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सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का उड़ रहा मजाक, अडानी के CFO ने भी मारा plagiarism का ताना!
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया "A New Deal For Indian Business" शीर्षक लेख को लेकर अब अडानी के CFO ने उनपर पलटवार कर दिया है. राहुल गांधी पर लेख कॉपी करने के आरोप लग रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
पलक शाह
कांग्रेस नेता व सांसद राहुल गांधी हमेशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अरबपति बिजनेसमैन गौतम अडानी को निशाना बनाने की कोशिश करते रहते हैं. लेकिन इस बार वह बुरे फंस गए हैं. इतना ही नहीं, उन्हें अडानी ग्रुप के CFO जगेशिंदर रोबी सिंह ने भी अप्रत्याशित रूप से घेर लिया है. रोबी ने राहुल गांधी के हाल में प्रकाशित एक लेख को लेकर उन पर पलटवार किया है और उन पर लेख चोरी करने का आरोप लगाया है. दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में 'द इंडियन एक्सप्रेस' के लिए एक लेख लिखा था, जिसमें उन्होंने मोदी शासन के तहत भारत के बड़े व्यवसायों के एकाधिकार प्रवृत्तियों पर आलोचना की थी. उसमें स्पष्ट रूप से अडानी ग्रुप का संदर्भ दिया गया है.
अडानी के CFO ने एक्स पर किया पोस्ट
रोबी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट किया है कि गांधी का लेख दरअसल ब्रिटिश दार्शनिक एडमंड बर्क (Edmund Burke) के एक लेख से चोरी किया गया था. "ऐसा लगता है कि @IndianExpress ने एडमंड बर्क के भारत पर 05 दिसंबर 2012 को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस द्वारा प्रकाशित लेख को ही, एक नए उपनाम के तहत फिर से प्रकाशित किया! #प्लेगरिजम हालांकि कोई कह सकता है कि हमें @CCI_India को सशक्त और मजबूत करना चाहिए, लेकिन 12 साल पुराना चैप्टर क्यों कॉपी किया गया?
It appears @IndianExpress re-published Edmond Burke on India - by Cambridge University Press 05 December 2012 under a new pen name! #plagiarism Although one can say let us empower & strengthen @CCI_India Why copy a 12 year old chapter in a book?
— Jugeshinder Robbie Singh (@jugeshinder) November 7, 2024
इन लोगों ने भी अपने X हैंडल पर किया पोस्ट
गांधी के प्लेगरिज़म को पकड़ने वाले अडानी ग्रुप के CFO अकेले ही नहीं हैं, बल्कि 'X' हैंडल @prettypadmaja (करीब 40K फॉलोअर्स) ने भी इसे लेकर एक पोस्ट लिखी है. उन्होंने बताया है कि गांधी के लिए लेख लिखने वाले व्यक्ति ने बस AI टूल का उपयोग किया है. "यह प्लेगरिजम है, दो लाइनें पढ़ने के बाद ही पता चल गया कि यह लेख Chapter 13 - Edmond Burke on India - कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस द्वारा 05 दिसंबर 2012 को प्रकाशित हुआ और बाद में किसी AI प्लेटफॉर्म द्वारा सुधारा गया एक स्मार्ट तरीके से कॉपी किया गया विचार है. आगे पढ़ने की जरूरत नहीं. इसे किसान से लेकर मेसन, पॉटरी से ड्राइवर और अब लेखक ????????," वहीं, @arunpudur (114K फॉलोअर्स) ने पोस्ट किया है कि "तो @RahulGandhi ने लेख की नकल की और फिर AI का इस्तेमाल करके कुछ बदलाव किए.
So @RahulGandhi plagiarized the article and then used AI to make a few changes.
Daala @sardesairajdeep promoted his master's article! pic.twitter.com/PkWd7SqEHA
— Arun Pudur (@arunpudur) November 6, 2024
यहां से कॉपी किया गया है लेख
राहुल गांधी का "A New Deal For Indian Business: Match-fixing monopoly vs fairplay business — time to choose freedom over fear” शीर्षक लेख, जोकि भारत में एकाधिकार नियंत्रण की आलोचना करता है और व्यापार समुदाय से अपील करता है कि वे कुछ हाथों में शक्ति का संकेंद्रण रोकें. ऐसा कहा जा रहा है कि यह एडमंड बर्क के भारत पर आधारित अध्याय 13 से कॉपी किया गया लेख है, जिसे कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस ने 2012 में ऑनलाइन प्रकाशित किया था. इतना ही नहीं, केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने 2009 में एक समान लेख लिखा था, जिसे उन्होंने एक ब्लॉग पर पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस-नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की आलोचना की थी. तब चन्द्रशेखर ने केवल कुछ दिग्गजों को नहीं, बल्कि विविध व्यवसायों को समर्थन देने की आवश्यकता पर जोर दिया था. चन्द्रशेखर के उस लेख का शीर्षक “New Deal For India." था.
राहुल गांधी पर बर्क के काम का उपयोग करने का आरोप
राहुल गांधी का लेख यह बताता है कि ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी उपनिवेश भारत पर कैसे प्रभाव डाला और बिना किसी का नाम लिए भारत के बदनाम व्यापारियों पर प्रकाश डाला. यह 'New Deal' का वादा करता है ताकि भारत के व्यापारिक माहौल को आकार दिया जा सके. आलोचक कहते हैं कि यह बर्क के काम के थीम और वाक्यांशों से काफी मिलता-जुलता है. बर्क ने विशेष रूप से भारत पर विदेशी एकाधिकार नियंत्रण और समाज के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने पर एकाधिकारों के नकारात्मक प्रभावों पर लिखा था. दोनों पाठों के बीच समानता, विशेष रूप से एकाधिकार संस्थाओं को शोषक के रूप में पेश करने और एक कमजोर “मातृभूमि” के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करने में स्पष्ट है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सामग्री पूरी तरह से मौलिक नहीं थी. राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने बर्क के काम का उपयोग किया और केवल संदर्भ में बदलाव किया, ताकि इसे आधुनिक भारतीय एकाधिकारों से जोड़ा जा सके.
एआई के जरिए लिखा गया है लेख
अब यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि हो सकता है यह लेख राहुल गांधी ने किसी दूसरे व्यक्ति से लिखवाया हो, जिसने संभवतः AI टूल्स का उपयोग कर भाषा, फ्रेमिंग और संरचना को सुधारने और बेहतर बनाने का काम किया है. AI लेखन टूल्स और ऐप्स इंटरनेट पर व्यापक रूप से उपलब्ध हैं. राहुल गांधी, जो भारत के विपक्ष के नेता हैं और भारत के आधुनिक व्यापारिक हितों के पक्षधर के रूप में प्रस्तुत होते हैं, अपने लेख में यह उल्लेख करना भूल गए कि उनके लेखन पर बर्क के उपनिवेशी शोषण संबंधी विचारों का प्रभाव पड़ सकता था.
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