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त्रिपुरा BJP प्रभारी से लेकर राज्यसभा तक, ऐसा रहा है बिप्लब कुमार देब का सफर
त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब अब संसद पहुंच गए हैं. उन्होंने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब अब संसद पहुंच गए हैं. राज्यसभा के लिए हुए उपचुनाव में उन्होंने जीत हासिल की है. मुख्यमंत्री के तौर पर उनके कई बयानों ने सियासी बवंडर खड़ा किया था. संभवतः इसी वजह से उन्हें मज़बूरी में इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन भाजपा ने उन्हें राज्यसभा की टिकट देकर यह ज़रूर साबित कर दिया है कि पार्टी में बिप्लब देब का कद बड़ा है.
पाक-साफ है दामन
बिप्लब कुमार देब हरियाणा भाजपा के प्रभारी भी हैं. विनोद तावड़े को बिहार भेजे जाने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. बिप्लब कुमार त्रिपुरा में भाजपा की जीत के हीरो रहे थे. वह लो-प्रोफाइल रहकर भी अपने काम को बखूबी अंजाम देने में माहिर माने जाते हैं. राजनीति में बिप्लब कुमार देब का दमन पाकसाफ रहा है. 2018 के विधानसभा चुनाव में दायर हलफनामे के मुताबिक, उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मुकदमा नहीं दर्ज है.
संघ से रहा करीबी नाता
त्रिपुरा के पूर्व CM ने 1999 में त्रिपुरा यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया था. बिप्लब कुमार शुरुआती दिनों से राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं. उन्होंने संघ के वरिष्ठ नेता के.एन. गोविंदाचार्य के साथ काम किया है. बिप्लब ने साल 2018 में पहली बार चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उनका मुकाबला बनमालीपुर (पश्चिमी त्रिपुरा) सीट पर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के कुहेली दास से था, जिन्हें मात देकर बिप्लब विधानसभा पहुंचे. बिप्लब की पत्नी बैंक में कार्यरत हैं.
इस तरह आगे बढ़े
2014 में बिप्लब कुमार को त्रिपुरा का भाजपा प्रभारी बनाया गया था. इस दौरान उन्होंने राज्य में पार्टी को मजबूत बनाने की दिशा में काम किया. इसके बाद 7 जनवरी 2016 को उन्हें त्रिपुरा की BJP इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. अपने कार्यकाल में उन्होंने आलाकमान को प्रभावित करने वाले कई काम किए. इसमें सबसे प्रमुख था 2017 में सुदीप राय बर्मन के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायकों को BJP में लाना. 2018 में वह पार्टी की राज्य में पहली जीत के नायक साबित हुए और BJP ने उन्हें बतौर तोहफा CM की कुर्सी पर बैठा दिया.
बयानों पर मचा था बवाल
त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लव देब के कई बयानों पर बवाल मच चुका है. राजधानी अगरतला में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि महाभारत काल में भी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध थीं और उस समय इंटरनेट-सैटेलाइट की व्यवस्था भी थी. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा था कि हस्तिनापुर में बैठे धृतराष्ट्र को संजय ने बताया था कि युद्ध के मैदान में क्या हो रहा है. इतनी दूर रहकर भला आंख से कोई कैसे देख सकता है, इसका मतलब उस समय भी इंटरनेट और सैटेलाइट था. इसी तरह, बिप्लब देब ने 2018 में बेरोजगारी को लेकर अपने एक बयान में युवाओं को नौकरी के पीछे भागने की जगह पान की दुकान खोलने की सलाह दी थी. पूर्व CM ने एक कार्यक्रम के दौरान डायन हेडन को लेकर भी टिप्पणी की थी.
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