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पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में हुए ये बड़े फैसले, देश की इकोनॉमी को लगे पंख
देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार को 92 साल की उम्र में निधन हो गया. वह 2004 से 2014 तक 10 साल देश के प्रधानमंत्री रहे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार (27 दिसंबर 2024) को उनके निवास पर निधन हो गया. स्वर्गीय डॉ. मनमोहन सिंह ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर, देश के वित्त मंत्री से लेकर 10 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहने तक देश की अर्थव्यवस्था और तरक्की में महत्वपूर्ण योगदान दिया. साल 2004 से 2014 के बीच उनकी सरकार ने 5 ऐसे बड़े फैसले किए थे, जिसने देश के लोगों की तकदीर बदली, साथ ही देश की इकोनॉमी में भी तेजी लाने का काम किया, तो आइए जानते हैं, ये कौन से फैसले थे?
1. मनरेगा से मिला रोजगार का अधिकार
अगर मनमोहन सिंह की सरकार के सबसे बड़े इकोनॉमिक रिफॉर्म के बारे में पूछा जाए, तो वह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) कानून का पास कराया जाना था. इस एक कानून ने देश में पलायन की समस्या पर रोक लगाने में अहम भूमिका अदा की. इतना ही नहीं, इस कानून की वजह से गांव, गरीब और अकुशल लोगों के लिए 100 दिन का गारंटीड रोजगार मिलना सुनिश्चित हुआ.इस कानून ने 2008 की मंदी में देश के अंदर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बचाए रखने का काम किया.
2. सूचना के अधिकार की ताकत
मनमोहन सिंह की सरकार में सूचना का अधिकार (Right To Information) पारित किया गया. इस एक कानून ने इकोनॉमी में ट्रांसपरेंसी लाने का बड़ा काम किया. इससे सरकार की जवाबदेही और उसके पारदर्शिता सुनिश्चित हुई, जो ओवरऑल इकोनॉमी के लिए एक अच्छा कदम साबित हुआ.
3. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
मनमोहन सिंह की सरकार में एक और बड़ा काम ‘भोजन के अधिकार’ का हुआ. इसके तहत देश के गरीब लोगों को रियायती दर पर भोजन देने का प्रावधान किया गया. इसका फायदा ये हुआ कि देश की एक बड़ी आबादी भूख की चिंता करके देश की इकोनॉमी में अपना योगदान दे सकी. आज देश में जो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना चल रही है, वह इसी कानून की बदौलत है. इस कानून ने कोविड के दौरान देश के गरीब लोगों की बहुत मदद की.
4. स्पेस इकोनॉमी को पावर को मिला बूस्ट
मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल में देश की अंतरिक्ष (स्पेस) इकोनॉमी को पावर बूस्ट मिला था. उसी दौर में देश की स्पेस एजेंसी इसरो ने अपने स्पेस क्राफ्ट चंद्रमा और मंगल पर भेजे. इस एक कदम ने भारत को ये ताकत दी कि वह पारग्रही स्पेस मिशन भेजने में भी सक्षम है. मनमोहन सिंह की सरकार के समय में ही भारत के अंतरिक्ष मानव मिशन की रूपरेखा को अमलीजामा पहनाया गया.
5. स्किल डेवलपमेंट मिशन की नींव
मनमोहन सिंह की सरकार ने देश की इकोनॉमी, युवाओं और भविष्य की जरूरत को समझते हुए स्किल डेवलपमेंट पर काम किया. उन्हीं के कार्यकाल में स्किल डेवलपमेंट मिशन की नींव पड़ी, जो आज के समय में कौशल विकास मंत्रालय का रूप ले चुकी है. इकोनॉमी की ग्रोथ की लिहाज से उनकी सरकार का ये कदम काफी अहम था, क्योंकि ये देश की बढ़ती इकोनॉमी के लिए स्किल्ड वर्क फोर्स को तैयार करने का कदम था.
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