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महाराष्ट्र के सियासी मैदान में कौन कितना मजबूत, जानिए पूरा चुनावी समीकरण?

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 20 नवंबर को मतदान होंगे. महाराष्ट्र में महायुति और महाविकास अघाड़ी, ये दो गठबंधन दल चुनावी मैदान में उतरेंगे. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही समय बचा है. ऐसे में उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी होने लगी हैं. चुनाव के लिए महायुति और महाविकास आघाडी दोनों ही दल पूरी तैयारी में जुट गए हैं. इस बीच विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी में सीट शेयरिंग पर सहमति बन गई है. इसके मद्देनजर कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार) और शिवसेना (यूबीटी) ने 85-85 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है. हालांकि कुछ सीटों पर बंटवारे पर विचार-विमर्श अभी भी जारी है. तो चलिए आपको महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के सियासी समीकरण से रूबरू कराते हैं.

मैदान में मुख्य रूप से दो गठबंधन आमने-सामने

महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, शरद पवार की एनसीपी ने मिलकर महा विकास अघाड़ी का गठन किया था. वहीं, महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसी एनसीपी शामिल हैं. इस बार के महाराष्ट्र चुनाव में मुकाबला पार्टियों के बजाय दो गठबंधनों के बीच देखने को मिलेगा. सत्तारूढ़ महायुति और महा विकास अघाडी आमने-सामने होंगे. इस बार के विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन (MVA) महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के अपने प्रदर्शन को दोहराना चाहेगी, जिसमें उसे महायुति पर बढ़त हासिल हुई थी. 

सीटों का बंटवारा
महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. ऐसे में शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने  राउत ने कहा कि 20 नवंबर को होने वाले चुनावों के लिए कुल 288 सीटों में से 270 पर सहमति बन गई है. इनमें से 255 सीट कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और एनसीपी (शरद पवार) के बीच ब बीच बंटी हैं. महायुति सरकार को हराने के लिए महा विकास अघाड़ी गठबंधन एकजुट हो गया है, जिसके तहत कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट) और शिवसेना (यूबीटी) 85-85 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और बाकी 18 सीटों पर गठबंधन के अन्य दलों से बात की जाएगी. वहीं, महायुति में ज्यादा सीटें बीजेपी के हिस्से में ही हैं. बीजेपी 156 के करीब तो एकनाथ शिंदे की शिवसेना-78-80, अजित पवार की एनसीपी 53-55 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.

वर्तमान में किसके, कितने विधायक? 

महाराष्ट्र विधानसभा की वर्तमान तस्वीर की बात करें तो महायुति में बीजेपी के 103, शिवसेना (शिंदे) के 40 और एनसीपी (अजित पवार) के 40 और बहुजन विकास अघाड़ी के तीन विधायक हैं. वहीं, महा विकास अघाड़ी की बात करें तो कांग्रेस के 43, शिवसेना (यूबीटी) के 15 और एनसीपी (शरद पवार) के 13 विधायक हैं. महाराष्ट्र विधानसभा में समाजवादी पार्टी के दो, एआईएमआईएम के दो, पीजेपी के दो, एमएनएस, सीपीएम, शेकाप, स्वाभिमानी पार्टी, राष्ट्रीय समाज पार्टी, महाराष्ट्र जनसुराज्य शक्ति पार्टी, क्रांतिकारी शेतकारी पार्टी के एक-एक विधायक हैं. 

क्या था पिछले चुनाव का परिणाम?
पिछले चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं हालांकि, चुनाव के बाद शिवसेना एनडीए से अलग हो गई और उसने एनसीपी-कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली. शिवसेना के उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने. जून 2022 में शिवसेना में आंतरिक कलह हो गई. इसके बाद एकनाथ शिंदे ने पार्टी के 40 विधायकों को तोड़ दिया. एकनाथ शिंदे बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बन गए. अब शिवसेना दो गुटों में बंट चुकी है. शरद पवार की एनसीपी भी दो गुट- शरद पवार और अजित पवार में बंट गई है. 

इस बार क्या सोच रही जनता?
लोकसभा की तरह इस बार भी मराठा बीजेपी से नाराज दिख रहे हैं, लेकिन दलित वोटरों का झुकाव इस बार किधर होगा ये अभी साफ नहीं है. लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान और आरक्षण खतरे में होने का नारा अब पहले से कमजोर हो चला है. वैसे 1995 के चुनाव के पहले तक दलित और आदिवसी मतदाता कांग्रेस के साथ ही रहते थे, लेकिन बीजेपी-शिवसेना युति की पहली सरकार के बाद समीकरण बदलना शरू हो गया था. रामदास आठवले, प्रकश अम्बेडकर, रासु गवई जैसे नेता उभरे और दलित वोट बिखरना शुरू हो गया. जिसका फायदा बीजेपी को मिलना शुरू हो गया. हालांकि, उसके बाद से कांग्रेस ने बहुत कोशिश की है. एक बड़ा दलित चेहरा उभारने की, लेकिन वो सफल नहीं हो पाई है.


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