होम / पॉलिटिकल एनालिसिस / Modi 3.0 में भी होंगे बड़े और कड़े फैसले, इन मुद्दों पर रहेगा खास जोर
Modi 3.0 में भी होंगे बड़े और कड़े फैसले, इन मुद्दों पर रहेगा खास जोर
मोदी सरकार के पिछले दो कार्यकालों में कई बड़े निर्णय लिए गए हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिलेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) लगातार तीसरी बार देश एक प्रधानमंत्री बन गए हैं. कल यानी 9 जून को उन्होंने शपथ ग्रहण की और इसी के साथ मोदी 3.0 की शुरुआत हो गई है. मोदी के पिछले दो कार्यकाल कई ऐतिहासिक फैसलों के लिए जाने जाते हैं. पीएम मोदी इस कार्यकाल में भी कुछ बड़े निर्णय ले सकते हैं. वह कई बार यह दर्शा भी चुके हैं कि मोदी 3.0 में कई बड़े कदम उठाए जाएंगे. जब मोदी को संसदीय दल का नेता चुना गया , तब भी उन्होंने कहा था कि पिछले 10 साल का कार्य तो सिर्फ ट्रेलर है, थर्ड टर्म बड़े फैसलों वाला होगा.
पहले इन पर लगी है मुहर
मोदी के दूसरे कार्यकाल में जम्मू कश्मीर से धारा 370 का हटाना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, नागरिकता अधिनियम कानून जैसे बड़े फैसलों को लागू किया गया था. ऐसे में यह सवाल उठाना लाजमी है कि अपने तीसरे कार्यकाल में मोदी कौनसे बड़े और कड़े निर्णय ले सकते हैं. हालांकि, इस बार मोदी सरकार को बेहद संभलकर चलना होगा. क्योंकि वह सहयोगियों के समर्थन पर निर्भर है. यदि नीतीश कुमार या चंद्रबाबू नायडू ने सरकार से हाथ खींचा, तो मोदी बड़े संकेत में फंस जाएंगे. चलिए जानने की कोशिश करते हैं कि मोदी 3.0 में किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जा सकती है.
एक देश एक चुनाव
लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा के घोषणा पत्र में एक देश एक चुनाव का वादा किया गया है. ऐसे में इसकी संभावना बेहद ज्यादा है कि मोदी 3.0 में इस पर निर्णय लिया जाए. बता दें कि एक देश एक चुनाव की बहस 2018 में विधि आयोग के एक मसौदा रिपोर्ट से शुरू हुई थी. रिपोर्ट में आर्थिक कारणों का हवाला देते हुए इसकी वकालत की गई थी. आयोग का कहना था कि 2014 में लोकसभा चुनावों का खर्च और उसके बाद हुए विधानसभा चुनावों का खर्च लगभग समान रहा है. लिहाजा, साथ-साथ चुनाव होने पर यह खर्च 50:50 के अनुपात में बंट जाएगा. NDA के इस कार्यकाल में इसे लागू करने पर जोर रह सकता है. नीतीश कुमार की जदयू ने भी इस पर अपना समर्थन जताया है.
अग्निवीर योजना में बदलाव
मोदी सरकार अग्निवीर योजना में भी कुछ बदलाव कर सकती है. JDU जैसी NDA सहयोगी पार्टियां भी यह मांग करती रही हैं. ऐसे में सरकार उनकी भावनाओं का ख्याल रखते हुए इस योजना में संशोधन कर सकती है. विपक्ष इस बार पहले से ज्यादा ताकतवर है और वो अग्निवीर पर भाजपा को घेरता रहा है. लिहाजा, सरकार पर इसमें बदलाव का दबाव रहेगा. इसी तरह, समान नागरिक संहिता पर भी कोई निर्णय हो सकता है. देशभर में सबके लिए एक समान कानून लागू करना वैसे भी भाजपा के एजेंडे में रहा है. 2024 के घोषणापत्र में पार्टी ने इस विषय को शामिल किया है. BJP ने 2022 में हुए उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में इसे मुद्दा बनाया था और चुनाव जीतने के बाद इसे लागू भी किया. एनडीए के तीसरे कार्यकाल में समान नागरिक संहिता को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है.
आयुष्मान भारत का विस्तार
नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत का दायरा बढ़ा सकते हैं. भाजपा के 2024 के घोषणापत्र में आयुष्मान भारत के कवरेज को 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय को शामिल करने की बात कही है. वहीं, विदेश नीति के लिहाज से देखें तो अपने तीसरे कार्यकाल में मोदी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर प्रयास करेंगे. भारत लंबे समय से UNSC में स्थायी सीट के लिए प्रयास कर रहा है. मोदी का जोर होगा कि इस प्रयासों को अब सफलता मिल जाए. इसके साथ ही इस बार सरकार महंगाई कम करने पर ज्यादा फोकस कर सकती है.
टैग्स