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गोवा की ताजी हवा और रिच कल्चर, रियल एस्टेट में ग्रोथ का कारण : रिपोर्ट
गोवा अब केवल छुट्टियों का डेस्टिनेशन नहीं रह गया है, बल्कि लग्जरी रियल एस्टेट और सेकंड होम के लिए भारत का प्रमुख गंतव्य बन गया है. प्राकृतिक सुंदरता, साफ़ हवा, शांत माहौल और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने इसे प्रीमियम निवेश के लिए आकर्षक बनाया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
गोवा अब सिर्फ छुट्टियों का गंतव्य नहीं रहा, बल्कि लग्जरी रियल एस्टेट और सेकंड होम बायर्स के लिए भारत का प्रमुख हॉटस्पॉट बन गया है. साफ़ हवा, शांत बीच, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रीमियम लाइफस्टाइल विकल्पों ने इसे निवेश और जीवन दोनों के लिए आकर्षक बना दिया है. हाल की रिपोर्ट्स बताती हैं कि नॉर्थ गोवा के पोरवोरिम, थिविम और अस्सागाओ जैसी जगहों पर लग्ज़री विला की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जो इसे समझदार इन्वेस्टर्स और लाइफस्टाइल-केंद्रित खरीदारों के लिए पसंदीदा बना रही हैं.
लग्जरी विला की कीमतें मेट्रो शहरों के बराबर
सैविल्स इंडिया रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, गोवा में नई विला प्रॉपर्टी की कीमतें साउथ दिल्ली और साउथ मुंबई के अपार्टमेंट्स के बराबर हैं, लगभग 7 करोड़ से 10 करोड़ रुपये के बीच, NRIs, HNIs और अल्ट्रा HNIs का आकर्षण गोवा की रिच कल्चरल हेरिटेज और आरामदायक लाइफस्टाइल है. टियर-1 मेट्रो शहरों की भागदौड़ से थककर मिलेनियल्स और जेन Z यहाँ स्वास्थ्य, जीवनशैली और वित्तीय स्वतंत्रता के लिए आ रहे हैं.
इन्वेस्टमेंट हॉटस्पॉट: तेजी से बढ़ती कीमतें
ऑनलाइन रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म मैजिकब्रिक्स के अनुसार, गोवा में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट तेजी से बढ़ रहा है. रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज़ की कीमतों में साल-दर-साल 66.3% की वृद्धि हुई है, खासकर नॉर्थ गोवा के पोरवोरिम और थिविम इलाकों में लग्जरी विला और हॉलिडे होम की मांग लगातार बढ़ रही है.
प्रमुख डेवलपर्स की नजर में गोवा
जीएचडी ग्रुप के चेयरमैन भरत ठाकरान कहते हैं, “2012 से हम गोवा में प्रीमियम लिविंग स्पेस बना रहे हैं. प्रदूषण और ट्रैफिक वाले मेट्रो शहरों की तुलना में गोवा प्राकृतिक सुंदरता, साफ हवा और धीमी, सार्थक जीवन गति प्रदान करता है. डिजिटल-फर्स्ट काम और रिमोट लाइफस्टाइल के चलते लोग अब समुद्र के सामने अपार्टमेंट या हरी-भरी हरियाली वाले विला में रहकर काम कर सकते हैं. गोवा अब सिर्फ छुट्टियों की जगह नहीं, बल्कि भारत की पसंदीदा पहले घर और रिटायरमेंट डेस्टिनेशन बन गया है.”
सेकंड होम बायर्स के लिए आकर्षण
कोस्टल अपार्टमेंट 30-40 साल के युवा बायर्स के लिए आकर्षक हैं, लेकिन 15 करोड़ से ऊपर के लग्ज़री विला का दबदबा है. कोविड महामारी के बाद वर्क-फ्रॉम-होम विकल्प बढ़ने और होलिस्टिक लिविंग की मांग के कारण लग्जरी विला की डिमांड बढ़ी. नॉर्थ गोवा के अर्जुना, अरपोरा, वागाटोर और कैंडोलिम में साल-दर-साल कीमतों में वृद्धि देखी गई है. सेकंड होम अब पर्सनल इस्तेमाल, रेंटल या लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए पॉपुलर हैं.
अस्सागाओ: लग्जरी विला का हॉटस्पॉट
कॉन्शिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर के डायरेक्टर राजेश जैन कहते हैं, “अस्सागाओ गोवा में सबसे पसंदीदा इलाके में से एक बन गया है. यह हरे-भरे माहौल, पुराने जमाने का चार्म और आरामदायक लाइफस्टाइल प्रदान करता है. लग्जरी विला अब सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि पहचान और लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गए हैं.”
इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी पहल
गोवा के रियल एस्टेट ग्रोथ में मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, कोंकण एक्सप्रेसवे और PPP मॉडल के सरकारी प्रोजेक्ट्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. ये परियोजनाएं हाउसिंग और कॉमर्शियल डेवलपमेंट के अवसर बढ़ा रही हैं, जिससे मेट्रो शहरों से जुड़ाव आसान हुआ है.
स्थायी और प्रीमियम मार्केट
गोवा का रियल एस्टेट मार्केट अब सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि परिवर्तनकारी कदम है. तटीय अपार्टमेंट, लग्जरी विला और गेटेड समुदाय सेकंड होम बायर्स के लिए स्वर्ग बन गए हैं. बेहतर लाइफस्टाइल, स्थिर रेंटल इनकम और लंबे समय की कैपिटल एप्रिसिएशन गोवा को प्रीमियम, सुरक्षित और समझदार निवेश का विकल्प बनाती हैं.
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