थित प्लॉटेड डेवलपमेंट इसी नई विकास लहर के अनुरूप तैयार किया गया है. यह प्रोजेक्ट आधुनिक जीवनशैली, निवेश के अवसर और दीर्घकालिक मूल्य- इन तीनों का संतुलित मिश्रण पेश करता है, जो आने वाले समय के लिए भविष्य-तैयार और सुव्यवस्थित रहने की जगहें प्रदान करता है.

रूट्स डेवलपर्स के सीओओ, सुमित रंजन का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर आज भारत की रियल एस्टेट ग्रोथ स्टोरी का नेतृत्व कर रहा है, और प्रॉपटाइगर की Q3 2025 रिपोर्ट इस तेज़ी को पूरी तरह प्रमाणित करती है. 19% सालाना और 9.8% तिमाही वृद्धि के साथ, इस क्षेत्र ने खुद को लगातार बढ़ती मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास के मजबूत उदाहरण के रूप में स्थापित किया है. द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख कॉरिडोर इस ग्रोथ के प्रमुख कारण हैं, जहाँ तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और नए प्रीमियम हाउसिंग लॉन्च ने पूरे बाजार को नई दिशा दी है. यह विकास न सिर्फ बढ़ते खरीदार विश्वास को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि दिल्ली-एनसीआर अब एक भविष्य-तैयार रियल एस्टेट बाजार के रूप में उभर चुका है, जो एक साथ अंतिम उपयोगकर्ताओं और निवेशकों दोनों को आकर्षित कर रहा है.

वोमेकी ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन, गौरव के. सिंह का कहना है कि दिल्ली एनसीआर का हाउसिंग मार्केट विकास का पैटर्न दिखा रहा है, जैसा कि प्रॉप टाइगर ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में 19% मूल्य वृद्धि दर्ज की है. नोएडा, मूल्यवृद्धि और खरीदार की रुचि दोनों के मामले में क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरा है. नोएडा के प्रमुख माइक्रो मार्केट, विशेष रूप से जेवर हवाई अड्डा और एफएनजी एक्सप्रेसवे, नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और मांग के कारण विकास को गति दे रहे हैं. इन माइक्रो मार्केट में प्रॉपर्टी की कीमतों में वृद्धि हुई है क्योंकि खरीदार उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं के साथ गुणवत्ता और जीवनशैली की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. परिणामस्वरूप, नोएडा अंतिम उपयोगकर्ताओं और निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बन गया है.

एसएस ग्रुप के एमडी और सीईओ अशोक सिंह जौनापुरिया का कहना है कि NCR में न्यू गुरुग्राम और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे गुरुग्राम के नए डेवलप हो रहे इलाकों में निवेश का माहौल बहुत मजबूत है, और ये जगहें तेजी से लोगों के रहने और व्यावसायिक काम-काज के लिए शहर के सबसे पसंदीदा हॉटस्पॉट बन रहे हैं.' उनका मानना है कि द्वारका एक्सप्रेसवे, बेहतर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और सुनियोजित टाउनशिप के साथ-साथ प्रीमियम हाउसिंग प्रोजेक्ट्स जैसे बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चरल सुधारों के कारण, यह पूरा इलाका जीवन की गुणवत्ता और प्रॉपर्टी की कीमतों, दोनों में लगातार बढ़ोतरी देखेगा.

प्रतीक ग्रुप के एमडी, प्रतीक तिवारी कहते हैं एनसीआर में प्रॉपर्टी मार्केट की मौजूदा रफ्तार इस बात का संकेत है कि खरीदार अब सिर्फ घर नहीं, बल्कि बेहतर जीवनशैली की तलाश में हैं. लोगों की प्राथमिकताएं अब क्वालिटी, लोकेशन और आधुनिक सुविधाओं से भरपूर प्रोजेक्ट्स की ओर बढ़ रही हैं. गाज़ियाबाद के सिद्धार्थ विहार और नोएडा सेक्टर-150 जैसे इलाकों में पिछले दो वर्षों के दौरान डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है, जो इस बदलाव का साफ उदाहरण है. बेहतर कनेक्टिविटी, हरियाली और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने इन क्षेत्रों को निवेश और आवास दोनों के लिहाज से बेहद आकर्षक बना दिया है. आने वाले वर्षों में ये इलाके न सिर्फ रेजिडेंशियल, बल्कि वर्ल्ड-क्लास कमर्शियल फैसिलिटी के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत करेंगे.

नॉर्थविंड एस्टेट्स के मार्केटिंग और सेल्स डायरेक्टर, शौर्य गर्ग के अनुसार, नोएडा अब NCR में सिर्फ 'सस्ता विकल्प' नहीं रह गया है, बल्कि यह उससे कहीं आगे निकल चुका है. उनका कहना है कि नोएडा के इस बड़े बदलाव के पीछे मास्टर प्लानिंग, शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और ग्राहकों का बढ़ता भरोसा मुख्य वजहें हैं. खासकर, एक्सप्रेसवे बेल्ट की तेज़ी तो देखने लायक है, जिसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बनने जा रहे औद्योगिक क्लस्टर्स से जबरदस्त गति मिली है. यह तेज़ी साफ दिखाती है कि नोएडा अब NCR के हाउसिंग मार्केट का नक्शा बदल रहा है और इसे प्रीमियम डेवलपमेंट का नया कॉरिडोर बना रहा है.

पिरामिड इंफ्राटेक के अश्वनी कुमार कहते हैं एनसीआर का रियल एस्टेट सेक्टर इस समय मजबूती के दौर में है, जहां लोगों का भरोसा और बाजार की स्थिरता दोनों साथ-साथ बढ़ रहे हैं. खरीदार अब उन प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं जो बेहतर लोकेशन, आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षित माहौल के साथ लंबी अवधि का मूल्य प्रदान करते हैं. आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और बेहतर कनेक्टिविटी इस ग्रोथ को और तेज करेंगे.


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