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मोदी के इन मंत्रियों ने BJP को बहुमत से किया दूर, अब करने होंगे कई समझौते?
लोकसभा चुनाव में भाजपा भले ही सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी बनी हो, लेकिन उसे कई झटके लगे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
लोकसभा चुनाव के नतीजे भाजपा की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे हैं. पार्टी ने इस बार 400 पार का नारा दिया था, लेकिन NDA में शामिल सभी दल मिलकर भी इस आंकड़े को नहीं छू पाए हैं. पिछले दो चुनावों में अपने दम पर बहुमत हासिल करने वाली भाजपा को 240 सीटें मिली हैं. इस वजह से नरेंद्र मोदी का तीसरा कार्यकाल अनिश्चतता भरा होने की संभावना है. क्योंकि उन्हें JDU और TDP जैसे सहयोगियों पर सबसे ज्यादा निर्भर रहना होगा. इस चुनाव में मोदी सरकार के 19 मंत्रियों को शिकस्त मिली है, जो पार्टी के लिए बड़े झटके के समान है.
अमेठी में स्मृति को शिकस्त
भाजपा के सबसे चर्चित मंत्रियों में शुमार रहीं स्मृति ईरानी को अमेठी में शिकस्त का सामना करना पड़ा है. उन्हें कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने 1.67 लाख वोटों से हराया है. तिरुवनंतपुरम से IT मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले राजीव चंद्रशेखर की हार हुई है. उन्हें कांग्रेस के शशि थरूर ने 16 हजार वोटों से हराया है. इसी तरह, लखीमपुर खीरी से केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी सपा के उत्कर्ष वर्मा से 34 हजार वोटों से हारे हैं. बता दें कि अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष टेनी पर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप था. इसका भी खामियाजा भाजपा को उठाना पड़ा है.
इन्होंने भी चखा हार का स्वाद
हार का स्वाद चखने वाले मोदी सरकार के अन्य मंत्रियों में 32778 वोटों से परास्त होने वाले सुभाष सरकार अर्जुन मुंडा -149675, कैलाश चौधरी -417943), एल मुरुगन -240585, निसिथ प्रमाणिक -39250, संजीव बालियान -24672, कपिल पाटिल - 66121, रावसाहेब दानवे-109958, भारती पवार -113199, कौशल किशोर-70292, भगवंत खुबा -128875, वी.मुरलीधरन -16272, महेंद्रनाथ पांडे -21565, साध्वी निरंजन ज्योति- 33199, भानु प्रताप - 53898 और आरके सिंह का नाम - 59808 शामिल हैं. सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत 272 होता है. यानी लोकसभा चुनाव में 272 सीटें जीतने वाली पार्टी अपने दम पर सरकार बना सकती है. भाजपा को कुल 240 सीटें मिली हैं, यदि सभी 19 मंत्री चुनाव जीत जाते तो पार्टी की सीटों का आंकड़ा बढ़कर 259 हो जाता. भले ही ये बहुमत से 13 सीट कम रहता, लेकिन उस स्थिति में उसकी सहयोगी दलों पर निर्भरता ज़रूर कम हो जाती.
...तो JDU की नहीं पड़ती ज़रूरत
तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और जनता दल (यूनाइटेड) मोदी 3.0 में अहम किरदार निभाएंगे. इनमें से किसी भी पार्टी के दूर जाने का मतलब होगा मोदी सरकार की विदाई. चंद्रबाबू नायडू की TDP को 16 सीटें मिली हैं. वहीं, नीतीश कुमार की JDU 12 सीटें जीतने में कामयाब रही है. अगर मोदी सरकार के 19 मंत्री अपनी सीट बचा जाते, तो भाजपा को नीतीश कुमार के सहारे की ज़रूरत नहीं पड़ती. नीतीश कुमार का पलटने वाला इतिहास रहा है. वह कब, किस पार्टी से हाथ मिला लें, यह कोई नहीं जानता. ऐसे में पूरे 5 साल तक सरकार चलाने के लिए मोदी को कई समझौते भी करने पड़ सकते हैं.
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