✕

होम / पॉलिटिकल एनालिसिस / क्या बाहरी व्यापारियों का 'कब्जा' और अधिग्रहण बना अयोध्यावासियों की नाराजगी की वजह?

क्या बाहरी व्यापारियों का 'कब्जा' और अधिग्रहण बना अयोध्यावासियों की नाराजगी की वजह?

अयोध्या में भाजपा की हार चर्चा का विषय बनी हुई है. इसके लिए सोशल मीडिया पर अयोध्या के लोगों को कोसा भी जा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

लोकसभा चुनाव में भाजपा को उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा झटका लगा है. खासकर अयोध्या (Ayodhya) में भाजपा की हार हर किसी के लिए चौंकाने वाली है. सोशल मीडिया पर अयोध्यावासियों को जमकर कोसा जा रहा है. रामानंद सागर की 'रामायण' में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले एक्टर सुनील लहरी ने भी अयोध्या के लोगों पर शब्दों के बाण चलाए हैं. उन्होंने लिखा है - हम भूल रहे हैं कि ये वही अयोध्यावासी हैं जिन्होंने वनवास से लौटने के बाद देवी सीता पर संदेह किया था. अयोध्या के लोगों ने हमेशा अपने राजा के साथ विश्वासघात किया है. उन्हें शर्म आनी चाहिए.

विकास तो खूब हुआ
भाजपा की राज्य और केंद्र सरकार ने अयोध्या के लिए काफी कुछ किया. यहां भव्य राम मंदिर बनाया गया. अयोध्या को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट और वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन मिला. राम पथ बना और राम की पैड़ी की सुंदरता बढ़ाई गई. राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यहां बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे और यह सिलसिला अब भी जारी है. अयोध्या की अपनी एक पूरी इकॉनमी खड़ी हो गई है. इसके बावजूद अगर भाजपा को यहां से हार का सामना करना पड़ा है, तो सवाल उठाना लाजमी है. 

हार ये 2 प्रमुख कारण
अयोध्या में हुए विकास को कोई नकार नहीं सकता. अयोध्यावासी भी स्वीकार करते हैं कि पहले और अब की अयोध्या में काफी बदलाव आया है. लेकिन बाहर से शानदार नजर आने वाले इस बदलाव में दर्द और पीड़ा भी छिपी है. अयोध्या में भाजपा की हार के दो प्रमुख कारण हैं - बाहरी व्यापारियों का कब्जा और जमीन अधिग्रहण में हुई मनमानी. मंदिर निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों को जमीन अधिग्रहित की गई. शुरूआत में संत समाज ने इसका विरोध भी किया. आम जनता और प्रशासन आमने-सामने भी आए लेकिन हुआ वही जो प्रशासन को मंजूर था. राम पथ के निर्माण के लिए हजारों दुकान और मकान तोड़े गए. इतना ही नहीं, पीड़ितों को उचित मुआवजा भी नहीं दिया गया.    

नेता नहीं भांप सके गुस्सा 
अपनी आंखों के सामने अपने घर-दुकान टूटते देखने वालों के साथ किसी किस्म की सहानभूति भी नहीं दिखाई गई. जनप्रतिनिधियों और अधिकारी दोनों ने उनसे किनारा कर लिया. यहीं से अयोध्यावासियों में भाजपा के खिलाफ गुस्सा पनपना शुरू हुआ. प्रदेश और केंद्रीय स्तर पर कोई नेता इस गुस्से को भांप नहीं किया, क्योंकि सभी राम मंदिर की भव्यता में खोये थे और आश्वस्त थे कि 'राम' उनका बेड़ा पार लगा देंगे. भाजपा के प्रति गुस्से में उबाल उस वक्त आया जब बाहरी कारोबारी अयोध्या पर कब्जा करने लगे. दरअसल, राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या में आर्थिक लाभ की संभावनाएं तलाशने के लिए बड़ी संख्या में व्यापारी बाहर से आकर यहां बस गए. इससे स्थानीय व्यापारियों को मिलने वाले संभावित लाभ में कटौती हो गई. 

सामान्य जीवन प्रभावित
राम मंदिर के अस्तित्व में आने बाद अयोध्या के लोगों की परेशानियों में और भी इजाफा हो गया. जगह-जगह पर बैरिकेडिंग, पुलिस बंदोबस्त, रूट डायवर्जन और वीआईपी कल्चर ने उनके सामान्य जीवन को बुरी तरह प्रभावित करके रख दिया. भाजपा की स्थानीय इकाई बदलते हालातों से पूरी तरह बेखबर रही. अयोध्यावासियों की फरियादों को अनसुना किया गया. बीजेपी प्रत्याशी और 2019 में जीत करने वाले लल्लू सिंह से उन्हें कोई मदद नहीं मिली. वहीं, समाजवादी पार्टी लोगों के गुस्से को अपने पक्ष में करने में कामयाब रही. सपा ने जातीय समीकरण साधते हुए अनुसूचित जाति के पासी समुदाय से आने वाले अवधेश प्रसाद को टिकट दिया. अवधेश ने बीजेपी के लल्लू सिंह को 55 हजार वोट से हराकर सपा के इस दांव को सही साबित किया. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन, दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिरासत और पाबंदियां

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था. पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.

2 days ago

25 साल का सफर पूरा होने पर सरोजिनी नगर के श्री विनायक मंदिर पहुंचे PM मोदी, भगवान गणेश से मांगा आशीर्वाद

मंदिर में पूजा के बाद प्रधानमंत्री ने भगवान गणेश को ‘विघ्नहर्ता’ बताते हुए देश के निरंतर विकास और सभी के कल्याण की कामना की. उन्होंने कहा कि विघ्नहर्ता की कृपा से सभी का कल्याण हो और देश लगातार प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे. 

5 days ago

गुजरात से दिल्ली तक: नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे, आर्थिक बदलावों पर नजर

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरुआत से प्रधानमंत्री के तीन कार्यकाल तक का सफर, सुधारों, कल्याण योजनाओं, बुनियादी ढांचे और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर रहा फोकस

6 days ago

मोदी @76: वडनगर से दिल्ली तक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्ष, संगठन और नेतृत्व के 25 साल का सफर

17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 76 वर्ष के हो गए हैं. उनके जन्मदिन के मौके पर BJP देशभर में महीने भर चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करेगी.

17-September-2026

शंघाई सहयोग संगठन में मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात, ईरान के साथ भारत की कूटनीति पर टिकी नजर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की.

31-August-2026


बड़ी खबरें

10 मिनट में डिलीवरी वाले प्लेटफॉर्म पर कसेगा शिकंजा? FSSAI बदल सकता है खाद्य सुरक्षा के नियम

रिपोर्ट के अनुसार, Nestle India, PepsiCo और Dabur India जैसी कंपनियों के साथ JW Marriott जैसे होटल संचालकों को भी नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में जवाब देना पड़ा है.

5 minutes ago

भारत में 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, अब घटेगी रफ्तार! रोजगार और कम कमाई बनी चुनौती

विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, 2011 से 2023 के बीच भारत में करीब 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले. इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में गरीबी की दर शहरी क्षेत्रों से दोगुने से ज्यादा है.

3 hours ago

RBL बैंक के मुनाफे में 170% का उछाल, दूसरी तिमाही में ₹482 करोड़ पर पहुंचा प्रॉफिट

नेट इंटरेस्ट इनकम में 37% की बढ़ोतरी, एडवांस 42% और जमा राशि 34% बढ़ी; एसेट क्वालिटी में भी सुधार

1 hour ago

रुपये को सहारा देने वाले RBI के नए नियमों पर बैंकों को राहत की मांग, 20% कैश जमा की जगह शुल्क लगाने का प्रस्ताव

विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव सौदों पर 20% नकद जमा की अनिवार्यता और 20 लाख डॉलर की सीमा को लेकर बैंकों ने RBI से नियमों में बदलाव की मांग की है.

7 hours ago

IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, FY27 और FY28 में 7% वृद्धि की उम्मीद

घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र की मजबूती से भारत की अर्थव्यवस्था को सहारा मिलने का अनुमान है. IMF ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ग्रोथ का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% किया, जबकि वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया संघर्ष और महंगाई का जोखिम बरकरार है.

7 hours ago