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ED की एक कार्रवाई कहीं ढीली न कर दे NDA गठबंधन की गांठ, नीतीश हैं नाराज?
मोदी सकरार के प्रमुख सहयोगी नीतीश कुमार प्रवर्तन निदेशालय की एक कार्रवाई को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सरकार की सबसे मजबूत एजेंसी मानी जाने वाली ED की एक कार्रवाई मोदी सरकार के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है. प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी कहे जाने वाले एक IAS अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी की थी. जांच एजेंसी के इस एक्शन से नीतीश कुमार नाराज बताए जा रहे हैं. नीतीश की जनता दल यूनाइटेड केंद्र की मोदी सरकार की प्रमुख सहयोगी है. नीतीश और चंद्रबाबू नायडू के कंधों पर मोदी सरकार टिकी है. ऐसे में नीतीश की नाराजगी केंद्र सरकार को भारी पड़ सकती है. भले ही JDU के किसी भी नेता ने सार्वजनिक तौर पर ED की कार्रवाई के लिए केंद्र पर सवाल न उठाए हों, लेकिन इससे उनका पारा हाई ज़रूर हुआ है.
इशारों-इशारों में चेताया
आईएस संजीव हंस ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव हैं. उन्हें CM नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है. हाल ही में ईडी की टीम ने पटना, दिल्ली, अमृतसर, चंडीगढ़ और पुणे के करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें हंस के भी ठिकाने शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संजीव हंस के घर से 1100 ग्राम यानी 110 तोला सोना और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया है. ED की इस कार्रवाई से जनता दल यूनाइटेड में रोष है. बताया तो यहां तक जाता है कि हंस से जुड़े परिसरों पर छापेमारी के बाद, JDU के एक वरिष्ठ नेता ने बीजेपी कोटे से उप-मुख्यमंत्री बने नेता को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाई से सहयोगियों के बीच मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं.
यूपी पर भी JDU नाखुश
माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में कावड़ यात्रा को लेकर सरकार के आदेश से JDU की नाराज़गी , संजीव हंस पर छापेमारी से उपजी नाराज़गी का ही परिणाम है. योगी सरकार ने कावड़ यात्रा को जारी आदेश में कहा है कि यात्रा के रास्ते में हर खाने वाली दुकान या ठेले के मालिक को अपने नाम का बोर्ड लगाना होगा.जेडीयू नेता केसी त्यागी ने यूपी सरकार के इस फैसले पर नाराज़गी व्यक्त की थी. उन्होंने कहा था कि कांवड़ यात्रा सदियों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों से गुजर रही है और सांप्रदायिक तनाव की सूचना नहीं मिली है. हिंदू, मुस्लिम और सिख भी स्टॉल लगाकर तीर्थयात्रियों का स्वागत करते हैं. इतना ही नहीं, मुस्लिम कारीगर भी कांवर बनाते हैं. लिहाजा ऐसे आदेशों से सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है.
यहां भी बढ़ सकता है विवाद
बिहार को विशेष दर्जा देने के मुद्दे पर भाजपा और JDU में मतभेद दिखाई दे रहे हैं. नीतीश कुमार चाहते हैं कि बिहार को विशेष दर्जे का ऐलान जल्द से जल्द किया जाए. जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले से ही बिहार को ज्यादा देते रहे हैं. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि राज्य के विकास के लिए जो भी जरूरी होगा, PM मोदी ज़रूर देंगे. सियासी पंडितों का मानना है कि नीतीश की इस मांग के पूरी होने की संभावना बेहद कम है, और ऐसे में उनका भाजपा से टकराव बढ़ सकता है. यदि ऐसा हुआ तो फिर केंद्र की मोदी सरकार मुश्किल में पड़ जाएगी. नीतीश कुमार का वैसे भी पाला बदलने का इतिहास रहा है.
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